CJP का गठन, प्रदर्शन और अंततः जीत… सोशल मीडिया बैन से लेकर जंतर-मंतर के आंदोलन की पूरी कहानी….
नई दिल्ली। 16 मई 2026 को अभिजीत दीपके द्वारा बेरोजगार युवाओं पर की गई टिप्पणी के बाद घोषित की गई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मात्र कुछ दिनों में लाखों फॉलोअर्स जुटा लिए। सोशल मीडिया पर अकाउंट सस्पेंड होने के बावजूद पार्टी ने जमीनी आंदोलन तेज किया।
सोनम वांगचुक के साथ NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल चला। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हिंसा हुई।
अंततः 25 जुलाई को मंत्री के इस्तीफे के बाद सरकार से दो मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद CJP ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। तो आईए जानते हैं सीजेपी के गठन से लेकर अब तक तारीख अनुसार टाइमलाइन
- 21 मई के बीच सीजेपी के इंटरनेट मीडिया पर फालोवर की संख्या लाखों में पहुंच गई।
- 21 मई को राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर सीजेपी का एक्स अकाउंट सस्पेंड किया गया है लेकिन बाद में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस अकाउंट को बहाल कर दिया गया
- 1 जून को अभिजीत दीपके ने अमेरिका से भारत लौटकर दिल्ली में जमीनी स्तर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया
- 2 जून को सीजेपी ने घोषणा की सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी आंदोलन से जुड़ेंगे
- 6 जून को सीजेपी ने पुलिस की इजाजत से एक दिवसीय धरना दिया। जहां पर नीट पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा गया
- 20 जून को जंतर-मंतर पर छात्र और सीजेपी समर्थक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए
- 28 जून को सीजेपी की मांगों के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा कर दी
- 9 जुलाई को सीजेपी ने मानसून सत्र के पहले दिन संसद मार्च का ऐलान कर दिया
- 18 जुलाई की सुबह पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर सफदजंग अस्पताल में दाखिल कराया
- 20 जुलाई को सीजेपी ने संसद मार्च किया जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई और लाठीचार्ज व आंसूगैस के गोलों की कार्रवाई में पुलिस कर्मी और कई प्रदर्शनकारी घायल हुए
- 20 जुलाई को ही जेपी नड्डा ने सीजेपी के प्रतिनिधियों के बीच पहली औपचारिक वार्ता हुई, लेकिन उन्होंने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया
- 21 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट की अनुमति के बाद सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में दाखिल किया गया
- 23 जुलाई को ही देर रात उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना 26 दिवसीय अनशन समाप्त किया
- 24 जुलाई को सीजेपी और केंद्रीय स्वास्थ्य़ मंत्री जेपी नड्डा के साथ वीपी हाउस कांस्टीट्यूशन क्लब में बातचीत हुई इसमें सरकार ने सीजेपी की तीन मांगों में से दो को मानने का आश्वासन दिया जबकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर चर्चा के लिए शनिवार तक का समय मांगा
- 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में सीजेपी के पदाधिकारियों के साथ चर्चा हुई इसके बाद सीजेपी ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की