कुछ दिन चिकन-मटन नहीं खाएंगे तो क्या बिगड़ जाएगा? SC में नॉनवेज पर याचिका खारिज
असम के गुवाहाटी के रहने वाले अमित गोयल ने लॉकडाउन के दौरान चिकन और मटन को आवश्यक वस्तुओं की सूची में शामिल करने की मांग को लेकर शीर्ष अदालत (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया था।
दिल्ली। कोरोना वायरस (Coronavirus) के हर दिन बढ़ते मामलों की वजह से देश में लॉकडाउन (Lockdown) को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है. इस दौरान सिर्फ जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी दुकानें बंद हैं. इस बीच जो लोग अपने खाने में ज्यादातर नॉनवेज शामिल करते हैं, उन्हें सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की ओर से करारा जवाब मिला है. सुप्रीम कोर्ट ने चिकन-मटन को जरूरी सामान की कैटेगरी में शामिल करने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अगर आप कुछ दिन घर पर रह लेंगे और चिकन-मटन नहीं खाएंगे, तो उससे क्या बिगड़ जाएगा?
दरअसल, असम के गुवाहाटी के रहने वाले अमित गोयल ने चिकन और मटन को आवश्यक वस्तुओं की सूची में शामिल करने की मांग को लेकर शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था. याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी में कहा था कि वह ग्रोसरीज के साथ-साथ चिकन और मटन की तलाश में अपने घर से निकला था, लेकिन पुलिस ने उसे परेशान किया।
याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि चिकन मटन को भी जरूरी खाने-पीने की चीजों में शामिल किया जाए और हर हफ्ते परिवार के किसी एक सदस्य को इसे खरीदने की अनुमति मिलनी चाहिए. ये सामान एक ही दुकान में उपलब्ध होना चाहिए, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोग इन्हें खरीद सके.इस पर जस्टिस एन वी रमन, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्चटिस बी आर गवई की बेंच ने कहा, ‘आपने किस तरह की याचिका दायर की है. कुछ दिनों तक चिकन और मटन नहीं खाएंगे तो क्या हो जाएगा? आप बाहर निकलकर भीड़ क्यों बढ़ाना चाहते हैं? क्या आप अपनी छोटी सी जिम्मेदारी भी नहीं निभा सकते?’ कोर्ट ने ये कहते हुए याचिका खारिज कर दी।
बता दें कि अमित गोयल ने वकील कौशिक चौधरी के माध्यम से ये याचिका दायर की थी. उनका कहना था कि मौजूदा समय में लॉकडाउन के दौरान जरूरी सामान की खरीदारी को लेकर स्पष्टता नहीं है।