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  • रथ द्वितीया पर्व में मनाया जाएगा गायत्री शक्तिपीठ का 27 वां प्राण प्रतिष्ठा वार्षिक उत्सव..

    रथ द्वितीया पर्व में मनाया जाएगा गायत्री शक्तिपीठ का 27 वां प्राण प्रतिष्ठा वार्षिक उत्सव..

    रथ द्वितीया पर्व में मनाया जाएगा गायत्री शक्तिपीठ का 27 वां प्राण प्रतिष्ठा वार्षिक उत्सव.
    अशोक महाराज होंगे मुख्य अतिथि..

    खरसिया। गायत्री शक्तिपीठ खरसिया का 27 वा॑ वार्षिक उत्सव रथ द्वितीया दिनांक 16 जुलाई वार गुरुवार शाम 7 बजे वैदिक मंत्रों चार संगीतमय महाद्विप यज्ञ शान्ति कुंज हरिद्वार प्रतिनिधि श्री बृजमोहन जी के द्वारा संगीतमय महाद्विप यज्ञ सम्पन्न कराया जावेगा जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मुंगलीपाली बरमकेला के भागवत प्रवक्ता विख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित श्री अशोक कुमार जी उपस्थित रहेंगे तथा विशिष्ट अतिथि खरसिया नगरपालिका अध्यक्ष कमल गर्ग होंगे।
    गायत्री परिवार ट्रस्ट प्रबंधक ट्रस्टी सुरेश कबुलपुरिया ने बताया कि यह गायत्री शक्तिपीठ माताओ मां गायत्री मां लक्ष्मी मां दुर्गा की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा शान्ति कुंज हरिद्वार वरिष्ठ आदरणीय डाक्टर श्री प्रणब पण्डाजी के कर कमलों में आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया रथ सवत 2056 को सम्पन्न हुआ है यह शक्तिपीठ खरसिया ह्रदय स्थल पर स्थित है भव्य सुंदर बड़ी प्रतिमा मां गायत्री मां लक्ष्मी मां दुर्गा के साथ परम पूज्य गुरुदेव श्री राम शर्मा जी माता भगवती देवी शर्मा की प्रतिमा विराजमान हैं। 16जुलाई शाम 7 बजे वैदिक मन्त्रों चार संगीतमय महाद्विप यज्ञ एवं आरती शान्ति पाठ के पश्चात बाद अमृत रूपी प्रसाद का विरतण किया जावेगा।
    गायत्री परिवार खरसिया ने सभी माताओं बहनों भाईयों से अपील की है कि उपरोक्त कार्यक्रम में परिवार सहित पहुंच कर माताओं का दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनावें। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विकास अग्रवाल, संदीप कबुलपुरिया, राकेश गर्ग, अंकित बंसल, राजेश अग्रवाल, अमित बंसल के साथ उप प्रबंधक ट्रस्टी जयप्रकाश, पवन अग्रवाल, श्रीमती कोशल्या देवी, श्रीमती विमला देवी, डाक्टर आर सी अग्रवाल, वासुदेव, सुरेश अग्रवाल कुडमकेला, प्रहलाद गर्ग, सुनील सुल्तानिया, घनश्याम अग्रवाल, सुनिल शर्मा सहित नगर के गणमान्य नागरिक तन मन से लगे हुए हैं।

  • अरूण चौधरी बने नगरीय निकाय प्रकोष्ट के जिला सह संयोजक.. प्रेस क्लब सहित नगर के पत्रकारों ने दी बधाई..

    अरूण चौधरी बने नगरीय निकाय प्रकोष्ट के जिला सह संयोजक.. प्रेस क्लब सहित नगर के पत्रकारों ने दी बधाई..

