अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट कल सुना सकती है फैसला,छत्तीसगढ़ में भी पुलिस अलर्ट…
पुलिस की छुट्टियाँ निरस्त
रायपुर।

अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय ने कानून व्यवस्था बनाए रखने में राज्य सरकार की सहायता के लिए उत्तर प्रदेश में अर्धसैनिक बलों की 40 कंपनियों (प्रत्येक में लगभग 100 कर्मी) को भी उतारा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने सभी मंत्रियों को अयोध्या फैसले के संबंध में अनावश्यक बयान देने से बचने के लिए भी कहा था।
गृह मंत्रालय ने बुधवार को योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार को अयोध्या में सभी सुरक्षा तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए आगाह किया था. अयोध्या को सुरक्षा तैयारियों के साथ किसी भी अप्रिय घटना को विफल करने के लिए एक किले की तरह बदल दिया जाएगा।आईएएनएस के मुताबिक एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि अयोध्या में एक सार्वजनिक संबोधन प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) को भी संचालित करने को कहा गया है।
ऐसी आशंका है कि असामाजिक तत्व लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़का सकते हैं. इसलिए परिपत्र में उप्र सरकार को राज्य में अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने और विशिष्ट स्थानों पर पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिए हैं।बता दें कि आज ही चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी से मुलाकात की. इस मुलाकात में चीफ जस्टिस के साथ अयोध्या मामले पर सुनवाई करने वाले अन्य जज भी शामिल थे. जजों ने इस दौरान यूपी में सुरक्षा इंतजाम की जानकारी ली. साथ ही अधिकारियों से पूछा कि कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए क्या उन्हें कोर्ट से किसी सहयोग की जरूरत है?
छत्तीसगढ़ माता कौशल्य का जन्मस्थली और राम का ननिहाल इसलिए यहाँ भी फैसले को लेकर यहाँ लोगों बड़ी बेकरारी है. पुलिस ने किसी भी अपात स्थिति निपटने की पूरी तैयारी कर ली है. हालांकि छत्तीसगढ़ शांत प्रदेश है. छत्तीसगढ़ हमेशा अपने सामाजिक सौहार्द के लिए देश में मिसाल कायम करने वाला राज्य है. छत्तीसगढ़ में हिंदू-मुस्लिम एकता का हमेशा कायम रही है. इसलिए जो भी फैसला आएगा उसका यहाँ की धरा के लोग स्वागत करने के लिए तैयार हैं।