आईपीएस पत्नी का साथ निभाने पति ने पेश की ये अनूठी मिसाल, कोरोना योद्धा बन मैदान में जंग लड़ रही पत्नी…

आईपीएस पत्नी का साथ निभाने पति ने पेश की ये अनूठी मिसाल, कोरोना योद्धा बन मैदान में जंग लड़ रही पत्नी…

मुंबई। दुनिया की तरह भारत भी कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। कोरोना के कारण हर तरफ सन्‍नाटा हैं, हमें अपने घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है वहीं देश में ऐसे भी लाखों की संख्‍या में कोरोना वॉरियर्स जान जोखिम में डाल कर दिन-रात एक कर देश के नागरिकों की सेवा में लगे हुए हैं। अपनी सारी इच्‍छाओं को त्यागकर और परिवार से दूर रहते हुए दिल में सारा दर्द भुला कर कोरोना वायरस को हराने के लिए योद्धा की तरह लगातार लड़ रहे हैं। पुलिस, हेल्थ वर्कर्स और अन्य विभाग कंधे से कंधा मिलाकर देश को महामारी से बचाने में दिन-रात जुटे हैं। इन कोरोना वॅरियर्स के साथ जो उनका परिवार तकलीफें सह कर उनका साथ दे रहा हैं वो भी एक अनूठी मिसाल ही हैं।

छोटी सी बच्‍ची के साथ संभल रहे सारी जिम्मेदारी

छोटी सी बच्‍ची के साथ संभाल रहे सारी जिम्मेदारी

ऐसी ही एक मिसाल महाराष्ट्र के सातारा की एसपी तेजस्विनी सातपुते और उनकी पति की है। मुश्किल घड़ी में परिवार कैसे कंधे से कंधा मिलाकर साथ देता हैं ये देखना हैं तो इस परिवार को देखिए। तेजस्विनी कोरोना के खिलाफ मोर्चा संभाल रही हैं वहीं उनके पति अपने काम को बेहतर तरीके से अंजाम दे सकें, घर की चिंताओं से मुक्त रहें। इसलिए उनके पति किशोर ने छोटी सी बच्‍ची के साथ पूरे घर की जिम्मेदारी खुद संभाल रहे हैं। लॉकडाउन के चलते उनके घर में एक भी मेड सर्वेन्‍ट नहीं आ रही ऐसे में पति किशोर पांच साल की बेटी को संभालने के साथ घर की साफ-सफाई, बरतन माजना, कुकिंग भी कर रहे हैं।

पत्नी की वर्दी तक कर रहे प्रेस

किशोर पुणे में रहते हैं और सोशल मीडिया कंसल्टेंट, लेखक, फ्रीलांस जर्नलिस्ट हैं। उनकी पत्‍नी अपनी जिम्मेदारी निभा सके इसलिए वो हर कदम पर उनका साथ दे रहे हैं। यहां तक ड्यूटी पर जाने वाली अपनी आईपीएस पत्नी की ड्रेस तक प्रेस कर तैयार रखते हैं। खुद तेजस्विनी ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर यह अनूठी मिसाल दुनिया के सामने पेश की।

तेजस्विनी के आईपीएस बनने से पहले ही किशोर ने किया था प्रपोज

तेजस्विनी के आईपीएस बनने से पहले ही किशोर ने किया था प्रपोज

बता दें किशोर अहमदनगर के शेवगांव के रहने वाले हैं और उनकी आईपीएस पत्नी तेजस्विनी नेवासा से हैं। तेजस्विनी के आईपीएस बनने से पहले ही दोनों की मुलाकात हुई थी। किशोर सोशल मीडिया कंसल्टेंट, लेखक, फ्रीलांस जर्नलिस्ट हैं और वो पुणे में रहते हैं। एक ही शहर में रहने के कारण दोनों की पहले फोन और ई-मेल पर बातें हुईं फिर दोस्‍ती हो गई फिर किशोर ने तेजस्विनी को प्रपोज कर दिया। कुछ वक्त के बाद परिवार वालों की मदद से 2012 में दोनों की शादी के बंधन में बंध गए शादी के दो महीने बाद तेजस्वनी को आईपीएस की ट्रेनिंग में जाना पड़ा। पोस्टिंग कई जगह होती रही, इसी बीच दोनों की एक प्‍यारी सी बिटिया हुई जो अब पांच साल की है।

