राजधानी अस्पताल के कोविड वार्ड में आग और धुएँ की वजह से 6 मरीज़ों की मौत के मामले में आया ये फैसला…

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रायपुर। राजधानी के टिकरापारा इलाक़े में स्थित राजधानी अस्पताल में बीते 16 अप्रैल को आग लगने से कोविड वार्ड में भर्ती छ मरीज़ों की मौत मामले में पुलिस ने विवेचना के दौरान धारा 304(2) की धारा के तहत अपराध दर्ज करते हुए तड़के संचालक मंडल में शामिल दो चिकित्सकों को गिरफ़्तार कर लिया है। अभी प्रंबंधकों में दो की गिरफ़्तारी शेष बताई गई है।
प्रारंभिक तौर पर इस प्रकरण की क़ायमी में धारा 304 A की धारा का उपयोग किया गया था। इस घटना में पाँच की मौत जलने से जबकि एक अन्य की दम घूंटने से हुई थी।प्रकरण में लापरवाही किस स्तर पर हुई थी इसके लिए पृथक से जाँच दल गठित किया गया था, जिसमें स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल थे।
विवेचना के दौरान धारा में परिवर्तन तब हुआ जबकि कप्तान अजय यादव ने डायरी तलब कर उसका अवलोकन के लिए एडिशनल एसपी और डीएसपी पुरानी बस्ती को निर्देशित किया। डायरी में आए तथ्य और मामले की प्रशासनिक जाँच के मिले तथ्यों को देखते हुए जिस प्रकरण मेर धारा 304 A के तहत प्रारंभिक तौर पर मामला दर्ज किया गया लेकिन जब बाक़ी तथ्य ने स्पष्ट किया कि अतिरिक्त धारा आकर्षित होती है तो उसे प्रभावी कर दिया गया। डायरी में धारा संशोधित हुई और धारा 304 (2) की धारा प्रभावी की गई।
आईपीसी के अनुसार धारा 304 (2) का अर्थ है वह कार्य इस ज्ञान के साथ कि इससे मृत्यु कारित होना संभाव्य है लेकिन यह कार्य बिना किसी आशय के किया जाए। यदि आशय होता तो मानव वध माना जाता तब धारा 302 प्रभावी या कि आकर्षित होती लेकिन यदि आशय नहीं है तो 304(2) प्रभावी किया जाता है जो कि हत्या की कोटि में ना आने अपराधिक मानव वध है। इसमें दस वर्ष तक की सजा है।
कप्तान अजय यादव ने कहा….
“मैंने डायरी कॉल की थी और उसपर एडिशनल एसपी और डीएसपी पुरानी बस्ती को अवलोकन के लिए सौंपा गया था..उन्होने डायरी में आए तथ्यों को देखा.. प्रशासनिक जाँच रिपोर्ट के इनपुट भी देखे गए .. उसके बाद डायरी में धारा 304(2) प्रभावी की गई है”

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