आरओबी के टेंडर के बाद चुप बैठा सेतु विभाग, सेतु विभाग ने करीब एक साल पहले किया था खरसिया आरओबी का टेंडर…

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रायगढ़ जिले में ऐसे कई काम हैं जो एक साल से रुके पड़े हैं। इनमें से एक खरसिया रेल ओवरब्रिज भी है। टेंडर होने को करीब एक साल होने जा रहा है। अभी तक विभाग ने मंजूरी ही नहीं दी है, ताकि एग्रीमेंट हो सके। इस वजह से खरसिया के लोग फाटक बंद होने की परेशानी से जूझ रहे हैं। एक ओर रेलवे मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए जरूरी है कि शहरों के बीच में स्थित रेलवे फाटक बंद हो जाएं और आरओबी का निर्माण हो। आरओबी नहीं बनने की वजह से लोगों को रेल लाइन पार करने के लिए ट्रेन के गुजरने का इंतजार करना पड़ता है। खरसिया में रेलवे फाटक की मांग कई सालों से लोग कर रहे हैं। जनवरी 2021 में राज्य सरकार ने इसकी स्वीकृति की घोषणा की थी।

सर्वे के बाद मार्च 2021 में ही प्रपोजल इंजीनियर इन चीफ को भेजा गया था। आरओबी निर्माण में राज्य और केंद्र सरकार बराबर राशि खर्च करेंगे। दो बार इसका टेंडर कैंसल हुआ। तीसरी बार में जयपुर की भारत स्पन कंपनी ने ठेका लिया है। 14 सितंबर 2022 को आरओबी के लिए भूमिपूजन भी किया जा चुका है। इसके लिए 64.95 करोड़ मंजूर किए गए थे। ठेका कंपनी ने कम दर में टेंडर करीब 59 करोड़ में पाया है। टेंडर हुए करीब एक साल होने वाले हैं। अभी तक इसका एग्रीमेंट नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि फंड की कमी के कारण स्वीकृति रोकी गई है।

इधर चक्रधर नगर आरओबी का मांगा प्रस्ताव
स्वीकृति के लिए जो काम लटकाए जाते हैं, उनके समय पर पूरा होने की संभावना भी बहुत कम होती है। खरसिया आरओबी का जब टेंडर हुआ तो रॉ मटेरियल की कीमतें कम थीं। अब कीमतें बढ़ चुकी हैं। एक साल में हालात भी अलग हो गए हैं। खरसिया के लोगों को अब भी वैसी ही परेशानी से दो चार होना पड़ रहा है। अब तो चक्रधर नगर रेल ओवरब्रिज का प्रस्ताव भी मंगवाया गया है।

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