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  • रायपुर में ऑनलाइन चाकू मंगवाकर पेट्रोल-पंप मैनेजर का मर्डर:फ्लिपकार्ट और इलास्ट्रीक रन कोरियर के 6 कर्मचारी गिरफ्तार…

    रायपुर में ऑनलाइन चाकू मंगवाकर पेट्रोल-पंप मैनेजर का मर्डर:फ्लिपकार्ट और इलास्ट्रीक रन कोरियर के 6 कर्मचारी गिरफ्तार…

    राजधानी रायपुर में पेट्रोल पंप के मैनेजर को मारने के लिए आरोपियों ने फ्लिपकार्ट से चाकू ऑर्डर किया था। जो ऑनलाइन इलास्ट्रीक रन कोरियर के माध्यम से पहुंचा था। इस मामले में पुलिस ने आधा दर्जन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। मामला मंदिर हसौद थाना क्षेत्र का है।

    बता दें कि 16 जुलाई की रात 2 बदमाश बाइक लेकर पेट्रोल पंप पहुंचे थे। जहां उन्होंने 50 रुपए का पेट्रोल डलवाया फिर मैनेजर से पैसे छीनने लगे। जब मैनेजर ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने यही चाकू निकाला और उसके गले में मारा, जिससे उसकी मौत हो गई थी। घटना का CCTV भी सामने आया है।

    मोबाइल में पुलिस को मिले सबूत

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी कुनाल तिवारी (24) और समीर टंडन (22) अभनपुर के रहने वाले है। उन्होंने पूछताछ में बताया कि मर्डर के लिए चाकू ऑनलाइन फ्लिपकार्ट से ऑर्डर किया था।

    पुलिस का कहना हैं कि इसी चाकू से लूट, हत्या और हत्या का प्रयास जैसी गंभीर घटनाओं को अंजाम दिया गया। आरोपी कुनाल के मोबाइल की जांच पर आरोपी के मोबाइल नंबर से फ्लिप कार्ड ऑनलाइन शॉपिंग साइट से ऑनलाइन चाकू मंगवाने के सबूत मिले। इसके अलावा अन्य 2 चाकू को भी फ्लिपकार्ट के माध्यम से मंगवाना गया था।

    पुलिस ने ऑनलाइन कंपनियों को दी थी हिदायत

    रायपुर पुलिस ने मीटिंग और पत्राचार के माध्यम से समस्त ऑनलाइन प्लेटफार्म के मैनेजरों एवं डिस्ट्रीब्यूटरों को हिदायत थी कि ऐसा कोई भी घातक चाकू व हथियार डिलीवरी न किया जाए। जिससे मानव जीवन पर संकट उत्पन्न हो,

    लेकिन पुलिस ने जांच में पाया कि फ्लिपकार्ट और इलास्ट्रीक रन कोरियर के मैनेजर और कार्य करने वाले डिस्ट्रीब्यूटर व अन्य कर्मचारी ऑनलाइन पार्सल में बारकोड के माध्यम से चाकू होने की जानकारी होते हुए भी ग्राहकों को चाकू डिलवरी किया था।

    इस मामले में पुलिस ने धारा 125(बी), 3(5) बी.एन.एस. का  अपराध दर्ज किया। इसके बाद दोनों कंपनी के आधे दर्जन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में और भी लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।

    गिरफ्तार आरोपी

    1. गुलरेज अली पिता स्व० गुलेसर अली उम्र 42 वर्ष निवासी सीया रेसीडेंसी पचपेड़ी नाका रायपुर थाना टिकरापारा जिला रायपुर।
    2. मोहित कुमार पिता सतीश चंद उम्र 37 वर्ष निवासी ए-202 डालिलियन प्लाजा मोवा थाना पंडरी जिला रायपुर।
    3. अभिजीत गोस्वामी पिता अर्धेदु गोस्वामी उम्र 37 वर्ष निवासी कृष्णा गेस्ट हाऊस रूम नं. 106 नियर कृष्णा लैंड मार्क कोटा रायपुर।
    4. दिनेश कुमार पिता उत्तम साहू उम्र 32 वर्ष निवासी अमलेश्वर थाना अमलेश्वर जिला दुर्ग।
    5. हरीशंकर साहू पिता बलीराम साहू उम्र 28 वर्ष निवासी बकतरा थाना अभनपुर जिला रायपुर।
    6. आलोक साहू पिता सुखलांबर साहू उम्र 23 वर्ष निवासी लोधीपारा चौक के पास थाना पंडरी जिला रायपुर।
  • सुनील सिंह बने छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक, दिल्ली में राज्य की जनसंपर्क गतिविधियों को मिलेगी नई मजबूती…

    सुनील सिंह बने छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक, दिल्ली में राज्य की जनसंपर्क गतिविधियों को मिलेगी नई मजबूती…

    छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सुनील सिंह को पदोन्नति के बाद अपर संचालक (Additional Director) नियुक्त किया गया है। वर्तमान में नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सूचना केंद्र में पदस्थ सुनील सिंह की पदोन्नति को राष्ट्रीय राजधानी में राज्य की जनसंपर्क गतिविधियों, मीडिया समन्वय और छत्तीसगढ़ की विकासोन्मुख छवि को और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
    नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सुनील सिंह को पदोन्नति के उपरांत अपर संचालक (Additional Director) बनाया गया है। वर्तमान में वे नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सूचना केंद्र में पदस्थ हैं। उनकी पदोन्नति को राष्ट्रीय राजधानी में राज्य की जनसंपर्क गतिविधियों और मीडिया समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

    सुनील सिंह लंबे समय से छत्तीसगढ़ सूचना केंद्र, नई दिल्ली के माध्यम से राज्य सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में सूचना केंद्र ने राष्ट्रीय मीडिया, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और विभिन्न संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए छत्तीसगढ़ की सकारात्मक और विकासोन्मुख छवि को व्यापक पहचान दिलाने का सतत प्रयास किया है।

    राष्ट्रीय राजधानी में कार्यरत विभिन्न मीडिया संस्थानों के वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि अन्य राज्यों के सूचना केंद्रों की तुलना में छत्तीसगढ़ सूचना केंद्र ने हाल के वर्षों में अपनी सक्रियता, त्वरित संवाद व्यवस्था और मीडिया समन्वय के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई है। उनका कहना है कि सुनील सिंह के नेतृत्व में सूचना केंद्र लगातार बेहतर से बेहतरीन कार्यशैली की ओर अग्रसर रहा है, जिससे राज्य से जुड़ी विकासपरक सूचनाओं को राष्ट्रीय मीडिया में प्रभावी स्थान मिला है।

    छत्तीसगढ़ सूचना केंद्र लंबे समय से राज्य और केंद्र के बीच एक महत्वपूर्ण संवाद सेतु के रूप में कार्य कर रहा है। यह केंद्र न केवल राष्ट्रीय मीडिया के साथ समन्वय स्थापित करता है, बल्कि विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, नीति-निर्माताओं, निवेशकों, उद्योग जगत, शिक्षाविदों और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों तक राज्य की उपलब्धियों एवं संभावनाओं को भी प्रभावी ढंग से पहुंचाने का कार्य करता है।

    सुनील सिंह की पदोन्नति से यह अपेक्षा व्यक्त की जा रही है कि छत्तीसगढ़ सरकार की विकासोन्मुख नीतियों, निवेश संभावनाओं, सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याणकारी योजनाओं का राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रभावी प्रचार-प्रसार होगा। साथ ही, दिल्ली स्थित सूचना केंद्र की मीडिया आउटरीच और संस्थागत समन्वय को भी नई गति मिलेगी।

  • ED की रिमांड में भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव:300 करोड़ के ट्रांजेक्शन, शेल कंपनियों, हवाला नेटवर्क की जांच; 8 दिनों तक पूछताछ होगी….

    ED की रिमांड में भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव:300 करोड़ के ट्रांजेक्शन, शेल कंपनियों, हवाला नेटवर्क की जांच; 8 दिनों तक पूछताछ होगी….

    बिलासपुर के कथित तांत्रिक और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले कृष्ण कुमार उर्फ केके श्रीवास्तव को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 करोड़ रुपए की कथित कमीशनखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है।

    कोर्ट ने उन्हें 7 अगस्त तक ईडी की रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान अधिकारी उनसे कथित मनी ट्रेल, हवाला नेटवर्क और शैल कंपनियों के जरिए करीब 300 करोड़ रुपए के वित्तीय लेन-देन समेत मामले के अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ करेंगे।

    केके श्रीवास्तव के घर की तलाशी में ईओडब्ल्यू को ट्रांजेक्शन का ब्योरा भी मिला था।
    केके श्रीवास्तव के घर की तलाशी में ईओडब्ल्यू को ट्रांजेक्शन का ब्योरा भी मिला था।

    हवाला के जरिए विदेश भेजी गई रकम

    ईडी के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि कथित कमीशन की रकम हवाला के जरिए अमेरिका समेत कई देशों में भेजी गई। वहां शैल कंपनियों के जरिए धन को वैध दिखाया गया।

    इसके बाद भारत में केके श्रीवास्तव से जुड़े कथित नेटवर्क के जरिए जमीन, कंपनियों और अन्य कारोबार में निवेश किया गया। एजेंसी अब इस पूरे वित्तीय नेटवर्क और धन के लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है।

    केके श्रीवास्तव के खिलाफ 15 करोड़ की कथित ठगी के मामले में EOW पहले ही कार्रवाई कर चुकी है।
    केके श्रीवास्तव के खिलाफ 15 करोड़ की कथित ठगी के मामले में EOW पहले ही कार्रवाई कर चुकी है।

