एटीएम की खराबी की वजह से एटीएम लेनदेन फेल हो सकता है या एटीएम मशीन कैश बाहर नहीं आ सकती है। चिंता करने या घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि बैंक एक निर्धारित समय के भीतर आपके आकाउंट में राशि जमा कर देगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) एक सार्वजनिक जागरूकता कदम उठाया है ताकि लोगों का एटीएम से कैश निकासी को लेकर चिंतित न होना पड़े।

एटीएम लेनदेन फेल होने पर क्या करें आरबीआई ने सुझाए रास्ते
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ट्वीट किया कि अगर आपका एटीएम लेनदेन फेल होता है और आपका बैंक एक निर्दिष्ट समय अवधि के भीतर आपके अकाउंट से डेबिट किए गए धन को वापस नहीं लौटता है, तो आपका बैंक आपको देरी की भरपाई करेगा। आरबीआई ने अपनी वेबसाइट पर ‘अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों’ में एटीएम से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए।
फेल एटीएम ट्रांजेक्शन रिफंड के बारे में जाने मुख्य बातें-
- आरबीआई ने कहा कि बैंकों को इस तरह के लेनदेन को अपने हिसाब से करना चाहिए।
- केंद्रीय बैंक ने कहा कि कार्ड जारी करने वाले बैंक या एटीएम मालिक बैंक से जल्द से जल्द शिकायत दर्ज करना एक अच्छा अभ्यास है।
- आरबीआई के अनुसार, एटीएम लेनदेन फेल होने के मामले में बैंकों को 5 कैलेंडर दिनों के भीतर ग्राहक के खाते को फिर से क्रेडिट करने के लिए अनिवार्य किया गया है।
- एटीएम लेनदेन फेल होने के 5 दिन के भीतर ग्राहक को राशि क्रेडिट नहीं होती है तो फिर से जमा करने में देरी के लिए बैंक को प्रतिदिन 100 रुपए मुआवजा देना पड़ेगा। ग्राहक अपने बैंक से संपर्क कर सकता है और उनके साथ मामले को उठा सकता है।
- बैंक से उत्तर प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर या 30 दिनों के भीतर बैंक से उत्तर न मिलने की स्थिति में ग्राहक बैंकिंग लोकपाल के पास मामले को ले जा सकता है।
