एसआईटी ने किये बड़े खुलासे, पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के आरोपियों के अपराध को प्रमाणित करने साक्ष्य संकलन में पुलिस ने झोंकी ताकत..
पढिये एसआईटी के प्रारंभिक जांच की पूरी रिपोर्ट..
नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के स्वतंत्र पत्रकार मुकेश चंद्राकार हत्याकांड मामले में पुलिस ने मुख्य षड्यंत्रकारी बताए जा रहे ठेकेदार सुरेश चंद्राकार सहित चार आरोपियों को जेल दाखिल कर दिया है। पुलिस का दावा है कि, सीमित समय में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। आरोपियों को जेल भेजे जाने के पहले मुकेश हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी घटनास्थल पर लेकर गई और सीन ऑफ क्राइम रिक्रिएट किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार संभावनाएं हैं कि, इस प्रकरण में अन्य आरोपितों की भी गिरफ़्तारी हो सकती है।
डिजिटल फुटप्रिंट को और बेहतर करने की कवायद
पुलिस इस मामले में डिजिटल फुटप्रिंट को और बेहतर करने की क़वायद में जुटी है। इस मामले में चल रहे पुलिस अनुसंधान की पूर्णता के लिए तकनीकी साक्ष्य का बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाईल के विस्तृत विवरण हासिल करने के लिए उन्हे एफएसएल को भेजने वाली है। इस मामले में सीडीआर (कॉल डिटेल) के साथ साथ आईपीडीआर (नेट बेस्ड डिटेल) पुलिस हासिल कर चुकी है। एफएसएल की लैब से पुलिस आरोपितों के फ़ोन में दर्ज वो डाटा भी रिकवर कर पाएगी जो कि डिलीट हो चुका है।
तीस से अधिक अधिकारी कर्मचारियों ने ताक़त झोंकी
स्वतंत्र पत्रकार मुकेश की हत्या की विवेचना के लिए एसआईटी गठित की गई है। इस एसआईटी में 11 सदस्य हैं। लेकिन इन 11 सदस्यों के साथ साथ पुलिस महकमे के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों का भी इस प्रकरण की विवेचना में सहयोग लिया जा रहा है। इनमें ना केवल बीजापुर बल्कि रेंज मुख्यालय के लोग भी शामिल हैं। मुकेश की हत्या बेहद सुनियोजित थी, और इसलिए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हर संभव साक्ष्य तलाशने में विशेषकर तकनीकी साक्ष्य संकलन में ताक़त झोंक चुकी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुकेश की हत्या रात दस बजे के आसपास कर दी गई थी।

मुकेश के मोबाइल की तलाश जारी
पुलिस को मृतक मुकेश के मोबाइल की तलाश है। पुलिस को आरोपियों ने जिस जगह मुकेश का मोबाइल फेंकना बताया है, वहां वह मोबाइल नहीं मिला है। मोबाइल की तलाश के लिए SIT जब घटनास्थल पर क्राईम सीन पर रिक्रिएशन के लिए पहुँची थी तो वहां पर भी मोबाइल तलाशा गया। खबरें हैं कि, पुलिस ने सैप्टिक टैंक खाली करा कर वहां भी तलाशी ली लेकिन मुकेश का मोबाईल नहीं मिला है।
एसआईटी चीफ मयंक बोले
इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित विशेष अनुसंधान दल याने एसआईटी के चीफ आईपीएस मयंक गुर्जर ने द हिट डॉट इन से कहा-“प्रकरण की विवेचना में हर बिंदु शामिल है। तकनीकी साक्ष्यों को बेहतर तरीके से संकलित करा जा रहा है ताकि अनुसंधान पूरा हो सके। अनुसंधान सीमित समय में पूरा हो जाएगा। हमें विश्वास है कि दोषियों को सजा मिलेगी।”