    विधानसभा थाने में भी दर्ज हुआ मामला

    ED की कार्रवाई से पहले विधानसभा थाना पुलिस ने भी एक नया मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता संदीप सेठ ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक निजी कंपनी में डायरेक्टर बनाकर उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया।

    इन दस्तावेजों के आधार पर मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खाते खोले गए। पुलिस को आशंका है कि इन्हीं बैंक खातों के जरिए विदेश से धन का लेन-देन किया गया और उनका इस्तेमाल केके श्रीवास्तव से जुड़े वित्तीय लेन-देन में किया गया।

    कारोबारी अशोक रावत, जिन्होंने केके श्रीवास्तव पर ठगी का आरोप लगाया है।
    कारोबारी अशोक रावत, जिन्होंने केके श्रीवास्तव पर ठगी का आरोप लगाया है।

    कारोबारी अशोक रावत की शिकायत से शुरू हुई जांच

    पूरा मामला दिल्ली के कारोबारी अशोक रावत की शिकायत से जुड़ा है। आरोप है कि स्मार्ट सिटी और एनआरडीए के करीब 500 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट दिलाने के नाम पर केके श्रीवास्तव ने उनसे 15 करोड़ रुपए लिए थे।

    ठेका नहीं मिलने पर रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद शिकायत के आधार पर तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज की गई।

    ईडी को आधा दर्जन से ज्यादा शैल कंपनियों की जानकारी

    बताया जा रहा है कि जांच के दौरान ईडी को केके श्रीवास्तव और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी आधा दर्जन से अधिक शैल कंपनियों की जानकारी मिली है। इन कंपनियों के बैंक खातों में करीब 300 करोड़ रुपए के लेन-देन की जांच की जा रही है।

    मामले में ईडी, ईओडब्ल्यू और पुलिस जांच कर रही हैं।

  • बिलासपुर सेंट्रल जेल में कैदी की मौत, जलती भट्ठी में कूद गया था, दोहरे हत्याकांड में मिली थी उम्रकैद की सजा…

    बिलासपुर सेंट्रल जेल में कैदी की मौत, जलती भट्ठी में कूद गया था, दोहरे हत्याकांड में मिली थी उम्रकैद की सजा…

    बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में केंद्रीय जेल में दोहरे हत्याकांड का सजायाफ्ता एक कैदी ने आत्महत्या कर ली। कैदी गैसीफायर प्लांट की भट्ठी में कूद गया जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद जेल प्रशासन ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। पिछले डेढ़ महीने के दौरान केंद्रीय जेल में किसी कैदी की मौत का पांचवां मामला है।

    मामले की जानकारी देते हुए जेल के एक अधिकारी ने बताया कि जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह निवासी राहुल कंवर उम्रकैद की सजा काट रहा था। उसे 2016 से दोहरे हत्याकांड के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

    बुधवार शाम की है घटना

    एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम को केंद्रीय जेल की रसोई से जुड़ा लकड़ी और बायोमास-आधारित गैसीफायर प्लांट चालू था, तभी राहुल कंवर अचानक उस जगह की ओर भागा और भट्टी में कूद गया। उन्होंने बताया कि जब तक जेलकर्मी और अन्य कैदी उसे बाहर निकाल पाते, तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुका था और उसकी मौत हो गई।

    उन्होंने बताया कि घटना के बाद बिलासपुर के जिलाधिकारी संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और जेल के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल केंद्रीय जेल पहुंचे। पुलिस टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए।

    आत्महत्या का मामला

    उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। हालांकि, मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका सटीक पता लगाने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस और जेल प्रशासन इस घटना की विस्तृत जांच कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, पिछले डेढ़ महीने में बिलासपुर केंद्रीय जेल के भीतर किसी कैदी की मौत का यह पांचवां मामला है।

    • बिलासपुर केंद्रीय जेल में कैदी ने की आत्महत्या
    • जलती हुई भट्टी में कूद गया कैदी
    • दोहरे हत्याकांड में काट रहा था उम्र कैद की सजा
    • जेल प्रशासन ने न्यायिक जांच के दिए आदेश

     

    23 जून को भी एक कैदी ने की थी आत्महत्या

    अधिकारियों ने बताया कि 23 जून को एक सजायाफ्ता कैदी ने जेल के भीतर एक अन्य कैदी की हत्या कर दी थी। इसके बाद तीन अन्य कैदियों की अलग-अलग घटनाओं में बीमारी और दुर्घटनावश लगी चोटों के कारण मौत हो गई थी।

  • साथी ट्रेनी IPS का किया शारीरिक शोषण, प्राइवेट वीडियो बना कर किया ब्लैकमेल, आरोपी ट्रेनी अफसर की तलाशी शुरू…