     

    खरसिया। वार्ड नं. 11 के सक्रिय एवं संघर्षशील पार्षद अरूण चौधरी को छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव की सहमति से एवं जिलाध्यक्ष अरूण धर दीवान एवं नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग की अनुशंसा पर भारतीय जनता पार्टी नगरीय निकाय प्रकोष्ठ द्वारा रायगढ़ जिला के सह संयोजक नियुक्त किया गया है। अरूण चौधरी के सह संयोजक नियुक्त होने पर वरिष्ठ भाजपा नेता गिरधर गुप्ता, बजरंग अग्रवाल, अशोक मंडी, गोपाल शर्मा, मंडल अध्यक्ष विजय शर्मा, विनोद कबूलपरिया, पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेश घनसू, सतीष अग्रवाल, मंडल महामंत्रीद्वय मनीष रावलानी, आनंद अग्रवाल, मीडिया प्रभारी संतोष यादव, हनुमान अग्रवाल, हरिओम शर्मा, गिरधारी गबेल, संजय अग्रवाल, पार्षदगण दीपक अग्रवाल, ललित राठौर, राधे राठौर, विनोद सिदार, देवप्रसाद चौहान, कार्यालय मंत्री किशोर शर्मा सहित अनेक भाजपा नेताओं ने बधाई दी है।

    *प्रेस क्लब ने दी बधाई*

    विगत अनेक वर्षों से पत्रकार के रूप में अपने सामाजिक दायित्यों के निर्वाहन कर रहे नगर पालिका के पार्षद अरुण चौधरी को प्रेस क्लब खरसिया के अध्यक्ष अजय गब्बर, सुनील अग्रवाल, विकास ज्योति, मनीष अग्रवाल सहित नगर के सभी पत्रकारों ने बधाईयाँ देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

  • छत्तीसगढ़ में फ्रेश क्राफ्ट बीयर की बिक्री को मंजूरी, जानिए कैसे मिलेगा लायसेंस…

    छत्तीसगढ़ में फ्रेश क्राफ्ट बीयर की बिक्री को मंजूरी, जानिए कैसे मिलेगा लायसेंस…

    छत्तीसगढ़ में बीयर पीने वालों के लिए अच्छी खबर है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और गोवा की तरह अब सीजी में भी अलग-अलग फ्लेवर वाली फ्रेश यानी क्राफ्ट बीयर मिलेगी। आपको बता दें राज्य सरकार ने माइक्रो ब्रुअरी खोलने को मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना है कि इससे अब लोगों को नया विकल्प मिलेगा।

    आबकारी विभाग जारी करेगा लाइसेंस

    आपको बता दें सरकार का ऐसा मानना है कि इस नए फैसले से लोगों को नया विकल्प मिलेगा। साथ ही इससे होटल-रेस्टोरेंट कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे सरकार की आय भी बढ़ेगी। गौरतलब है माइक्रो ब्रुअरी में लिमिटेड मात्रा में फ्रेश बीयर तैयार की जाती है। इसके बाद इसे उसी मौजूद रेस्तरां या ग्राहकों को सर्व किया जाता है।

     

    अभी तक कहां कहां बिकी है माइक्रो ब्रुअरी

    आपको बता दें बेंगलुरु को देश की ‘क्राफ्ट बीयर कैपिटल’ माना जाता है। इसके अलावा ये कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और गोवा जैसे प्रदेश में माइक्रो ब्रुअरी का चलन पहले से ही है। इसके बाद अब छत्तीसगढ़ भी इसकी लिस्ट में शामिल होने जा रहा है।

    लाइसेंस पाने के क्या हैं नियम

    आपकेा बता दें माइक्रो ब्रुअरी का लाइसेंस पाने के लिए कारोबारियों को 10 लाख रुपए की फीस देनी होगी। पहले ये सालाना 25 लाख रुपए थी। हालांकि, लाइसेंस लेने के साथ ही कारोबारियों को लाइसेंस फीस का 25% हिस्सा सुरक्षा राशि के रूप में पहले से जमा करना होगा।

     

    साथ ही इसे स्टार्ट करने के लिए 4 हजार वर्गफीट का एरिया होना जरूरी होगा। इसमें एक माइक्रो ब्रुअरी को रोजाना ज्यादा से ज्यादा 1 हजार लीटर क्राफ्ट बीयर बनाने की परमिशन होती है।

