मंत्रालय सेवा भर्ती नियम में किया संशोधन,अब मैट्रिक पास नहीं बन पाएंगे अनुभाग अधिकारी,पदोन्नति तभी जब डिग्री रहेगी….

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रायपुर। मंत्रालय में अब मैट्रिक पास नहीं बन पाएंगे अनुभाग अधिकारी, अवर सचिव और उप सचिव, पदोन्नति तभी जब डिग्री रहेगी।

मंत्रालय भर्ती सेवा अधिनियम में संशोधन करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने पदोन्नति के समय कर्मचारी के पास स्नातक की उपाधि होना अनिवार्य कर दिया है। इस संशोधन के अनुसार अब हायर सेकेंडरी पास अनुभाग अधिकारी, अवर सचिव और उप सचिव नहीं बन पाएंगे।

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डीडी सिंह ने बताया कि पदोन्नति के लिए अनुभव और अन्य अर्हता होने के बाद अब स्नातक की उपाधि अभ्यर्थी के पास होने पर ही राजपत्रित पदों पर पदोन्नति मिल पाएगी। मंत्रालय सेवा में अब तक लिपिक और अन्य पदों में भर्ती के दौरान हायर सेकेंडरी और इंटरमीडिएट के साथ टायपिंग पास होने की योग्यता तय थी। इन पदों पर भर्ती के बाद समयनुसार पदोन्नति ओर अन्य लाभ मिलता था। इन पदों में भर्ती हुए कई लोग अवर सचिव और उप सचिव पद तक पहुंचे हैं। अब नए नियम के तहत उन लोगों को पदोन्नति पाने के लिए स्नातक की उपाधि होना अनिवार्य किया गया है। जीएडी ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि तीन और पांच वर्ष के अनुभव के अलावा स्नातक उपाधि नहीं होने पर राजपत्रित पदों पर पदोन्नति के लिए विचार नहीं किया जाएगा।

लगातार उठ रही थी मांग
छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से इसे लेकर लगातार मांग उठ रही थी कि मंत्रालय सेवा और उसके बाहर काम कर रहे कर्मचारियों की पदोन्नति के अर्हता में असमानता को दूर किया जाए। कई कर्मचारी संगठनों ने इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग को अवगत कराया था कि मंत्रालय में सभी कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिलता है। मंत्रालय के बाहर पदस्थ लोगों का अर्हता के नाम पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाता। कर्मचारी संगठनों ने नियम में संशोधन के निर्णय का स्वागत किया है।
अब आएगी एकरूपता
राज्य में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों में केवल अनुभव के आधार पर पदोन्नति दे दी जाती थी। सेवाकाल के आधार पर उन्हें पदोन्नति का लाभ मिल जाता था। जीएडी द्वारा अर्हता तय किए जाने के बाद अब पदोन्नति में एकरूपता आएगी।

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