    साथी ट्रेनी IPS का किया शारीरिक शोषण, प्राइवेट वीडियो बना कर किया ब्लैकमेल, आरोपी ट्रेनी अफसर की तलाशी शुरू…

    तेलंगाना में ट्रेनी भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक महिला ट्रेनी IPS अधिकारी की शिकायत के बाद आरोपी ट्रेनी IPS अधिकारी मुलागानी उदय कृष्णा रेड्डी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पर अंतरिम राहत नहीं मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। महिला अधिकारी ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने लंबे समय तक उसका यौन उत्पीड़न किया, शारीरिक हमला किया, उसकी जानकारी के बिना प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड किया और उसी वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है।

    हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद से फरार आरोपी

    तेलंगाना पुलिस के अनुसार, मुलागानी उदय कृष्णा रेड्डी ने हाई कोर्ट में अपने खिलाफ दर्ज केस को रद्द करने और गिरफ्तारी से राहत देने की मांग की थी। लेकिन अदालत से उसे अंतरिम राहत नहीं मिली। इसके बाद पुलिस जब पूछताछ के लिए नोटिस देने उसके दोनों बताए गए पतों पर पहुंची तो वह वहां नहीं मिला। उसका मोबाइल फोन भी लगातार बंद मिला। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश के लिए मैनहंट शुरू कर दिया। इस मामले की जांच इंस्पेक्टर ज्योत्सना कर रही हैं, जबकि पूरी जांच की निगरानी SHE Teams की डीसीपी लावण्या नाइक जाधव कर रही हैं। डीसीपी ने महिला ट्रेनी IPS अधिकारी का बयान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अकादमी के अधिकारियों की मौजूदगी में दर्ज किया।

    महिला ट्रेनी IPS ने लगाए गंभीर आरोप

    करीब 30 वर्षीय महिला ट्रेनी IPS अधिकारी ने शिकायत में कहा कि 23 जून से आरोपी उसे इंस्टेंट मैसेजिंग एप पर अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेज रहा था। वह अकादमी में उसके बारे में अपमानजनक टिप्पणियां भी करता था। महिला अधिकारी का आरोप है कि आरोपी ने उस पर दूसरे ट्रेनी अधिकारी के साथ संबंध होने का झूठा आरोप लगाया और उसे इसे स्वीकार करने का दबाव बनाया। शिकायत के अनुसार, 9 जुलाई को आरोपी ने उसे जबरन अपने कमरे में ले जाकर बाल पकड़कर मारपीट की, गला दबाने की कोशिश की, चाकू गर्दन पर रखकर डराया और बाहर नहीं जाने दिया। अगले दिन भी उसके साथ मारपीट की गई। महिला अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसकी जानकारी और सहमति के बिना उसका प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे उसके पति को भेजकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की।

    कई गंभीर धाराओं में केस, अकादमी से किया गया सस्पेंड

    शिकायत के आधार पर अत्तापुर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इनमें महिला की मर्यादा भंग करने की कोशिश, यौन उत्पीड़न, पीछा करना, गलत तरीके से बंधक बनाना, चोट पहुंचाना, आपराधिक धमकी और महिला का अपमान करने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की गोपनीयता के उल्लंघन और यौन स्पष्ट सामग्री से जुड़ी धाराएं भी लगाई गई हैं। प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों के आधार पर सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) ने आरोपी ट्रेनी अधिकारी को प्रशिक्षण से निलंबित कर दिया है और उसके खिलाफ आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है।

    शिकायत के बाद आत्महत्या करने का किया गया दावा

    मामला दर्ज होने के अगले दिन आरोपी ने कथित तौर पर अधिक मात्रा में शराब पी ली और बेहोश हो गया था। उसके भाई और दोस्तों ने उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। शुरुआत में आत्महत्या की कोशिश की आशंका जताई गई, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि गैस्ट्रिक जांच में कोई असामान्य चीज नहीं मिली। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल कथित सुसाइड नोट को लेकर पुलिस ने कहा कि उनके पास ऐसा कोई दस्तावेज बरामद नहीं हुआ है। दूसरी ओर आरोपी ने सोशल मीडिया पोस्ट में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद और झूठा बताते हुए कहा है कि उसे न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है और उसे विश्वास है कि सच सामने आएगा। अस्पताल से आरोपी को दो दिन बाद छुट्टी दे दी गई थी। बाद में कोर्ट ने उसकी अंतरिम जमानत की याचिका खारिज की जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाशी कर रही है।

  • ‘मैं पोस्ट डिलीट नहीं करूंगी..’, बीजेपी सांसद की बेटी प्रधान के खिलाफ पोस्‍ट? मच गया बवाल…

    ‘मैं पोस्ट डिलीट नहीं करूंगी..’, बीजेपी सांसद की बेटी प्रधान के खिलाफ पोस्‍ट? मच गया बवाल…

    नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर देशभर में पिछले 40 दिनों से प्रदर्शन जारी थी. छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद छात्र खुशी से झूम उठे. प्रधान के इस्तीफे का लोगों ने अपने तरीके से जश्न मनाया. कई लोगों ने सोशल मीडिया पर स्‍टोरी लगाई तो कई लोगों ने पोस्‍ट किए. इन्हीं सब में बीजेपी के नेता की बेटी की एक पोस्ट जमकर वायरल हो रही है, जिसमें वह प्रधान के इस्तीफे पर अपनी खुशी जाहिर कर रही है.

