सोशल मीडिया में ISRO के वैज्ञानिक का दावा, कहा- जहर देकर की गई मारने की कोशिश….

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इंडियन स्पेस रिसर्च ऑरग्नाइजेशन (ISRO, इसरो) के एक बड़े वैज्ञानिक और अहमदाबाद स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के पूर्व निदेशक तपन मिश्रा का दावा है कि उन्हें जहर देकर मारने की कोशिश की गई है. वैज्ञानिक ने यह दावा किया है कि साल 2017 में उन्हें जहर देने की कोशिश की गई थी. अपनी फेसबुक पोस्ट में तपन मिश्रा ने ये बात कही है. हालांकि, उन्होंने जहर किसने दिया इस बारे में कोई भी बात नहीं कही है।

तपन मिश्रा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में भी इस बारे में लिखा है. जिसमें उन्होंने बताया है कि उन्हें बेंगलुरू में एक प्रमोशन इंटरव्यू के दौरान 23 मार्च 2017 को नाश्ते में जहर मिलाकर दिया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आर्सेनिक दी गई थी. इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि घर पर जो आर्सेनिक होता है वो ऑर्गेनिक आर्सेनिक होता है. लेकिन जो नाश्ता उन्हे दिया गया था वो इनऑर्गेनिक ऑर्सेनिक था. जो इंसानों के लिए जानलेवा होती है।

तपन मिश्रा ने ये भी बताया कि आर्सेनिक खाने के बाद उन्हें दो सालों तक इलाज कराना पड़ा था. उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद उनके खून कीा जो रिसाव शुरू हुआ था वो लगातार चलता रहा. उन्होंने पहले बैंगलौर के अस्पताल में इलाज कराया फिर उन्हे अहमदाबाद के जाइडस कैडिला अस्पताल में इलाज कराना पड़ा. उन्होंने कहा कि किस्मत के सहारे मै बच गया. उन्होंने यह भी कहा वो टीएमएच मुंबई में भी इलाज कराये और अंत में दिल्ली के एम्स में उन्हे इलाज कराना पड़ा।

उन्होंने अपने पोस्ट में कहा है कि, अहमदाबाद लौटने के बाद उन्हें काफी एनल ब्लीडिंग हो रही थी. जिसके बाद उन्हें अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्हें सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी. त्वचा केंचुली की तरह निकल रही थी. हाथों और पैर की उंगलियों से नाखून उखड़ने लगे थे. न्यूरोलॉजिकल समस्याएं जैसे हापोक्सिया, हड्डियों में दर्द, सेंसेशन, एक बार हल्का दिल का दौरा, आर्सेनिक डिपोजिशन और शरीर के बाहरी और अंदरूनी अंगों पर फंगल इंफेक्शन भी हो रहा था।

उन्होंने बिना नाम लिये कहा कि मेरे एक साथी जो मेरे साथ ही काम करता था, उसने मुझे जहर देने के बारे में आगाह किया था. उन्होंने बताया कि उनके मित्र ने 5 जून 2017 को ही उन्हें आगाह कर दिया था. वहीं उन्होंने यह भी लिखा है कि 7 जून को एमएचए सिक्यूरिटी ने एक व्यक्ति ने भी जहर देने के बारे में बताया था. इसके अलावा उन्होंने उन डाक्टरो का शुक्रिया अदा किया है जिन्होंने उन्हें इलाज कर ठीक किया।

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