छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला : 5000 वर्ग फीट के प्लॉट में पार्किंग अनिवार्य, नियमितीकरण को लेकर यह है सरकार के दिशा निर्देश

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक के दौरान नियमितीकरण को लेकर नया आदेश जारी किया गया।  मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ अनाधिकृत विकास का नियमितीकरण अध्यादेश 2005 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। इसके साथ ही इसके संशोधन प्रस्ताव को भी अनुमोदित कर दिया गया है। इसके तहत वर्ष 2011 से पहले और 2011 के बाद अनियमित निर्माण को नियमित करने का प्रावधान किया गया है।

सीएम बघेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बताया गया कि बिना नक्शा पारित कराए अथवा नक्शे से अधिक निर्माण वाले मकानों को निर्धारित शुल्क लेकर नियमितीकरण किया जाएगा। बैठक में 5000 हजार या इससे बड़े प्लाट पर मकान बनाने वालों के लिए पार्किंग अनिवार्य होगी। ऐसे भवन निर्माता यदि भवन में पार्किंग स्पेस नहीं बनाते हैं तो उन्हें 50 हजार रुपए से लेकर दो लाख रुपए तक का जुर्माना देना होगा। कैबिनेट की बैठक में बाद वन, आवास एवं परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने यह जानकारी दी है।

यह हैं मंत्रीपरिषद् के अहम निर्णय

अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों में उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत अन्य पिछड़ा वर्ग के नागरिकों के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में 10 प्रतिशत भूखण्ड आरक्षित किए जाएंगे जो कि भू-प्रीमियम दर के 10 प्रतिशत दर तथा एक प्रतिशत भू-भाटक की दर पर उपलब्ध होंगे।

राज्य में धान उपार्जन के लिए बड़ी मात्रा में जूट बैग की आवश्यकता को देखते हुए राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 के अंतर्गत  जूट बैग निर्माण प्रोजेक्ट हेतु विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज देने का निर्णय लिया गया। इससे प्रदेश में ही जूट बैग का निर्माण सहजता से हो सकेगा।

छत्तीसगढ़ राज्य में वृहद, मेगा एवं अल्ट्रा मेगा उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 के अंतर्गत इलेक्ट्रिक व्हीकल एवं लीथियम आयन बैटरीज क्षेत्र में विशेष प्रोत्साहन पैकेज देने का निर्णय लिया गया। इससे छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण का रास्ता खुलेगा।

कौशल्या मातृत्व योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को दूसरी बालिका संतान के जन्म पर 5 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान करने योजना के क्रियान्वयन की अनुमति दी गई है।

प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कोदो, कुटकी एवं रागी का प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति के माध्यम से क्रय किया जाएगा।  पांचवी अनुसूची के तहत बस्तर एवं सरगुजा संभाग में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों में स्थानीय निवासियों को ही पात्रता दी जाएगी।

नगर निगम और उनके निवेश क्षेत्र की संपत्तियों की गाईड लाईन दरों में 30 प्रतिशत के स्थान पर 10 प्रतिशत की छूट में वृद्धि करते हुए 40 प्रतिशत किए जाने का निर्णय लिया गया। इसी तरह पंजीयन शुल्क की दर 4 की जगह 5 प्रतिशत किए जाने का निर्णय लिया गया। यह छूट और वृद्धि विभागीय अधिसूचना जारी होने की तिथि से 31 मार्च 2022 तक प्रभावशील रहेगी।

राजीव युवा मितान क्लब योजना को प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम-2001 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। स्वयं के स्वामित्व के बांस की समस्त प्रजातियों को अब सभी जिलों में परिवहन की अनुज्ञा पत्र की अनिवार्यता से मुक्त किया गया।

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