    ओडिशा के भुवनेश्वर से बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सचिन राहर की पोस्ट इस समय हर जगह वायरल है . उनकी इस पोस्ट पर लोग तरह तरह के कमेंट कर रहे हैं, इसके साथ ही तारीफ भी कर रहे हैं कि भले ही बीजेपी सांसद की बेटी है. इसके बाद भी उसने पोस्‍ट की हे. हालांकि उनकी इस पोस्ट ने बीजेपी में खलबली मचा दी है. पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच उनका पोस्ट सुर्खियों में बना हुआ है.

    अर्चना ने क्या किया था पोस्ट
    आर्चिता ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर को तिरंगा झंडा लगाकर शेयर की थी. जिसमें उन्होंने लिखा, ‘Dharmendra Pradhan resigns amid massive student protests over NEET leak fiasco.’.

    आर्चिता की यह पोस्ट जैसे ही सामने आई. शुरुआत में लगा कि आईडी हैक हो चुकी है. हालांकि इसके बाद आर्चिता की एक और पोस्ट आई जिसने साफ कर द‍िया कि यह उन्‍होंने ही की है. नीट पेपर लीक विवाद के बीच प्रधान के इस्तीफे को लेकर की गई इस टिप्पणी पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की है जताई. कई लोग यह भी कहते नजर आ रहे हैं कि पार्टी परिवार के समान होती है, परिवार के लिए इस तरह के शब्दों का यूज नहीं करना चाहिए. हालांकि बाद में उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भी डिएक्टिवेट हो गया.

    नहीं करूंगी पोस्ट डिलीट-आर्चिता
    आर्चिता की सोशल मीड‍िया पोस्‍ट जैसे ही सामने आई तरह-तरह के बयान सामने आने लगे. इसके साथ ही परिवार यानी की मां अपराजिता सारंगी ने भी पोस्ट हटाने को कहा. लेकिन आर्च‍िता ने ऐसा करने से साफ इनकार कर द‍िया. उन्‍होंने यह भी लिखा कि उनके ऊपर पोस्ट डिलीट करने का बहुत दबाव है लेकिन वो ऐसा नहीं करेगी. हालांकि अब अर्चिता का अकाउंट डीएक्टिवेट हो गया है.

    प्रधान के समर्थन में उतरी अपराजिता सारंगी
    विवाद बढ़ने के बाद शनिवार रात को अपराजिता सारंगी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर धर्मेंद्र प्रधान के पक्ष में बयान दिया. उन्होंने लिखा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना बेहद साहस का काम है. वह इस कठिन समय में धर्मेंद्र प्रधान के साथ मजबूती से खड़ी हैं. हालांकि सांसद कार्यालय के असिस्टेंट धनेश्वर बारिक ने बेटी का बचाव किया. उन्‍होंने कहा आज के समय में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है.

  • ध्रुव राठी और कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके की बातचीत….

    ध्रुव राठी और कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके की बातचीत….

    नई दिल्ली: यूट्यूबर ध्रुव राठी और “कॉकरोच जनता पार्टी” के प्रमुख अभिजीत दीपके के बीच हुई वीडियो कॉल बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है और लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर समर्थक और आलोचक दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स इसे सामान्य बातचीत बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं।

    कौन हैं ध्रुव राठी

    ध्रुव राठी जर्मनी के बर्लिन में रहने वाले एक लोकप्रिय भारतीय यूट्यूबर, सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और राजनीतिक टिप्पणीकार हैं, जो सामाजिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर अपने शिक्षाप्रद वीडियो के लिए जाने जाते हैं. इसके साथ ही वे अक्सर भारतीय सरकार और समाज की आलोचना करते हैं लाखों लोग उनके वीडियो देखते हैं प्रधानमंत्री मोदी के पूर्व समर्थक से वे उनके मुखर आलोचक बन गए और इतिहास, राजनीति और वैश्विक मामलों की गहन पड़ताल करते हुए वर्तमान घटनाओं पर अपनी राय रखते हैं. यूट्यूब और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे प्लेटफार्मों पर लाखों लोग उनके वीडियो देखते हैं.

