सीएम साय के निर्देश पर सीतापुर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी की मध्यस्थता के बाद मान गए संदीप के परिजन,25 लाख मुआवजा और कलेक्टर दर पर नौकरी समेत चार वायदों पर माने परिजन

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23 दिनों से पोस्टमार्टम कक्ष में रखे संदीप लकड़ा के शव का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया है। शुक्रवार याने 27 सितंबर को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की मध्यस्थता के बाद परिजनों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। संदीप की पत्नी की ओर से आत्मदाह करने की चेतावनी दी गई थी।

कौन था संदीप

नल जल योजना में अभिषेक पांडेय नाम क ठेकेदार के यहाँ संदीप कर्मचारी था। ठेकेदार के छड़ सीमेंट की चोरी हुई थी। सीतापुर पुलिस थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। ठेकेदार और उनके सहयोगियों ने संदीप की पिटाई की थी। सात जून को संदीप की पिटाई से मौत हो गई थी। संदीप का शव मैनपाट के कमलेश्वरपुर थाने से छ किलोमीटर आगे लुरैना तिब्बती कैंप के पास मौजूद बड़कापारा में निर्माणाधीन पानी टंकी के फाउंडेशन (नींव) में संदीप के शव को डाला और नींव को पाटकर उस पर पानी टंकी बना दी गई। पुलिस को भ्रम में डालने संदीप के मोबाइल को मुंबई और गोवा में चालू किया गया और फिर बंद कर दिया गया था। आरोपी ठेकेदार के सहयोगी के बयान से मामले का खुलासा हो गया। पुलिस ने शव बरामद किया लेकिन फिर गतिरोध आ गया।

परिजनों ने आंदोलन शुरु किया

मृतक संदीप की हत्या के खुलासे के बाद आक्रोशित संदीप लकड़ा के परिजन धरने पर बैठ गए जिसे सर्व आदिवासी समाज ने समर्थन दे दिया था। संदीप लकड़ा के परिजनों की मांग थी कि, प्रमुख आरोपी के साथ साथ सहयोग करने वालों की सूक्ष्मता से जांच हो। परिजन दो करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की माँग कर रहे थे। आंदोलन को कांग्रेस ने भी समर्थन दे दिया था। परिजनों ने मांग पूरी होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया था।

यूं माने परिजन

संदीप लकड़ा की पत्नी ने मांग पूरी ना होने पर आत्मदाह की धमकी दी थी। आत्मदाह की चेतावनी से मसला और गंभीर हो गया। गंभीर रुख की ओर बदलते घटनाक्रम को देख सीएम साय ने स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल को भेजा। आंदोलन को समाप्त कराने के साथ साथ परिजनों को पूरी तरह संतुष्ट करना जिसमें नियमों की भी अवहेलना ना हो, यह लक्ष्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल को देकर भेजा गया था। करीब तीन घंटे की चर्चा के बाद गतिरोध हटा और मंत्री श्यामबिहारी परिजनों को संतुष्ट करने और आंदोलन ख़त्म करने के लिए सहमत करा गए। सर्व आदिवासी समाज के अकबर राम कोर्राम (रिटायर डीआईजी) की उपस्थिति से सरकार को अपेक्षाकृत सुविधा हुई और यह बेहतर तरीके से समझाया जा सका कि, शासन अपने नियमों में कितनी ढील देकर जिस अधिकतम सीमा तक राहत दे सकता है वह दे रहा है। मौके पर ही मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने मृतक संदीप की पत्नी सलीमा लकड़ा को 8.25 लाख का चेक और छात्रावास में कलेक्टर दर पर नियुक्ति का पत्र सौंपा। मंच से घोषणा की गई कि, मृतक की पत्नी को कुल 25 लाख रुपए दिए जाएँगे, और मृतक के दोनों बच्चों को हायर सेकेंडरी तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। इसके साथ संदीप हत्याकांड की जांच के लिए राज्य स्तर पर टीम गठित कर पृथक से जांच कराने की घोषणा भी की गई।

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