रायगढ़ में लंबी हुई कार्रवाई, दो और ठिकानों में पहुंची आयकर विभाग की टीम…

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रायगढ़। आयकर विभाग ने प्रदेश के पांच जिलों में छापेमारी की है। रायगढ़ में तो कार्रवाई लंबी हो गई है।  यहां की कार्रवाई शनिवार शाम तक पूरी होने की संभावना है। इन्कम टैक्स विभाग की टीम ने बुधवार को प्रदेश में हड़कंप मचा दिया। बिलासपुर, रायगढ़, सक्ती, कवर्धा और रायपुर में छापे मारे गए हैं। रायगढ़ में जहां कार्रवाई लंबी हो गई है। दो-तीन ठिकानों में कार्रवाई पूरी करने के बाद टीमें अब मुख्य ठिकाने पर दस्तावेजों का एनालिसिस करने में जुटी है। रायगढ़ में जो भी दस्तावेज, नकदी, घोषित-अघोषित संपत्ति मिली है, उसकी पड़ताल की जा रही है। शुक्रवार को भी टीमों की कार्रवाई जारी रही। इस बीच दो और ठिकानों पर भी कार्रवाई की जानकारी मिल रही है।  


कोयला कारोबार और जमीनों की खरीदी-बिक्री में आयकर विभाग को रायगढ़ के कुछ कारोबारियों का तगड़ा इनपुट हाथ लगा था। इसका एनालिसिस किया गया तो संदेहास्पद गतिविधियां नजर आईं। रायगढ़ के करीब 13 ठिकानों पर छापेमारी की गई है। बुधवार तडके से शुरू हुई कार्रवाई तीसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। रायगढ़ में एनआर इस्पात के मालिक संजय अग्रवाल के करीब छह ठिकानों समेत करीब 12 जगहों पर कार्रवाई की गई। गोपाल शर्मा सत्तीगुड़ी चैक, जिंदल टेक्सटाइल के सुनील जिंदल, सतीश जिंदल, बाबा ट्रांसपोर्ट संचालक राकेश शर्मा, विशाल अग्रवाल रुक्मणी विहार के मकानों और दफ्तरों में भी जांच की गई। इसके साथ ही सुमन अग्रवाल और अर्जुन मालाकार बोईरदादर के मकान में भी छापेमारी की गई है। दोनों का संबंध भी एनआर इस्पात से बताया जा रहा है। जमीन खरीदी के बाद हुए भुगतान के तरीके को आयकर विभाग ट्रेस कर रहा है।  


रायगढ़ में सौ लोगों की टीम 

छापेमारी के दौरान  रायगढ़ में नकदी के अलावा कोयले के कई बोगस बिल भी मिले हैं। किसके पास से यह बिल मिले हैं, इसका खुलासा नहीं किया गया है। आयकर विभाग ने शुक्रवार को भी सारे ठिकानों में सक्रियता जारी रखी है। बताया जा रहा है कि आज भी कार्रवाई चलेगी। इसके जल्दी पूरा होने के आसार नहीं हैं। कार्रवाई में मप्र और छग के अफसरों के साथ सीआरपीएफ के जवान भी है। करीब सौ लोग तीन दिनों से कार्रवाई में लगे हैं।


कड़िया जोड़ने में लग रहा समय


इसके पहले बाबा ट्र्रांसपोर्ट के संचालक राकेश शर्मा इनपुट टैक्स क्रेडिट फ्रॉड में भी गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके पहले 2019 में आयकर विभाग ने छापा मारा था। एक बार फिर यह फर्म केंद्रीय जांच एजेंसियों की नजर में है। छापे में कोयले के बिलों से बड़ा रैकेट पकड़ में आया है। पिछले छापे से इस छापे का लिंक है। इसकी कडियां जोडने में आयकर विभाग को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसी में ज्यादा समय लग रहा है।

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