सरिया में कोरोना से भी ज्यादा हैं चर्चित एक प्रतिष्ठान? मामला गाली गलौज धक्का-मुक्की की शिकायत के साथ थाने तक पहुंचा….
रायगढ़। लॉक डाउन के बीच बीते कुछ दिनों से रायगढ़ जिले के सरिया क्षेत्र में लॉक डाउन और कोरोना से ज्यादा एक और मामला चर्चित है। मामला उलझा है। एक मिष्ठान एवं रेस्टोरेंट प्रतिष्ठान, एक एनजीओ और नगर पंचायत अध्यक्ष के बीच। बात इतनी बढ़ गई कि मामला गाली गलौज धक्का-मुक्की की शिकायत के साथ थाने तक पहुंच गया।
दरअसल लॉक डाउन की घोषणा होने के बाद आवश्यक वस्तु को छोड़कर लगभग सभी दुकानों को बंद करने का आदेश आया था। नगर पंचायत सरिया द्वारा भी लॉक डाउन से पहले एक आदेश जारी किया गया 19 मार्च को। इस आदेश के अनुसार सरिया नगर पंचायत क्षेत्र में वायरस की संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए हाट बाजार, चौक चौराहे में फूट चौपाटी, चाट गुपचुप, फास्ट फूड, चाट पकौड़ी तथा अन्य खाद्य वस्तुओं जो खुले या ठेला लगाकर अस्थाई निर्माण कर बेचा जाता है। अगले आदेश आने तक पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
यहीं से मामला शुरू होता है। मंजरी सेवा वाहिनी समिति जो कि एक स्वयंसेवी संस्था है। समिति के अध्यक्ष नरोत्तम कुमार इजारदार ने सरिया चौक स्थित प्रतिष्ठान प्रवीण स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट पर 144 के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सरिया थाना प्रभारी और रायगढ़ जिला प्रशासन से इसकी शिकायत की। उनका आरोप था कि यह प्रतिष्ठान लॉक डाउन के नियमों का उल्लंघन करते हुए खुला है एवं इसमें बड़ा भजिया समोसा भी बेचा जा रहा है। जिसके कारण लोगों की अनावश्यक भीड़ वहां लग रही है, सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं हो रहा है और उक्त संस्थान के खुला रहने पर अन्य संस्थानों में आक्रोश पनप रहा है।
इस पूरे मामले में सरिया नगर पंचायत अधिकारी महेंद्र राज गुप्ता ने हमें बताया कि उक्त फर्म को दुग्ध एवं खाद्य सामग्री का वैद्य लाइसेंस प्राप्त है। किसी प्रकार के नियमों का उल्लंघन जांच में नहीं पाया गया है। छूट की अवधि दुकान का संचालन होना पाया गया है। दुग्ध बेकरी एवं अन्य सामानों की नगर पंचायत द्वारा जारी नियमों के तहत ही पार्सल सुविधा दी जाती है।
लेकिन इस मामले में बड़ा नाटकीय मोड़ तब आता है। जब प्रवीण स्वीट्स को क्लीन चिट के बाद 10 अप्रैल की शाम को नरोत्तम इजारदार द्वारा एक सनसनीखेज आरोप लगाया जाता है। सरिया के नगर पंचायत अधिकारी महेंद्र राज गुप्ता पर। नरोत्तम ने सरिया पुलिस में अपनी लिखित शिकायत में लिखा है कि 10 अप्रैल की शाम को जब पशु औषधालय के पास वह हमेशा की तरह पौधों में पानी देने जा रहा था। तब सरिया नगर पंचायत अधिकारी महेंद्र राज गुप्ता एवं अन्य के द्वारा उनके साथ गाली-गलौज और हाथापाई की गई।
अपनी लिखित शिकायत में उन्होंने अधिकारी के ऊपर उक्त प्रतिष्ठान के साथ सांठगांठ का आरोप भी लगाया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी लिखित शिकायत में रायगढ़ जिले के बहुचर्चित सरिया नगर पंचायत कांड जिसमें पार्षद अरुण सराफ और नगर पंचायत अधिकारी के बीच हुए मामले का भी जिक्र किया और उस मामले में अधिकारी की शिकायत को फर्जी बताया। बहरहाल इस मामले में उनके आरोपों में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा। लेकिन उनके अंडर ग्राउंड होने से मामला अधर में फस गया हैं।
इन सबके बीच नरोत्तम ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो बयान भी जारी किया। जो कि काफी वायरल भी हुआ। जिसमें उन्होंने काफी सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। लेकिन उनके आरोपों में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
CMO ने भी की थाने में शिकायत
10 अप्रैल की घटना के बारे में में जब हमने सरिया नगर पंचायत अधिकारी महेंद्र राज गुप्ता से जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल की शाम को नरोत्तम इजारदार द्वारा बिना किसी अधिकारिक पास के लॉक डाउन का उल्लंघन करते हुए बाहर घूमते पाया गया। कारण पूछने पर उन्होंने कोई वाजिब और संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। उनके द्वारा धारा 144 और 188 के उल्लंघन की जानकारी दी गई। जिसके बाद से वह अभद्र व्यवहार करने लगे। अपने आपको किसी एनजीओ का अध्यक्ष बताते हुए हुज्जत बाजी भी की। जिसकी शिकायत हमने सरिया थाना में दर्ज कराई है।
इस पूरे मामले की पड़ताल के दौरान एक बात और सामने आई कि एनजीओ के अध्यक्ष नरोत्तम के किसी एक करीबी रिश्तेदार का भी होटल/ढाबा व्यवसाय है। जो लॉक डाउन उनके तहत बंद है।
बहरहाल अभी तक इस मामले में भी सरिया पुलिस की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी है। सरिया पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी नरोत्तम का संपर्क पुलिस से नहीं हो पा रहा है। उनका मोबाइल लगातार स्विच ऑफ आ रहा है और घर पर भी नही हैं। जिसके कारण कार्रवाई अधर में लटकी है।