     

  • MLA भूपेश के पुत्र चैतन्य क्यों हुए गिरफ्तार…इस घोटाले में क्या है चैतन्य का रोल…

    MLA भूपेश के पुत्र चैतन्य क्यों हुए गिरफ्तार…इस घोटाले में क्या है चैतन्य का रोल…

    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया है। ईडी ने चैतन्य को गिरफ्तार कर विशेष न्यायाधीश डमरूधर चौहान की विशेष कोर्ट रायपुर में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें पांच दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। रिमांड के दौरान ईडी शराब घोटाला मामले को लेकर उनसे पूछताछ करेगी। बड़ा सवाल ये है कि ईडी ने चैतन्य बघेल को किस शक के आधार पर गिरफ्तार किया?। इस घोटाले में उनकी क्या भूमिका है? इसके पीछे की कहानी क्या है? इस गिरफ्तारी के पीछे एजेंसी ने क्या तर्क दिए हैं।

    इस गिरफ्तारी के बाद जो बातें सामने आ रही हैं। उसके मुताबिक, चैतन्य बघेल को धन शोधन रोधी अधिनियम की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, नए सबूत मिलने के बाद की गई छापेमारी के दौरान चैतन्य कथिततौर पर सहयोग नहीं कर रहे थे। चैतन्य बघेल से कथित रूप से जुड़ी कंपनियों को कथित शराब घोटाले से अर्जित लगभग 17 करोड़ रुपये की ‘अपराध आय’ प्राप्त हुई है। करीब 1,070 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ ही उनकी भूमिका एजेंसी की जांच के दायरे में है।

    बंसल, त्रिलोक और दीपेंद्र के जरिये चैतन्य तक पहुंचा पैसा


    ईडी के अधिकारियों को ये साबूत बघेल करीबियों से पूछताछ के बाद मिले हैं। पप्पू बंसल, त्रिलोक ढिल्लन और दीपेंद्र चावड़ा के माध्यम से चैतन्य बघेल पैसा पहुंचाया गया। ईडी के वकील सौरभ पांडेय ने रायपुर कोर्ट में कही। चैतन्य बघेल ने ये पैसा हवाला कारोबारियों की सहायता से अलग-अलग राज्यों में निवेश करवाया।  ईडी की कार्रवाई के दौरान एक पेन ड्राइव भी मिला है। इसे लेकर  ईडी ने पप्पू बंसल और दीपेन चावड़ा से पूछताछ की थी। इस मामले में ईडी ने दुर्ग के बघेल बिल्डकॉन और बिलासपुर के विट्टल ग्रीन्स को भी अपने जाँच के दायरे में रखा है। ईडी ने इनमें से कई लोगों के बयानों का हवाला देते हुए यह लिख रखा है कि इस पूरे चेन के ज़रिए लभभग एक हजार करोड़ रुपए लगाकर पैसे सफेद करने की कथित कोशिश का पता चला है। इस चेन में अनवर ढेबर ने दीपेंद्र को दिए गए शराब स्कैन के पैसे भी गए हैं। इनमें से अधिकांश आरोपी शराब घोटाला मामले में जेल में बंद हैं।

    चार महीने पहले भी पड़ी थी रेड
    ईडी शराब घोटाला, कोल घोटाला, महादेव सट्टा एप समेत कई मामलों की जांच कर रही है। 10 मार्च 2025 को ईडी टीम ने बस्तर, रायपुर और भिलाई में छापेमारी की थी। भूपेश बघेल के भिलाई और रायपुर स्थित निवास, कारोबारी पप्पू बंसल, दीपेन चावड़ा, समेत अन्य कारोबारियो के ठिकानों पर दबिश दी थी। आरोपियों से जब्त पेन ड्राइव से मिले बयानों की समीक्षा की। चार महीने बाद भूपेश बघेल की ठिकाने पर दोबारा दबिश देकर भिलाई से चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया।