लॉकडाउन में अपना काम छोड़ खुद सभी जिम्मेदारियां

लॉकडाउन में अपना काम छोड़ खुद सभी जिम्मेदारियां

तेजस्विनी घर पर ज्यादा वक्त नहीं दे पाती थीं। इसलिए किशोर ने नौकरी छोड़कर कारोबार शुरू किया। इस समय बेटी ईरा के साथ तेजस्विनी सातारा में रहती है और किशोर पुणे में। वीकेंड्स पर परिवार ही उनका परिवार साथ होता हैं। जनता कर्फ्यू के समय किशोर सातारा चले गए थे और लॉकडाउन लगने पर वहीं रुक गए और कोरोना का डर से सभी हेल्‍पर को छुट्टी दे दी। घर की सभी जिम्मेदारियां खुद संभाल लीं।

दिल छू लेना वाला जवाब तेजस्विनी ने वीडियो के जरिए दिया

दिल छू लेना वाला जवाब तेजस्विनी ने वीडियो के जरिए दिया

पिछले दिनों सोशल मीडिया पर दोस्तों ने किशोर से पूछा कि क्या चल रहा है। इसका दिल छू लेना वाला जवाब तेजस्विनी ने वीडियो के जरिए दिया । मराठी भाषा में जारी वीडियो को जारी करते हुए उन्‍होंने लिखा कि मुझे अपने पति पर गर्व है। तेजस्‍विनी ने कहा जिस समय घर पर रहती हूं, तब उनकी मदद करती हूं। उन्होंने कभी मुझसे कोई काम करने को नहीं कहा। कहते भी नहीं हैं। वो मन में भी कुछ नहीं रखते। जिस आनंद से मुझे खाना खिला रहे हैं, उससे उनके प्रति मेरा आदर कई गुना बढ़ गया है। तेजस्विनी ने कहा कि मेरी गैरमौजूदगी में पति सभी कामों के साथ बेटी का भी ध्यान रखते हैं। किशोर के कई दोस्त उन्हें चिढ़ाते भी हैं। लेकिन, वो इसका भी बुरा नहीं मानते। कई लोग कहते हैं कि महिलाओं को सम्मान मिलना चाहिए। लेकिन, हकीकत में वो खुद ऐसा नहीं करते। उन्हें मेरे पति से सीखना चाहिए। गृहस्थी में सब सामंजस्य पर निर्भर होता है।

बेटी रोती है, अब वो कहती है- मम्मी अपना ध्यान रखिए

बेटी रोती है, अब वो कहती है- मम्मी अपना ध्यान रखिए

तेजस्विनी बताती हैं कि आम दिनों में बेटी का ख्‍याल उसकी केयरटेकर रखती हैं। मेरे लौटते ही वह दौड़कर गले लग जाती है। लेकिन, पिछले एक महीने से मैंने बेटी को करीब नहीं आने दिया। शुरू से ही मैंने उसे बताया कि कोरोना बहुत भयानक बीमारी है। अब वो कहती है- मम्मी अपना ध्यान रखिएगा। तेजस्विनी कहती हैं- दूर करने पर रोती भी है। भावुक हो कर तेजस्विनी कहती हैं कि अभी पांच साल की ही तो है। कभी-कभी मेरी आंखें भी भर आती हैं। लेकिन, यह दूरी बेहद जरूरी है।

Sunil Agrawal

Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222

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