कुछ दिन पहले व्हाट्सएप्प ने अपने 1400 यूज़र्स को सरकारी जासूसी की बात बताई थी जिसमें 121 भारतीय थे। इस्रायली सॉफ्टवेयर pegasus के जरिये की गई इस जासूसी के बाद भारत सरकार ने व्हाट्सएप्प के एमडी को बुलाकर जानकारी भी ले थी। हालांकि यह कहा जा रहा है कि इस सॉफ्टवेयर का उपयोग सरकार ने ही करवाया था ताकि लोगों की जासूसी की जा सके। इसमें ज्यादातर ऐसे लोग टारगेट किये गए थे जो सामाजिक क्षेत्र में कार्य कर रहे थे। अब गूगल से भी जासूसी की बात सामने आई है वह भी उसी समय कराई गई थी जब व्हाट्सएप्प का मामला चल रहा था। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने इस संबंध में विस्तार से रिपोर्टिंग की है।
गूगल की ओर से अपने यूज़र्स को भेजे मेल में बताया गया था कि सरकार समर्थित हैकर्स द्वारा उनके इनफार्मेशन लीक किया गया है। इस बात की स्वीकारोक्ति लोकसभा में मंत्री संजय धोते द्वारा भी की गई है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर इमरजेंसी टीम द्वारा 2016-19 तक कई मामले पकड़े गए हैं। गूगल के अनुसार दुनिया भर में 12 हजार लोगों की इस तरह जासूसी की गई जिसमें 500 भारतीय यूज़र्स थे।
कैसे हुई जासूसी
इनमें से 90 प्रतिशत यूज़र्स को फिशिंग क्रेडेंशियल ईमेल के जरिये टारगेट किया गया था। टारगेट करने वालों ने गूगल की तरफ से सिक्युरिटी अलर्ट जैसा मेल भेजा गया इसके बाद सिक्योरिटी कोड लेकर उनके मेल से तमाम इनफार्मेशन उड़ा लिए गए। हालांकि उनके मेल में Google के बजाय goolge लिखा हुआ था जो यूज़र्स के समझ में नहीं आया। इस बार भारत के बड़े ब्रांड को टारगेट किया था जिसमें DHL, Pay Pal जैसे कई बड़े ब्रांड थे।

Leave a Reply