HomeNEWSसुप्रीम कोर्ट की नाफरमानी , रायगढ़ जिले के विभाग कर रहे मनमानी....

सुप्रीम कोर्ट की नाफरमानी , रायगढ़ जिले के विभाग कर रहे मनमानी….

रायगढ़ । रायगढ़ जिले के विभिन्न विभागों की मनमानी चरम पर है । और अब यह मनमानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना तक पहुंच गई है । आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सूचना का अधिकार आवेदन को ऑनलाइन स्वीकार करने के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया था । छत्तीसगढ़ में यह सुविधा 12 अक्टूबर, 2022 से प्रारंभ हो गई । आर टी आई का पोर्टल प्रदेश में शुरू कर दिया गया है जिसमें सभी जनसूचना अधिकारियों को इसमें रजिस्ट्रेशन करवाना है। पर रायगढ़ जिले के विभिन्न विभागों के जनसूचना अधिकारियों की सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कोई परवाह नहीं है।

किन विभागों ने की है नाफरमानी और नही कराया है पंजीयन, जानें

जिले में खनिज विभाग, महिला एवम बाल विकास विभाग, कृषि विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, खाद्य विभाग, परिवहन विभाग, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला पंचायत, वन विभाग, मत्स्य पालन, जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण विभागों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। मजे की बात तो यह है कि राज्य सूचना आयुक्त ने भी सभी जनसूचना अधिकारियों को रजिस्ट्रेशन करने हेतु आदेशित किया था और इसके लिए बाकायदा उनकी ट्रेनिंग भी करवाई गई थी ।

यहां लाख टके का सवाल यह है कि जा इन जनसूचना अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर दी तो राज्य सूचना आयोग के आदेश की क्या बिसात !

क्या फायदा होगा सूचना चाहनेवालों को , ऑनलाइन आवेदन से ?

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी लेने की प्रक्रिया को a ज्यादा सरल , सुगम और समय बचानेवाला बनाने के लिए ऑनलाइन करने का आदेश जारी किया था। इसमें यह प्रावधान है कि सूचना चाहनेवाला वांछित जानकारी का आवेदन ऑनलाइन डालकर संबंधित विभाग को अटैच कर देगा । मालूम हो कि यह ऑनलाइन पोर्टल 24×7 काम करता है । इससे सबसे बड़ी सहूलियत यह हुई है कि विभागीय कार्यालयों और डाकघरों में जा कर आवेदन जमा करने की जरूरत खत्म हो गई है।

क्या है प्रक्रिया ?

ऑनलाइन आवेदन के इस सिस्टम में पोर्टल के मुख्य पेज पर ही एक लिंक दिया गया है ।एक ई मेल आई डी से उसमें पंजीयन करने पर एक वेरिफिकेशन लिंक प्राप्त होता है जिसका उपयोग कर आवेदक अपने लॉग इन के लिए पासवर्ड बना सकता है । इसके बाद अगले चरण में आवेदक को अपना नाम , पता , फोन नंबर जैसी जानकारियां देनी होंगी । फिर दिए गए निर्देशों के अंतर्गत अपना आवेदन अपलोड करना होगा । शुल्क नेट बैंकिंग, डेबिट क्रेडिट कार्ड या क्यू आर कोड के मार्फत जमा कर सकते हैं ।
वास्तव में शासन द्वारा आम लोगों के लिए किफायती और सहूलियत से भरी योजनाएं चलाई तो जाती हैं पर सुस्त प्रशासनिक अधिकारियों की वजह से इसका फायदा आम लोगों को नहीं मिलता है । ऑनलाइन सूचना का अधिकार इसकी एक बेमिसाल मिसाल है ।

Sunil Agrawal
Sunil Agrawal
Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222
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