साल बीतते बीतते रायगढ़ पुलिस बनी छत्तीसगढ़ में नंबर-1, गृहमंत्री एवं डीजीपी ने की रायगढ़ पुलिस की सराहना दिया ₹1 लाख रुपए का इनाम

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रायगढ़। बच्चे का अपहरण कर 5 लाख रुपए की फिरौती मांगने के मामले में 12 घंटे के भीतर ही बच्चे की सकुशल वापसी और तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली रायगढ़ की पुलिस टीम की तारीफ गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने की है। छत्तीसगढ़ के डीजीपी डीएम अवस्थी ने भी पुलिस टीम को 1 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि रायगढ़ पुलिस ने 12 घण्टे के अंदर बच्चे को सकुशल रिहा करा लिया है। इसके लिए पुलिस टीम बधाई की पात्र है। इस सफलता के लिए टीम को सम्मानित भी किया जाएगा। इस मामले में आईजी दीपांशु काबरा ने भी पुलिस टीम को 30 हजार का इनाम और प्रशस्ति पत्र देने की पूर्व में ही घोषणा कर दी है। गृहमंत्री एवं डीजीपी दोनों ने पुलिस अधीक्षक रायगढ़ संतोष कुमार सिंह के ट्विटर हैंडल पर यह बधाई संदेश भेजा है।  दरअसल रायगढ़ पुलिस पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह केेे नेतृत्व में 12 घंटे के भीतर डेढ़ सौ लोगोंं से गहन पूछताछ कर न केवल मामले को सुलझा लिया बल्कि बच्चे को सकुशल वापस लाया। पूछताछ के दौरान बच्चे ने बताया कि  उसने  तीन में से एक आरोपी को उसके मोबाइल कवर को देखकर पहचान लिया था। इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देते समय हर पल पुलिस को यह बता रहा था कि कहीं आरोपियों की ओर से बच्चे के साथ कोई अनहोनी ना हो जाए। इसलिए हर कदम फूंक फूंक कर रखे जा रहे थे।

फिल्मी स्टाइल में जंगल पहुंचकर पुलिस ने आरोपियों पर तान दी बंदूकें


 आरोपियों ने बच्चे को अपहृत कर जंगल में रखा था इस जंगल में एक गड्ढा था जिसमें बच्चे को उन्होंने रात भर ठंड में रखा हुआ था उसे खाने के लिए भी कुछ नहीं दिया था जब पुलिस टीम ने इस बात की जानकारी मिलने पर कि कुछ लोग जंगल की तरफ देखे गए हैं । उनकी तलाश करते हुए वहां पहुंची तो पुलिस की ओर से रिवाल्वर और पिस्टल तान कर आरोपियों को सरेंडर करने को कहा लेकिन शायद यह घातक हथियार भी उनके समझ में नहीं आ सके थे ऐसे में पुलिस टीम ने एके-47 महा घातक हथियार को निकालते हुए आरोपियों को टारगेट में लिया गया तब किडनैपर्स के हौसले पस्त हो गए और उन्होंने अपने दोनों हाथ ऊपर कर सरेंडर कर दिया। बच्चे के अपहरण की इस घटना के बाद पुलिस बच्चे को सकुशल बरामद करने के लिए हर हद तक जा सकती थी और किसी भी कीमत को चुका सकती थी ऐसे में संभव था कि किडनैपर्स यदि पुलिस फोर्स पर हमला करते तो पुलिस की ओर से घातक और अति घातक हथियार का उपयोग कर किडनैपर्स की समाधि जंगल में ही बना दी जाती।

1 महीने पहले ही रख ली गई थी किडनैपिंग की यह साजिश

2020 को पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द अन्तर्गत  12 वर्षीय बालक को किडनैप कर आरोपियों द्वारा परिजनों से ₹5,00,000 फिरौती की मांग की गई । घटना की सूचना पर तत्काल एक्शन में आए अधिकारीगण तत्काल रात्रि में ही चौकी रैरूमा पहुंचे । एसपी रायगढ़ चौकी रैरूमा पहुंचकर एक टीम अपहृत बालक की रेस्क्यू के लिये तैयार किये और उन्हें हथियार से लैस कर जंगल अंदर रवाना किये । पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के मंसूबे  पर पानी फेर कर बालक का सकुशल बरामद किया गया है । गिरफ्तार आरोपियों में एक आरोपी हाल ही में चोरी के मामले में शामिल था । आरोपियों द्वारा 1 माह पूर्व से किडनैपिंग की फुल प्रूफ प्लानिंग किए हुए थे पर अपराधियों का अंजाम वही हुआ।

बीजेपी डीएम अवस्थी एवं आईजी दीपांशु काबरा पुलिस के एक्शन से हर पल होते रहे वाकिफ

एसपी संतोष कुमार सिंह की नवरत्न पुलिस टीम जिसने महज 12 घंटे में सफलता पाकर प्रदेश भर में पुलिस का नाम किया रोशन

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा एडिशनल एसपी रायगढ़  अभिषेक वर्मा, सहायक पुलिस अधीक्षक पुष्कर शर्मा, एसडीओपी धरमजयगढ़ सुशील नायक को रैरूमा के लिए रात में ही रवाना किए साथ ही चौकी प्रभारी जूटमिल, थाना प्रभारी घरघोड़ा, धरमजयगढ़, तमनार, लैलूंगा, कापू को अपने- अपने क्षेत्र में नाकेबंदी कर अपहृत बालक एवं आरोपियों की सघन जांच कर करने निर्देशित करते हुए पुलिस चौकी रैरूमा में एडिशनल एसपी रायगढ़ को रिपोर्ट करने निर्देशित किए ।  रात्रि में पुलिस चौकी रैरूमा पहुंचे एडिशनल एसपी द्वारा धरमजयगढ़ डिवीजन के थाना/चौकी प्रभारियों को अलग-अलग टास्क सौंपा गया । वहीं पुलिस टीम पीड़ित परिवार से पूछताछ कर रात्रि में गांव बरहामड़ा के लगभग 150 लोगों से पूछताछ किए ।

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