HomeNEWSIncognito Mode की सटीकता पर जताया जज ने संदेह, जानिए क्या कहा?

Incognito Mode की सटीकता पर जताया जज ने संदेह, जानिए क्या कहा?

वॉशिंगटन। गूगल यूजर्स जब इन्काग्निटो मोड (Incognito Mode) में ब्राउजिंग करते हैं तो क्या वास्तव में उनकी एक्टिविटी छिपी रहती है? गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक की एक इकाई का कहना है कि क्रोम में इन्काग्निटो मोड में ब्राउजिंग या अन्य ब्राउज़र्स में ‘प्राइवेट ब्राउजिंग’ का मतलब है कि कंपनी ‘आपकी एक्टिवटी को का डेटा नहीं रखेगी.’ हालांकि एक जज ने गुरुवार को इस मामले में गूगल की सटीकता पर संदेह जाहिर किया।

कैलिफोर्निया स्थित सैन होज़े में एक सुनवाई के दौरान अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज लुसी कोह ने कहा कि वह Google के डेटा कलेक्शन प्रैक्टिस से ‘परेशान’ हैं. कोह की कोर्ट के समक्ष आए एक मामले में कहा गया है कि कंपनी द्वारा प्राइवेट ब्राउजिंग के दावे सिर्फ छल हैं. इस मामले में उन लोगों के लिए 5,000 डॉलर का मुआवजे की मांग की गई है, जिनकी प्राइवेसी से कथित तौर पर जून 2016 से लेकर अब तक समझौता हुआ।

गूगल की अपील दरकिनार

इस मामले को खारिज करने की गूगल की अपील को दरकिनार करते हुए कोह ने कहा कि यह ‘असामान्य’ है कि कंपनी डेटा संग्रह का ‘अतिरिक्त प्रयास’ कर रही है. इस मामले में Google पर आरोप है कि वह वेबसाइटों के भीतर अपने कोड के पीस के आधार पर यूजर्स की कथित प्राइवेट ब्राउजिंग हिस्ट्री के लिए एनालिटिक्स और एड सर्विसेज का इस्तेमाल करते हैं. साथ ही इसकी कॉपी Google के सर्वर को भेजते हैं।

यूजर्स की ओर से कोर्ट में मौजूद वकील अमांडा बॉन ने जज कोह को बताया Google के अनुसार प्राइवेट ब्राउंजिंग मोड यूजर्स को उनके डेटा पर अधिक नियंत्रण देता है. वास्तविकता यह है कि Google कह रहा है कि बहुत ही कम तरीकों से डेटा कलेक्ट करने से रोका जा सकता है।

Google के वकीलों ने क्या कहा?

Google के वकील एंड्रयू शापिरो ने कहा कि कंपनी की गोपनीयता नीति इसकी प्रैक्टिस के बारे में स्पष्ट जानकारी देती है. इस मामले में डेटा कलेक्शन का खुलासा किया गया है.’Google के ही एक अन्य वकील स्टीफन ब्रूम ने कहा एनालिटिक्स या अन्य सेवाओं का उपयोग करने के लिए कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट करने वाले वेबसाइट मालिक हमारे डेटा कलेक्शन के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं. कोह ने कंपनी के वकीलों से कहा, ‘मैं Google से एक घोषणापत्र चाहतीं हूं कि वे बतायें कि अदालत की वेबसाइट पर यूजर्स की कौन सी जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं और इसका क्या उपयोग किया जा रहा है.’

Sunil Agrawal
Sunil Agrawal
Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222
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