    क्या करते हैं चैतन्य बघेल?
    चैतन्य बघेल रियल एस्टेट जुड़े हैं। उन्हें बिट्टू के नाम से भी जाना जाता है। जुलाई में उनके फार्म ने भिलाई में दो रिहायसी कॉलोनी विट्ठलपुरम और विट्ठल ग्रीन्स बनाई है। चैतन्य करोड रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। इस कारोबार से उन्हें हर कमाने करोड़ों रुपये की कमाई होती है।

  • नगरीय प्रशासन विभाग ने संशोधित आदेश किया जारी, छत्तीसगढ़ में ई-टेंडरिंग से अब 20 नहीं इतने लाख से अधिक के होंगे कार्य, देखें आदेश…..

    नगरीय प्रशासन विभाग ने संशोधित आदेश किया जारी, छत्तीसगढ़ में ई-टेंडरिंग से अब 20 नहीं इतने लाख से अधिक के होंगे कार्य, देखें आदेश…..

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के निगमों और पंचायतों में अब 10 लाख रुपए या इससे अधिक की राशि वाले ही कार्य ई टेंडरिंग के माध्यम से हो सकेंगे। इस संबंध में नगरीय प्रशासन विभाग ने संसोधित आदेश जारी किया है।

    पूर्व में ई टेंडरिंग से 20 लाख रुपए के कार्य होने का था आदेश

    पूर्व में जारी आदेश के अनुसार 20 लाख रुपए या उससे अधिक राशि के कार्यों के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया लागू थी, जिसे अब संशोधित कर 10 लाख रुपए कर दिया गया है। यह निर्णय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने, कार्य आवंटन को अधिक सुचारु बनाने और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।

    विकास कार्यों की गुणवत्ता में होगा सुधार

    सरकार के इस फैसले से नगरीय क्षेत्रों में विकास कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा और ठेका प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। आदेश जारी होने के बाद अब 10 लाख रुपए से अधिक के कार्यों के लिए अनिवार्य रूप से ई-टेंडरिंग प्रक्रिया अपनानी होगी।

  • रायगढ़ जिले की बदहाल सड़कों से नाराज़ मुख्यमंत्री ने पी डब्ल्यू डी प्रमुख अभियंता को निपटाया….

    रायगढ़ जिले की बदहाल सड़कों से नाराज़ मुख्यमंत्री ने पी डब्ल्यू डी प्रमुख अभियंता को निपटाया….

    रायगढ़। जिले की खराब सड़को की पहली गाज छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण प्रमुख अभियंता वी के भतपहरी पर गिरी है।
    मुख्य मंत्री भूपेश बघेल की नराजगी के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया। अब उनका कार्यभार मुख्य अभियंता के के पिपरी संभालेगें। पिछले दिनो सी एम भूपेश बघेल 3 दिनों के रायगढ़ प्रवास पर आये थे इस दौरान उन्होनें लैलूगा खरसिया व धर्मजयगढ़ विधान सभाओं में लोगों से भेट मुलाकत की थी। जिसमें उन्हें जिले की बदहाल सड़को का हाल देखने सुनने को मिला था। जिसके लिये सी एम ने अधिकारियों को बुरी तरह फटकार लगाते हुये सड़को को जल्द बनाने के निर्देश दिये। इस दौरे में उनके साथ लोक निर्माण विभाग सचिव सिध्दार्थ कोमल परदेशी भी थे। सी एम ने लोगो को अश्वस्त किया था की बरसात के बाद सड़को की हालत सुधारी जायेगी। लोक निर्माण विभाग में इस तरह अधिकारियों को बदलने का सिलसिला पुराना हैं। इसके पहले मंत्री से हुए विवाद पर वी के अग्रवाल को भी हटाया गया था । उस समय भतपहरी को जिम्मेदारी सौपी गयी थी । परंतु इस बार वी के भतपहरी ही मुख्यमंत्री की नराजगी का शिकार हो गये।

