निलंबित IPS जीपी सिंह पर राजद्रोह का केस दर्ज, सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप

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रायपुर। एसीबी के पूर्व चीफ एडीजी जीपी सिंह के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने राजद्रोह का केस दर्ज किया है। एसीबी की लिखित शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुआ है। वहीं अब जल्द ही पूर्व आईपीएस जीपी सिंह की गिरफ्तारी हो सकती है।

बता दें कि एंटी करप्शन ब्यूरो के छापे के दौरान एडीजी के सरकारी बंगले से कुछ चिट्ठियां और पेन ड्राइव मिले थे। वहीं उनकी जांच के बाद अब कोतवाली पुलिस ने जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया है। सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगा है।

सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप

जीपी सिंह के सरकारी बंगले और सहयोगियों के ठिकानों में छापेमारी के दौरान जो दस्तावेज मिले हैं, उसमें ऐसी बातें सामने आई हैं, जो सरकार के खिलाफ साजिश रचने की ओर इशारा कर रही है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।

राजद्रोह का यह पहला मामला
छत्तीसगढ़ में भारतीय सेवा यानी आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के किसी अधिकारी के खिलाफ राजद्रोह का यह पहला है। इससे पहले भारतीय सेवा के किसी अधिकारी पर यह केस दर्ज नहीं किया गया है।

ADG सिंह ने बलि देने के लिए मंगाया था 20 पैर वाला कछुआ…

तंत्र-मंत्र में भी था भरोसा

जांच टीम के अधिकारियों को यहां से कुछ दस्तावेज और पुराने फटे पन्ने मिले हैं। इस डायरी में जादू-टोने से जुड़ी बातें लिखी हुई हैं। कुछ ऐसा अजीबो-गरीब सामान भी सिंह के यहां से मिला है जो अमूमन तंत्र-मंत्र के काम आया करता है। एक डायरी में कोड वर्ड में कुछ अधिकारियों के बारे में अजीबो-गरीब बात लिखी हैं। जादू-टोने की बातें ये Police महकमे के ही बड़े अधिकारियों के बारे में हैं। डायरी में लिखा है- वह थाईलैंड से 20 पैर वाला कछुआ मंगवा चुका है।उसकी बलि देने के बाद कुछ भी कर सकेगा। इनमें से एक अफसर का नाम “छोटा टकला” अंकित किया गया है। लिखा है कि छोटा टकला ने एक अफसर का बाल काट लिया है, इसलिए सब कुछ बिगाड़ सकता है। ऐसा अनुमान है कि छोटा टकला प्रदेश के ही एक सीनियर अफसर का कोड वर्ड है। ये बहरहाल, कई मामलों में फंसे हुए हैं और इनके खिलाफ जांच जारी है।

दो अधिकारियों के लिए अनोपचंद- तिलोकचंद

दो और अधिकारियों के लिए अनोपचंद- तिलोकचंद अंकित है। कुछ IAS अफसरों, सचिव स्तर के अफसरों, कांग्रेस-BJP के नेताओं का नाम भी कोड वर्ड में लिखा है। इन सभी दस्तावेज को बारीकी से जांच किया जा रहा है। एसीबी की जांच टीम को GP सिंह के विदेशी बैंकों में कई खातों की जानकारी मिली है। उन खातों की लिस्टिंग, रुपए कहां से आया किसने दिया, इन पहलुओं की जांच ACB की टीम कर रही है। कनाडा, ब्रिटेन और कुछ देशों में बसे परिजनों के माध्यम से निवेश की जानकारी की भी जांच हो रही है। शुक्रवार शाम तक की स्थिति में Odisha में संपत्ति, कंस्ट्रक्शन के काम में इस्तेमाल होने वाले आधा दर्जन वाहन, कई बैंक अकाउंट्स, 75 से अधिक बीमा पॉलिसी के सबूत टीम को मिले थे। ये सब GP सिंह उनकी धर्म पत्नी और उनके पुत्र के नाम पर हैं।

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