खरसिया। धर्मनगरी खरसिया की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए सियाराम सखा मंडल के युवाओं द्वारा विशाल संगीतमय श्री राम कथा का आयोजन 7 सितंबर से 15 सितंबर दोपहर 3 से 6 तक खरसिया के टाउन हॉल मैदान में करवाया जा रहा है। जिसका शुभारम्भ राम जानकी मंदिर से विशाल जुलुस के रूप में शोभा यात्रा निकाल कर की गयी। शोभायात्रा में रथ में प्रभु श्री राम, माता सीता वीर हनुमान के साथ थे तो वही भगवान श्री कृष्ण राधा रानी भी अपने रथ में सवार थे। कथा वाचक राजन जी महाराज भी रथ में सवार होकर नगर के श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे।
विदित हो की खरसिया के युवाओं के द्वारा ९ दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन नगर के टाउन हाल स्थित मैदान में कराया जा रहा है जिसका शुभारम्भ ७ सितम्बर की सुबह श्री राम जानकी मंदिर खरसिया से शोभायात्रा निकाल कर किया गया। कथा के प्रथम दिन नगर व आसपास की महिलाओं व युवतियों ने रामजानकी मंदिर से कलश यात्रा निकाली जो कि कर्मा पार्टी ढोल ताशे नगाड़े के साथ भव्य शोभायात्रा के रूप में नगर का भ्रमण किया। मनोरम झांकिया लोगों को अपनी और आकर्षित कर रही थी, रथ में सुसज्जित होकर प्रभु श्री राम, माता सीता वीर हनुमान के साथ थे तो वही भगवान श्री कृष्ण राधा रानी भी अपने रथ में सवार थे। राजन जी महाराज भी रथ में सवार होकर नगर के श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। शोभायात्रा का समापन कथा पंडाल में किया गया तत्पश्चात कथा पंडाल में पूरी विधि विधान से कलश को श्री राजन जी महाराज के द्वारा स्थापित किया गया।

प्रथम दिन के कथा में श्री राजन जी महाराज ने अपने सुवचन द्वारा श्रोताओं को भावविभोर कर दिया इस बीच गणेश स्तुति के उपरांत श्री राम स्तुति का विधिवत पूजन आरती किया, श्री राजन जी महाराज जी ने कहा कि प्रभु राम की कथा मंगल करती है और साथ ही कलि मल का हरण करती है। तुलसी जी हर चौपाई में राम-राम समाहित रहता है। जैसे भक्त जब सरस्वती का स्मरण करता है तो मां सरस्वती ब्रह्मा जी का घर छोड़कर सीधे भक्तों के पास आ जाती है। जब तक राम रूपी कथा में सरस्वती का आभास न कराया जाए तब तक कथा मात्र कथा ही रह जाता है। कथा का श्रवण वमन दोनों कलयुग में कल्याणकारी होता है। भगवान भोलेनाथ जी ने मां पार्वती जी को जिस तरह से राम कथा सुनाया हम लोगों को उसी तरह से श्रवण करना चाहिए।

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