शेयर की खरीद बिक्री करने वाले कर्मचारियों पर होगी सख्त कार्रवाई, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश…

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रायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग ने कड़ा आदेश जारी किया है। जिसके तहत बार-बार शेयर ट्रेडिंग और खरीद बिक्री को सिविल सेवा आचरण का उल्लंघन माना गया है। यही नहीं शेयर ट्रेडिंग की जानकारी भी सरकार को देना अब अनिवार्य कर दिया गया है। दरअसल जीएडी सेकरेट्री ने सभी विभागों, राजस्व मंडल अध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ को पत्र लिखा है।

सरकार द्वारा 30 जून 2025 को जारी अधिसूचना के तहत अब शेयर, प्रतिभूतियाँ, डिबेंचर्स और म्युचुअल फंड्स को भी “जंगम संपत्ति” की श्रेणी में शामिल किया गया है। यह संशोधन छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 19 में किया गया है।

नई व्यवस्था के तहत कोई भी शासकीय सेवक यदि स्वयं या अपने परिवार के किसी सदस्य के नाम से ऐसे निवेश करता है, जिसकी राशि दो माह के मूल वेतन से अधिक है, तो उसे संबंधित प्राधिकृत अधिकारी को रिपोर्ट करना होगा।

इसके अलावा, यदि किसी भी कैलेंडर वर्ष में कुल निवेश (शेयर, सिक्योरिटीज, डिबेंचर्स और म्युचुअल फंड्स) छह माह के मूल वेतन से अधिक हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी को एक निर्धारित प्रोफार्मा में इसकी सूचना देना अनिवार्य कर दिया गया है।

वित्तीय अनुशासन को लेकर सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि शेयरों या अन्य वित्तीय साधनों में बार-बार खरीद-बिक्री (जैसे इंट्रा डे, बीटीएसटी, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) को आचरण नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सभी विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे इन नए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और शासकीय सेवकों को इस संबंध में जागरूक भी करें।

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