    मीडिया में आई रिर्पोट की मानें तो वो हर महीने अपने वीडियो से 50 से 60 लाख तक कमाते हैं औऱ साथ ही रिपोर्ट के अनुसार उनकी सालाना इनकम 7.5 करोड़ रुपये है. दीपके बोले- हमें कॉकरोच कहने के लिए CJI का शुक्रिया केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधान के इस्तीफे लिए दीपके ने CJI सूर्यकांत का शुक्रिया अदा किया। दीपके बोले- अगर आपने हमें कॉकरोच न कहा होता, तो युवा सड़कों पर नहीं होते। प्रधान ने इस्तीफा न दिया होता।

    अभिजीत ने यह भी कहा- हम कॉकरोच हैं। एक बार घुस जाएं, तो आसानी से निकलते नहीं। अभी सिर्फ एक इस्तीफा हुआ है। कॉकरोच से पंगा मत लो। दरअसल, यह पूरी कहानी 72 दिन पहले CJI सूर्यकांत की मौखिक टिप्पणी से शुरू हुई थी। 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में CJI की बेंच एक वकील की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसी दौरान उन्होंने कहा था- कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। कॉकरोच वाली टिप्पणी ने ही अनजाने में इस आंदोलन को इसकी पहचान देने वाला प्रतीक दिया था। विरोध का मजाक उड़ाने के लिए इस्तेमाल शब्द को छात्रों ने अपना लिया।

    सोशल मीडिया पर कॉकरोच इमोजी की बाढ़ आ गई, रातों-रात मीम्स बनने लगे, कलाकारों ने कार्टून बनाए और कैंपस में व्यंग्यात्मक पोस्टर घूमने लगे। दीपके ने इस अपमान को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ में बदल दिया, जो पहले एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया पेज के तौर पर शुरू हुई थी और बाद में छात्र आंदोलन का चेहरा बन गई। जब इसका एक सोशल मीडिया अकाउंट हटा दिया गया, तो यह “कॉकरोच इज बैक” नाम से दूसरे अकाउंट के साथ लौटा, जिसकी टैगलाइन थी – “कॉकरोच कभी नहीं मरते।”

    CJP ने सड़क नहीं, डिजिटल रास्ते को चुना अतीत के कई छात्र आंदोलनों के विपरीत, इसने सड़कों पर उतरने से पहले ऑनलाइन जोर पकड़ा। CJP तेजी से देश के सबसे बड़े डिजिटल समुदायों में से एक बन गया। आज CJP के इंस्टाग्राम पर लगभग 2.63 करोड़ (26.3 मिलियन) फॉलोअर्स हैं, जबकि कांग्रेस के लगभग 1.48 करोड़ (14.8 मिलियन) और BJP के 95 लाख (9.5 मिलियन) फॉलोअर्स हैं।

    CJI का यह बयान सामने आया तो इसका विरोध होने लगा। नेताओं, लोगों और सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर आलोचना होने लगी। अगले ही दिन यानी 16 मई को CJI सूर्यकांत मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के एक इवेंट में शामिल होने जबलपुर पहुंचे। वहां उन्होंने कॉकरोच वाले कमेंट पर सफाई दी। CJI सूर्यकांत ने कहा- यह कहना पूरी तरह बेबुनियाद है कि मैंने देश के युवाओं की आलोचना की। यह पढ़कर दुख हुआ कि मीडिया के एक हिस्से ने एक मामूली मामले की सुनवाई के दौरान मेरे ओरल कमेंट्स को गलत तरीके से पेश किया। मैंने उन लोगों की आलोचना की थी जो नकली और फर्जी डिग्री के साथ कानूनी पेशे में आए थे। लेकिन मामला बहुत आगे बढ़ चुका था।

    16 मई को रात 12 बजे अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी नाम का सोशल मीडिया पेज बना दिया। उस दिन से 25 जुलाई तक यानी करीब 72 दिन में इस बयान के बाद बनी CJP देश में सबसे ज्यादा चर्चा में रही।

    ऐसे बनी कॉकरोच जनता पार्टी

    16 मई को रात 12 बजे अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी नाम का सोशल मीडिया पेज बना दिया। इंस्टाग्राम पर भी अकाउंट बनाया। एक वेबसाइट भी बनाई गई। X पर एक गूगल फॉर्म जारी हुआ। इसमें ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ लिखी एक तस्वीर के साथ कैप्शन था- ‘सभी कॉकरोचों के लिए एक नया प्लेटफॉर्म शुरू किया जा रहा है। अगर आप जॉइन करना चाहते हैं, तो लिंक पर क्लिक करें। पार्टी जॉइन करने के लिए 4 जरूरी योग्यताएं बताई गईं- ‘अनइम्प्लॉइड, लेजी, क्रॉनिकली ऑनलाइन, एबिलिटी टू रैंट प्रोफेशनली।’ इसके बाद लोग लगातार CJP से जुड़ रहे हैं।