    छ.ग. में सड़को की बदहाली की बात करें तो ऐसी बहुत सी सड़क हैं जिसमें 2 से 4 फीट के बड़े बड़े गड्ढें हैं। पूरे छत्तीसगढ़ में सड़को की हालत बेहद खराब हैं खस्ताहाल सड़को पर लोगों का आवागमन कठिन हो गया है। इसके लिये काग्रेंस की अनदेखी को जिम्मेदार म‍ाना जाता हैं जिसने भाजपा की बिदाई के बाद कभी सड़को की सुध नहीं ली जिसकी वजह से सड़को की हालत इतनी खराब हुयी। अब तक मुख्य मंत्री इस जमीनी हकीकत से बेखबर थे, क्योंकी वे हेलीकाप्टर व हवाई जहाजो से दौरा करते थे। पहली बार सी एम भूपेश बघेल ने रायगढ़ जिले में हेलिकॉप्टर एवम सड़क मार्ग कार से भी सफर किया, तो उन्हे बदहाली का एहसास हुआ की जनता किस कदर परेशानी व कष्ट झेल रही है। अगले साल छत्तीसगढ़ में विधान सभा चुनाव होने हैं ऐसे में यदि सड़को की हालत को नहीं सुधारा गया तो काग्रेंस को बडा़ राजनैतिक नुकसान झेलना पड़ सकता हैं। भूपेश बघेल यह अच्छी तरह जानते हैं इसलिये वे सड़को को सुधारने की कवायद में जुट गयें हैं , जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही हो रही है।

  • अभिनेता रणदीप हुड्डा ने उठाए छग में कोयला खदानों की नीलामी पर सवाल, कहा- जानवरों की बड़ी आबादी को नहीं बख्शा गया, क्योंकि वो वोट नहीं देते ?

    अभिनेता रणदीप हुड्डा ने उठाए छग में कोयला खदानों की नीलामी पर सवाल, कहा- जानवरों की बड़ी आबादी को नहीं बख्शा गया, क्योंकि वो वोट नहीं देते ?

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में 17 नए कोयला खदानों की नीलामी की अनुमति मिलने पर बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने सवाल उठाया है. रणदीप हुड्डा ने ट्वीट कर कहा कि छत्तीसगढ़ में बिना कोयले की मांग में वृद्धि के 17 और खदानों को मंज़ूरी दे दी गई. तेंदुए, हाथियों, भालू और बाघों की बड़ी आबादी को नहीं बख्शा गया, क्योंकि वो वोट नहीं देते ? क्लाईमेट क्राइसेस का क्या ?

    दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के 18 में से 17 कोयला खदानों की नीलामी को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने इन खदानों का चयन किया है. इसके साथ ही राज्य कैबिनेट ने सरगुजा के चिरंगा में स्थापित हो रहे निजी एल्युमिनियम प्लांट को छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) के माध्यम से हर वर्ष अधिकतम 2.5 लाख टन बाक्साइड अयस्क देने के लिए लांग टर्म लिंकेज पॉलिसी का अनुमोदन किया है.
    कोयला खदानों की मंजूरी मिलने से वन्यजीव समृद्ध क्षेत्रों में खनन गतिविधियों के प्रभाव पर चिंताएं पैदा हो रही हैं, जहां कई हाथियों, भालू और तेंदुओं का घर है. जानकारों का मानना है कि कोयले की मांग में कोई वृद्धि नहीं होने के बावजूद मंजूरी दी गई. इससे जानवरों पर खतरा बढ़ गया है।
    बता दें कि हाल ही में रणदीप हुड्डा का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. जिसमें वो मायावती को लेकर कुछ ऐसा कमेंट कर देते हैं, जो लोगों को पसंद नहीं आया. इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर एक्टर को अरेस्ट करने की मांग भी उठी थी. जिसके बाद एक्टर रणदीप हुड्डा को यूनाइटेड नेशन ने जंगली जानवरों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण सम्मेलन (सीएमएस) के एम्बेसडर पद से हटा दिया था।

  • मंत्रालय सेवा भर्ती नियम में किया संशोधन,अब मैट्रिक पास नहीं बन पाएंगे अनुभाग अधिकारी,पदोन्नति तभी जब डिग्री रहेगी….

