कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत को 29 लाख डॉलर की मदद देगा अमेरिका

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कोरोना वायरस की महामारी से निपटने के लिए अमेरिका ने भारत समेत दुनिया के 64 देशों को 17.4 करोड़ डालर की सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। भारत को इस राशि से 29 लाख डालर (21.7 करोड़ रुपये) मिलेंगे। यह राशि अमेरिका द्वारा फरवरी में घोषित 10 करोड़ डालर की सहायता राशि से अलग होगी। अमेरिका ने यह कदम सेंटर्स फार डिसीज कंट्रोल व अन्य विभागों द्वारा विश्व के 64 देशों में कोरोना के व्यापक विस्तार के बाबत जताये गये खतरे को देखते हुए उठाया है।

पिछले 20 वर्षों में भारत को 2.8 अरब डॉलर की सहायता दे चुका है अमेरिका 

अमेरिकी विदेश विभाग ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इसमें से 29 लाख डॉलर भारत को दिए जाएंगे। इस राशि को नई लैब स्थापित करने, कोरोना वायरस के मामलों की जांच, निगरानी करने तकनीकी विशेषज्ञों को तैयार करने पर खर्च किया जायेगा। उल्लेखनीय है अमेरिका पिछले 20 वर्षों में भारत को 2.8 अरब डॉलर की सहायता दे चुका है। इसमें 1.4 अरब डॉलर की सहायता अकेले चिकित्सा क्षेत्र के लिए दी गई।

अफगानिस्तान को 50 लाख, नेपाल को 18 लाख व श्रीलंका को 13 लाख डॉलर मिलेंगे

यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएड) के उप प्रशासक बोनी ग्लिक ने बताया कि वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अमेरिका का शानदार रिकार्ड रहा है। दशकों तक अमेरिका स्वास्थ्य के मामले में सर्वाधिक द्विपक्षीय सहायता मुहैया कराने वाला देश रहा है। अमेरिका ने दुनिया भर के लोगों की जान बचाई, उनकी सेहत का खयाल रखा और अस्पताल बनवाए।

दक्षिण एशिया में कोरोना महामारी की निगरानी और अन्य तैयारियों के लिए अमेरिकी विदेश विभाग मदद दे रहा है। इस सहायता राशि में श्रीलंका को 13 लाख डॉलर, नेपाल को 18 लाख डॉलर, बांग्‍लादेश को 34 लाख डॉलर और अफगानिस्तान को 50 लाख डॉलर मिलेंगे।

अगले 100 दिनों में अमेरिका तैयार करेगा 100,000 से अधिक वेंटिलेटर 

राष्‍ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि अगले 100 दिनों में अमेरिका 100,000 से अधिक वेंटिलेटर तैयार करेगा। उन्‍होंने कहा कई देशों से वेंटिलेटर की मांग आई है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपनी जरूरतों का ध्‍यान रखेगा, लेकिन हम भारत समेत अन्‍य देशों को मदद करने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि बहुत सारे देशों को वेंटिलेटर की जरूरत है और ऐसे संकट की घड़ी में अपने मित्र राष्‍ट्रों की मदद करेंगे। उन्‍होंने कहा कि यह एक अच्‍छा मौका है कि हम किसी की जरूरत को पूरा कर सकते हैं।

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