गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ की थीम पर होगा ‘युवा महोत्सव’, मुख्य सचिव सुनील कुजुर ने कार्यक्रम को सफल बनाने कलेक्टरों को लिखा पत्र

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रायपुर। ‘युवा महोत्सव-2019-20’ के आयोजन को लेकर मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजुर ने सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए है। पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ के युवाओं को विशेष अवसर एवं मंच प्रदान करने, सांस्कृतिक गतिविधियों से युवाओं को जोड़ने एवं उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में “युवा महोत्सव” का राज्य स्तरीय आयोजन किये जाने का निर्णय लिया गया है। “युवा महोत्सव” के विकासखण्ड स्तरीय आयोजन 15 अक्टूबर से 15 नवंबर के मध्य विकासखण्ड मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। जिला स्तरीय आयोजन 15 नवंबर से 15 दिसंबर के मध्य जिला मुख्यालयों में एवं राज्य स्तरीय आयोजन 12 से 14 जनवरी 2020 के मध्य रायपुर में आयोजित किया जाना है।

प्रतिनिधि प्रतिभावान कलाकारों को तराशने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पहली बार युवा महोत्सव का आयोजन करने जा रही है। जिला स्तर पर होने वाले इस आयोजन में गायन-वादन और नृत्य से लेकर 25 विधाओं को शामिल किया गया है। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। विकासखंड और जिला स्तर पर युवा उत्सव आयोजित करने की तैयारियां शुरू करने के निर्देश कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने सबंधित अधिकारियों को दिए है। विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में प्रथम आने वाले युवाओं को जिला स्तर पर प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। राज्य युवा महोत्सव में प्रति वर्ष की भांति शामिल अन्य 18 सांस्कृतिक गतिविधियों में लोकनृत्य, लोकगीत, एकांकी नाटक हिन्दी, अंग्रेजी, छत्तीसगढ़ी, शास्त्रीय गायन, हिन्दुस्तानी शैली तथा शास्त्रीय गायन कर्नाटक शैली है। इसी तरह सितार वादन, बांसुरी वादन, तबला वादन, वीणा वादन, मृंदगम वादन, हारमोनियम वादन और गिटार वादन को शामिल किया गया है। गिटार वादन भारतीय अथवा पाश्चात्य संगीत पर आधारित होगा। इनमें मणिपुरी नृत्य, ओडिशी नृत्य, भरतनाट्यम कत्थक, कुचीपुड़ी नृत्य और तात्कालीन भाषण शामिल है। प्रत्येक विधा के लिए दो आयु वर्ग 15 से 40 वर्ष और 40 वर्ष से ऊपर रखा गया है।

छत्तीसगढ़ी गेड़ी और राउत नाचा का होगा विहंगम नजारा

पहली बार होगा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति में से एक गेड़ी और राउत नाचा का नजारा बड़े स्टेज पर देखने को मिलेगा। विभिन्न 25 विधाओं के साथ ही गेड़ी नृत्य, राउत नाचा, डंडा नाचा, रॉक बैंड, पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता, फूड फेस्टिवल प्रतियोगिता और चित्रकला प्रतियोगिता को शामिल किया गया है। इनमें फूड फेस्टिवल छत्तीसगढ़ के व्यंजनों पर तथा चित्रकला प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति पर आधारित होगी।

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