    मंत्रालय सेवा भर्ती नियम में किया संशोधन,अब मैट्रिक पास नहीं बन पाएंगे अनुभाग अधिकारी,पदोन्नति तभी जब डिग्री रहेगी….

    रायपुर। मंत्रालय में अब मैट्रिक पास नहीं बन पाएंगे अनुभाग अधिकारी, अवर सचिव और उप सचिव, पदोन्नति तभी जब डिग्री रहेगी।

    मंत्रालय भर्ती सेवा अधिनियम में संशोधन करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने पदोन्नति के समय कर्मचारी के पास स्नातक की उपाधि होना अनिवार्य कर दिया है। इस संशोधन के अनुसार अब हायर सेकेंडरी पास अनुभाग अधिकारी, अवर सचिव और उप सचिव नहीं बन पाएंगे।

    सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डीडी सिंह ने बताया कि पदोन्नति के लिए अनुभव और अन्य अर्हता होने के बाद अब स्नातक की उपाधि अभ्यर्थी के पास होने पर ही राजपत्रित पदों पर पदोन्नति मिल पाएगी। मंत्रालय सेवा में अब तक लिपिक और अन्य पदों में भर्ती के दौरान हायर सेकेंडरी और इंटरमीडिएट के साथ टायपिंग पास होने की योग्यता तय थी। इन पदों पर भर्ती के बाद समयनुसार पदोन्नति ओर अन्य लाभ मिलता था। इन पदों में भर्ती हुए कई लोग अवर सचिव और उप सचिव पद तक पहुंचे हैं। अब नए नियम के तहत उन लोगों को पदोन्नति पाने के लिए स्नातक की उपाधि होना अनिवार्य किया गया है। जीएडी ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि तीन और पांच वर्ष के अनुभव के अलावा स्नातक उपाधि नहीं होने पर राजपत्रित पदों पर पदोन्नति के लिए विचार नहीं किया जाएगा।

    लगातार उठ रही थी मांग
    छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से इसे लेकर लगातार मांग उठ रही थी कि मंत्रालय सेवा और उसके बाहर काम कर रहे कर्मचारियों की पदोन्नति के अर्हता में असमानता को दूर किया जाए। कई कर्मचारी संगठनों ने इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग को अवगत कराया था कि मंत्रालय में सभी कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिलता है। मंत्रालय के बाहर पदस्थ लोगों का अर्हता के नाम पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाता। कर्मचारी संगठनों ने नियम में संशोधन के निर्णय का स्वागत किया है।
    अब आएगी एकरूपता
    राज्य में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों में केवल अनुभव के आधार पर पदोन्नति दे दी जाती थी। सेवाकाल के आधार पर उन्हें पदोन्नति का लाभ मिल जाता था। जीएडी द्वारा अर्हता तय किए जाने के बाद अब पदोन्नति में एकरूपता आएगी।

  • छत्तीसगढ़ में जरूरी कागजात की होगी होम डिलीवरी….

    छत्तीसगढ़ में जरूरी कागजात की होगी होम डिलीवरी….

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल परिवहन विभाग द्वारा ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार अब पहुंचही जरूरी कागजात आपके द्वार’ नाम से शुरू की जा रही नई सुविधा का एक जून को दोपहर 12 बजे अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। इस नई सुविधा के माध्यम से परिवहन विभाग द्वारा प्रदेशवासियों को समस्त प्रकार के स्मार्ट कार्ड आधारित ड्रायविंग लायसेंस और रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र से संबंधित 22 परिवहन सेवाएं स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदकों एवं वाहन स्वामियों के घर के पते पर पहुंचाया जाएगा। आवेदकों को सेवाएं प्राप्त करने के लिए www.parivahan.gov.in पर आवेदन करना होगा।
    कार्यक्रम का लाइव प्रसारण https://m.facebook.com/ChhattisgarhCMO/ पर किया जाएगा।परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा शुरू की जा रही इस नई सुविधा में लाइसेंस की 10 और वाहन से सबंधित 12 सेवाएं घर पहुंचाकर दी जाएगी। नये वाहनों का पंजीयन, पुराने वाहनों का आरसीसी में संशोधन, नवीन ड्रायविंग लायसेंस व पुराने लायसेंस में कराए जाने वाले परिवर्तन के बाद ड्रायविंग लायसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) सीधे पंजीकृत पते भारतीय डाक के स्पीड पोस्ट के माध्यम से अधिकतम 7 दिवसों में उपलब्ध कराए जाएंगे।

