मध्य प्रदेश में इंदौर के समीप स्थित महू सैन्य छावनी में जासूसी के शक में नजरबंद की गई दो लड़कियों हिना और यास्मीन ने पकड़े जाने के पूर्व ही अपनी वह फेसबुक आइडी डिलीट कर दी थी, जिनसे वह पाकिस्तानियों से चैटिंग करती थीं। दोनों ने पाकिस्तानियों के मोबाइल नंबर लड़कियों के नाम से सेव कर रखे थे। जांच एजेंसियां इस बिंदु पर पड़ताल कर रही हैं। डाटा रिकवर करने के लिए जब्त गैजेट्स को साइबर विशेषज्ञों के पास भोपाल भेजा गया है।
मध्य प्रदेश के महू सैन्य छावनी से पकड़ी गई दोनों बहनों से आइबी और क्राइम ब्रांच ने की पूछताछ
चैट करने वाले पाकिस्तानियों की लोकेशन भी ट्रेस की जा रही है। उनकी आइडी कोडवर्ड में बनी थी। आइबी, क्राइम ब्रांच और मिलिट्री इंटेलीजेंस इन्हें डिकोड करने का प्रयास कर रही हैं। हिना और यास्मीन उच्च शिक्षित हैं। सैन्य विज्ञान में पढ़ाई के अलावा दोनों ने हिंदी साहित्य में एमए भी किया है। जांच में शामिल अधिकारी के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में यास्मीन की भूमिका संदिग्ध मिली है।
उसका ही संपर्क पाकिस्तानी आइडी पर अधिक बार हुआ है। यास्मीन ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व उसकी एक पाकिस्तानी से दोस्ती हुई थी। फेसबुक आइडी अंग्रेजी के दो शब्दों में बनी थी। कुछ महीनों चैटिंग के बाद वह अचानक गायब हो गया और थोड़े दिनों बाद एक अन्य व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। फिर वह भी चला गया और इस तरह तीन-चार पाकिस्तानियों से दोस्ती करती गई।
लड़कियों के नाम से सेव किए थे पाकिस्तानियों के नंबर, कई सैनिक भी जांच की जद में
इसके बाद से इन पर लगातार नजर रखी जाने लगी। चार दिन पहले भोपाल से इंटेलिजेंस ब्यूरो, एटीएस तथा स्थानीय आर्मी इंटेलिजेंस की टीम ने इनके घर पर गोपनीय तरीके से दबिश दी थी। इसके बाद यहां लगातार कई गाड़ियां आती रहीं और लोगों को शक हुआ। इसके बाद खबर उजागर हुई। अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) भी इनसे पूछताछ कर सकती है।
जानकारी के मुताबिक इन बहनों के नाम यास्मीन कौसर और हिना हैं। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। इनके पास से मिले लैपटाप और मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। बताया जाता है कि इन्हें मारीशस से फंडिंग हो रही थी। इनके पिता सेना में नौकरी कर चुके थे और बाद में इंदौर में एसबीआइ की एक शाखा में सुरक्षाकर्मी भी रहे। उनकी मृत्यु हो चुकी है।
विभिन्न जगह पर काम कर जुटाती थीं जानकारी
दोनों बहनें कई जगह नौकरी कर चुकी हैं। वे कहीं भी ज्यादा दिनों तक नहीं रहतीं थीं। हिना महू में बिजली कंपनी में कांट्रेक्ट पर काम करती रही। बिजली कंपनी से मिली सूचना के मुताबिक हिना पिछले छह महीनों से कंप्यूटर आपरेटर के तौर पर प्राइम वन एजेंसी के जरिए काम कर रही थी। बाद में उसे हटा दिया गया। ऐसा बताया जाता है कि ये कई जगहों पर काम करके अलग-अलग जानकारियां एकत्रित करती थीं।
दरअसल, दोनों बहनों का कहना है कि वो पाकिस्तान में जिन युवकों से बातचीत करती थीं उनसे वो शादी करना चाहती थी. इसके बाद संभावना जताई जा रही है कि दोनों बहनें कहीं आईएसआई की किसी साजिश का शिकार तो नहीं? हालांकि इसके बारे में अबतक कोई खास सबूत सुरक्षा एजेंसियों के हाथ नहीं आए हैं।
दोनों युवतियों से अबतक पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, उसके मुताबिक उनके कॉल रिकार्ड्स से इस बात की पुष्टि तो हो चुकी है कि युवतियां पाकिस्तान के युवकों से बातचीत और चैटिंग करती रहती थीं. एजेंसियां की जांच में फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि इन्होंने गोपनीय दसतावेज या सैन्य ठिकानों की जानकारी पाकिस्तान में बैठे युवकों को भेजे हों. जो सबसे बड़ा सवाल है वो यह कि इनमें से एक युवती ने फेसबुक पर फेक प्रोफाइल क्यों बनाया था और बाद में उसे डिलीट क्यों किया?
बहरहाल, फिलहाल दोनों बहनों पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है और उनसे घर पर ही पूछताछ की जा रही है. हालांकि जिन पाकिस्तानी युवकों से वो बात करती थीं, पुलिस के मुताबिक उनकी गतिविधियां ज़रूर संदिग्ध रही हैं. इसलिए मामला संजीदा हो जाता है. बता दें कि महू सैन्य छावनी पहले भी आईएसआई के निशाने पर रह चुका है. इससे पहले यहां 2019 में एक जवान को गिरफ्तार किया गया था जो आईएसआई के हनीट्रैप जाल में फंसा हुआ था।
