एक ही दिन, दो ट्रैप: 43 हजार की रिश्वत में फंसा सिस्टम—ACB ने इंजीनियर नेटवर्क और नगर पंचायत लेखापाल को रंगे हाथ पकड़ा…

एक ही दिन, दो ट्रैप: 43 हजार की रिश्वत में फंसा सिस्टम—ACB ने इंजीनियर नेटवर्क और नगर पंचायत लेखापाल को रंगे हाथ पकड़ा…

बिलासपुर।

जांजगीर जिले में शुक्रवार 20 मार्च को एसीबी बिलासपुर ने एक ही दिन दो अलग-अलग ट्रैप ऑपरेशन कर भ्रष्टाचार के दो चेहरों को बेनकाब किया। एक ओर बिजली कनेक्शन के नाम पर इंजीनियरों का नेटवर्क रिश्वत लेते पकड़ा गया, तो दूसरी ओर नगर पंचायत नवागढ़ में भुगतान के चेक के लिए लेखापाल घूस लेते रंगे हाथ धराया। कुल मिलाकर 43 हजार रुपए की रिश्वत के साथ चार आरोपी एसीबी के शिकंजे में आए।

जांजगीर निवासी प्रदीप यादव फ्लाई ऐश ब्रिक्स प्लांट स्थापित करने के लिए ग्राम खोखसा में ट्रांसफॉर्मर लगवाना चाहता था। आवेदन और डिमांड नोट जमा होने के बावजूद काम आगे बढ़ाने के लिए पैसे की मांग सामने आई।

उप अभियंता राजेंद्र शुक्ला ने 10 हजार रुपए, जबकि सहायक अभियंता विजय नोर्गे ने अपने सहायक देवेंद्र राठौर के माध्यम से 25 हजार रुपए की मांग रखी।

शिकायत एसीबी तक पहुंची, सत्यापन हुआ और ट्रैप प्लान तैयार हुआ। 20 मार्च को शिकायतकर्ता ने तय योजना के तहत पहले 10 हजार रुपए शुक्ला को दिए, फिर 25 हजार रुपए राठौर को सौंपे। सिग्नल मिलते ही टीम ने तीनों को मौके पर दबोच लिया। 35 हजार रुपए बरामद हुए और तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई शुरू हुई।

चेक जारी करने के लिए सौदेबाजी


शुक्रवार को ही नवागढ़ नगर पंचायत में एक और ऑपरेशन चला।  लेखापाल प्रकाश जायसवाल ने भुगतान के चेक जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की।

नवागढ़ निवासी अब्दुल वहाब ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी फर्म ने वित्त वर्ष 2024-25 में अधोसंरचना और मरम्मत कार्य किया था, जिसकी करीब 2 लाख 3 हजार रुपए की बिल राशि का भुगतान लंबित था।

लेखापाल ने 16 हजार रुपए की मांग की, जिसमें से 6 हजार पहले ही ले लिए गए थे। शेष 10 हजार की मांग पर शिकायतकर्ता ने एसीबी को सूचना दी। सत्यापन के दौरान सौदेबाजी के बाद आरोपी 8 हजार रुपए लेने पर राजी हुआ।

कार में रखे पैसे, बाहर खड़ी थी टीम

ट्रैप के तहत शिकायतकर्ता को रकम देने भेजा गया। आरोपी ने 8 हजार रुपए लेकर अपनी कार में रखे।

जैसे ही संकेत मिला, सेमरा गांव के पास शाह क्रशर के नजदीक पहले से तैनात एसीबी टीम ने उसे पकड़ लिया।
पूरी राशि बरामद कर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया।

एसीबी की अपील

डीएसपी एसीबी अजितेश सिंह के मुताबिक, दोनों मामलों में शिकायतों की पुष्टि के बाद सटीक रणनीति के तहत कार्रवाई की गई। उन्होंने अब जनता से निवेदन किया है कि किसी भी विभाग में काम के बदले रिश्वत की मांग होने पर तुरंत सूचना दें।

Sunil Agrawal

Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222

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