    इन्हें विभाग द्वारा डिस्पेच करते हुए आवेदकों के दिए गए पते में स्पीड पोस्ट के ट्रेकिंग आईडी सहित एसएमएस भी भेजा जाएगा, जिससे आवेदकों को वस्तु-स्थिति की जानकारी मिल सके। यदि आवेदक घर में उपलब्ध नहीं रहता है तो भी आवेदक को एसएमएस के माध्यम से डिलीवरी के लिए सूचित किया जाएगा।
    मंत्री अकबर ने बताया कि वाहन से संबंधित आवेदकों से प्राप्त होने वाले प्रकरण जैसे मोटरयानों का नवीन पंजीयन, स्वामित्व अंतरण, मोटरयान का अल्ट्रेशन, पंजीकृत कार्ड में पता परिवर्तन, मोटरयान में परिवर्तन, फायनेंसन के फ्रेश आरसी, हॉइपोथिकेशन जोड़ना-जारी रखना-रद्द करना, पंजीकृत कार्ड की द्वितीय प्रति, पंजीयन क्रमांक पुनः समानुदेशन, पंजीयन का नवीनीकरण का परिवहन कार्यालय के द्वारा दस्तावेजों का आवश्यक परीक्षण एवं मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार वाहनों का आवश्यक निरीक्षण करने के पश्चात पंजीयन अधिकारी के द्वारा अनुमोदन किया जाएगा।

    इस नयी व्यवस्था से सुगम संचालन के लिए परिवहन विभाग द्वारा हेल्पलाइन नम्बर 75808-08030 जारी किया जा रहा है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से आवेदक परिवहन कार्यालयों को अनुमोदन उपरांत स्मार्ट कार्ड आधारित ड्रायविंग लायसेंस एवं रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र प्रेषण के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  • छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जारी किया आदेश इस बार 10वीं और 12वीं की मेरिट लिस्ट में नहीं जुड़ेंगे बोनस अंक…

    छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जारी किया आदेश इस बार 10वीं और 12वीं की मेरिट लिस्ट में नहीं जुड़ेंगे बोनस अंक…

    छत्तीसगढ़ के 10वीं और 12वीं के बच्चों की मेरिट लिस्ट अब उनके विषयों के नंबरों के आधार पर ही बनेगी। इसमें स्कूल में होने वाली अन्य एक्टिविटी के बोनस अंक नहीं जोड़े जाएंगे। ऐसा पहली बार किया जा रहा है। सोमवार की शाम इसे लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल ने आदेश जारी कर दिया। आदेश में साफ कहा गया है कि इस बार बोनस अंक जोड़कर मेरिट लिस्ट नहीं बनेगी। बच्चों को एनएसएस, एनसीसी, स्पोर्ट्स एक्टिविटी में पार्टिसिपेट करने पर बोनस अंक दिए जाते रहे हैं।


    बोनस का गणित
    यदि किसी छात्र ने सभी विषयों में 470 नंबर हासिल किए बोनस के रूप में उसे 10 नंबर मिले, तो कुल प्राप्तांक 480 नंबर होता है। लेकिन मेरिट में 470 नंबर ही मान्य होगा। दसवीं-बारहवीं के छात्रों को एनसीसी, एनएसएस, खेलकूद समेत अन्य कैटेगरी में छात्रों को बोनस के रूप में 10 से 20 नंबर तक देने का प्रावधान है। अब विषयों में मिले नंबरों के आधार पर मेरिट लिस्ट बनेगी।