    17 से 20 मई तक कॉकरोच पार्टी के फॉलोअर्स लगातार बढ़े, लेकिन 21 मई को इसके अकाउंट बंद कर दिए गए। इसी दिन कॉकरोच इज बैक नाम से दूसरा अकाउंट बन गया। 22 मई को सबसे पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा गया। 24 मई को वेबसाइट पर ऑनलाइन पिटीशन जारी की गई। इस पर प्रधान के इस्तीफे की मांग करने वाले 10 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था।

    आज भी रजिस्टर्ड नहीं है CJP

    कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP औपचारिक रूप से चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड राजनीतिक दल नहीं है। इसकी वेबसाइट पर व्यंग्य में लिखा गया है कि ये कॉकरोचिस्तान के नो इलेक्शन कमीशन पर कॉकरोच एक्ट के तहत एक नॉन-रजिस्टर्ड पार्टी है। 30 साल के अभिजीत दीपके इसके फाउंडर हैं। वही दीपके जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के लीडर रहे हैं।

    कब क्या क्या हुआ?

    3 मई- नीट-यूजी का आयोजन हुआ, 22 लाख उम्मीदवार शामिल हुए।

    12 मई – पेपर लीक के आरोपों के बाद नीट-यूजी को रद कर दिया गया।

    24 जुलाई- केंद्र और सीजेपी के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई। प्रदर्शनकारियों ने प्रधान के इस्तीफे पर जोर दिया। पार्टी से इस्तीफे तक… 10 तारीखें

    15 मई – कोर्ट की टिप्पणी बनी ट्रिगर

    16 मई – सोशल मीडिया पर बनी सीजेपी

    4 जून – पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में आह्वान

    6 जून – नई दिल्ली में सीजेपी के पहले प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए दीपके भारत आए, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।

    20 जून – सीजेपी ने जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू किया। 28 जून – सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की।

    18 जुलाई – वांगचुक को हटाया गया

    20 जुलाई – संसद मार्च, पहली वार्ता

    24 जुलाई – 26 दिन बाद केंद्र से आश्वासन मिलने के बाद सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म की।

    25 जुलाई – धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आंदोलन की सबसे बड़ी जीत

  • CJP का गठन, प्रदर्शन और अंततः जीत… सोशल मीडिया बैन से लेकर जंतर-मंतर के आंदोलन की पूरी कहानी….

    CJP का गठन, प्रदर्शन और अंततः जीत… सोशल मीडिया बैन से लेकर जंतर-मंतर के आंदोलन की पूरी कहानी….

    नई दिल्ली। 16 मई 2026 को अभिजीत दीपके द्वारा बेरोजगार युवाओं पर की गई टिप्पणी के बाद घोषित की गई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मात्र कुछ दिनों में लाखों फॉलोअर्स जुटा लिए। सोशल मीडिया पर अकाउंट सस्पेंड होने के बावजूद पार्टी ने जमीनी आंदोलन तेज किया।

    सोनम वांगचुक के साथ NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल चला। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हिंसा हुई।

    अंततः 25 जुलाई को मंत्री के इस्तीफे के बाद सरकार से दो मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद CJP ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। तो आईए जानते हैं सीजेपी के गठन से लेकर अब तक तारीख अनुसार टाइमलाइन

    • 21 मई के बीच सीजेपी के इंटरनेट मीडिया पर फालोवर की संख्या लाखों में पहुंच गई।
    • 21 मई को राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर सीजेपी का एक्स अकाउंट सस्पेंड किया गया है लेकिन बाद में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस अकाउंट को बहाल कर दिया गया
    • 1 जून को अभिजीत दीपके ने अमेरिका से भारत लौटकर दिल्ली में जमीनी स्तर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया
    • 2 जून को सीजेपी ने घोषणा की सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी आंदोलन से जुड़ेंगे
    • 6 जून को सीजेपी ने पुलिस की इजाजत से एक दिवसीय धरना दिया। जहां पर नीट पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा गया
    • 20 जून को जंतर-मंतर पर छात्र और सीजेपी समर्थक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए
    • 28 जून को सीजेपी की मांगों के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा कर दी
    • 9 जुलाई को सीजेपी ने मानसून सत्र के पहले दिन संसद मार्च का ऐलान कर दिया
    • 18 जुलाई की सुबह पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर सफदजंग अस्पताल में दाखिल कराया
    • 20 जुलाई को सीजेपी ने संसद मार्च किया जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई और लाठीचार्ज व आंसूगैस के गोलों की कार्रवाई में पुलिस कर्मी और कई प्रदर्शनकारी घायल हुए
    • 20 जुलाई को ही जेपी नड्डा ने सीजेपी के प्रतिनिधियों के बीच पहली औपचारिक वार्ता हुई, लेकिन उन्होंने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया
    • 21 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट की अनुमति के बाद सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में दाखिल किया गया
    • 23 जुलाई को ही देर रात उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना 26 दिवसीय अनशन समाप्त किया
    • 24 जुलाई को सीजेपी और केंद्रीय स्वास्थ्य़ मंत्री जेपी नड्डा के साथ वीपी हाउस कांस्टीट्यूशन क्लब में बातचीत हुई इसमें सरकार ने सीजेपी की तीन मांगों में से दो को मानने का आश्वासन दिया जबकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर चर्चा के लिए शनिवार तक का समय मांगा
    • 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में सीजेपी के पदाधिकारियों के साथ चर्चा हुई इसके बाद सीजेपी ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की
  • “CG पुलिस में बड़ा ट्रांसफर” 92″ASP-DSP के तबादले,,, सारंगढ़ बिलाईगढ़ के 3 अधिकारी भी शामिल,,,,देखे सूची…

    “CG पुलिस में बड़ा ट्रांसफर” 92″ASP-DSP के तबादले,,, सारंगढ़ बिलाईगढ़ के 3 अधिकारी भी शामिल,,,,देखे सूची…

    छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ सरकार के पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। गृह (पुलिस) विभाग ने आदेश जारी कर राज्यभर के कई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों (ASP) और पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) के तबादले किए हैं। आदेश के अनुसार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

    20 जुलाई 2026 को जारी गृह विभाग के आदेश में विभिन्न जिलों और पुलिस इकाइयों में पदस्थ अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। जिसमे लगभग 92 अधिकारीयों का तबादला हुआ है तबादला सूची में पुलिस मुख्यालय, बटालियन, जिला पुलिस और विशेष इकाइयों में पदस्थ ASP एवं DSP स्तर के अधिकारी शामिल हैं। शासन का कहना है कि यह प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को आगामी आदेश तक नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

    वही सारंगढ़ के 3 पुलिस अधिकारी का भी तबदला हुआ है जिसमे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पांडे का तबादला हुआ है और उन्हें स्थान पर धीरेन्द्र पटेल को मिली जिम्मेदारी और sdop बिलाईगढ़ विजय ठाकुर शामिल है और उनके स्थान पर दीपिका मिंज को जिम्मेदारी मिली है और वही sdop सारंगढ़ स्नेहिल साहू को बदला गया उनके स्थान पर गोविन्द सिँह दीवान को जिम्मेदारी मिली है

  • कॉकरोच जनता पार्टी के आगे मोदी सरकार झुकी! CJP के अल्टीमेटम पर कहा- जब चाहेंगे, तब बातचीत के लिए तैयार….

    कॉकरोच जनता पार्टी के आगे मोदी सरकार झुकी! CJP के अल्टीमेटम पर कहा- जब चाहेंगे, तब बातचीत के लिए तैयार….

    Cockroach Janata Party Protest: कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के प्रदर्शन के आगे मोदी सरकार (Modi government) झुक गई है। सरकार कॉकरोच जनता पार्टी से बातचीत के लिए तैयार हो गई है। यहां तक कि सरकार सीजेपी के मुताबिक बातचीत के लिए तैयार हो गई है। दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा (JP Nadda) ने सोनम वांगचुक से करीब 45 मिनट तक मुलाकात की। इसके बाद नड्डा ने कहा कि CJP के लोग जब भी चाहेंगे, सरकार बातचीत के लिए तैयार है।

    CJP ने भी सरकार के बातचीत के प्रस्ताव पर सहमति जताई है। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन सरकार से बातचीत करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं।

    CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने पहले यह दावा किया था कि CJP बातचीत नहीं करना चाहती, लेकिन अब सरकार ने खुद साफ कर दिया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि जब सरकार बातचीत के लिए तैयार है तो अब इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। CJP प्रवक्ता ने कहा कि संगठन किसी भी नेता के घर या दफ्तर में जाकर बैठक नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत करनी है तो या तो सरकार के प्रतिनिधि जंतर-मंतर आएं या फिर किसी सामान्य जगह पर बैठक हो सकती है। उन्होंने इसके लिए कांस्टीट्यूशन क्लब जैसी जगह का भी सुझाव दिया।

    अपनी शर्त पर करेंगे बातः CJP प्रवक्ता

    सौरव दास ने बताया कि दिल्ली पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने CJP से संपर्क किया था। पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि सरकार बातचीत करना चाहती है, लेकिन उन्होंने कहा कि CJP नेता बातचीत के लिए किसी नेता के घर नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदर्शन शुरू होने के पहले ही दिन बातचीत करनी चाहिए थी। सौरव दास ने कहा कि कल भी सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया था। उन्होंने कहा कि सभी लोग पढ़े-लिखे हैं और उन्हें पता है कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है।