जज की मौत मामले में 12 घण्टे की मैराथन बैठक, जानिए बड़ा अपडेट…

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जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तर आनंद की मौत के मामले में साजिश का एंगल खंगालने के लिए एसआईटी ने शुक्रवार को मैराथन बैठक की। एडीजी अभियान संजय आनंद लाटकर की अगुवाई में टीम ने एसएसपी ऑफिस में सुबह 10 बजे से रात आठ बजे तक लगातार बैठक की। इस दौरान गिरफ्तार ऑटो चालक लखन वर्मा और राहुल वर्मा को अलग-अलग कमरे में बैठाकर टीम के सदस्यों ने उनपर सवाल की बौछार की। बताया जा रहा है कि अबतक की जांच में एसआईटी को कोई नया एंगल नहीं मिल पाया है। एसआईटी ने सीआईडी की फोरेंसिक टीम के साथ भी अलग से बैठक की।

घटनास्थल और ऑटो से जब्त साक्ष्य की बारीकी से समीक्षा की गई। एसआईटी के निर्देश पर धनबाद के अलग-अलग डीएसपी की अगुवाई में मोबाइल सीडीआर और कॉल डंप को खंगाला जा रहा है। मोबाइल सीडीआर के आधार पर सरायढेला थाने में बुलाकर कई लोगों से पूछताछ भी की गई। दोनों आरोपियों के पास से चार मोबाइल नंबरों के हाल के दिनों का कॉल डिटेल्स निकाला गया है। आरोपियों के नंबरों पर आए फोन और उनके द्वारा किए गए कॉल के संबंध में जांच चल रही है। कातिल ऑटो के पीछे सीसीटीवी में दिखे बाइक सवार की भी तलाश की जा रही है। अन्य सड़कों पर मिले सीसीटीवी से भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

एसआईटी ने गिरिडीह जाने के दौरान ऑटो में बैठे सवारी से भी पूछताछ की है। इस यात्री को आमाघाटा के पास उतार दिया गया था। एसआईटी ने जज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी विस्तार से चर्चा की। एसआईटी में आईजी प्रिया दुबे, डीआईजी कन्हैया मयूर पटेल, एसएसपी संजीव कुमार, सिटी एसपी आर रामकुमार, एएसपी मनोज स्वर्गियारी सहित अन्य शामिल हैं। एडीजी सहित अन्य अधिकारी फिलहाल धनबाद में ही कैंप कर रहे हैं। एक सप्ताह में यह टीम अपनी रिपोर्ट उच्च न्यायालय को सौंपेगी।

एडीजी अभियान संजय आनंद लाटकर ने कहा, ‘हर बिंदु पर जांच चल रही है। कई प्रकार की टीमें बनाई गई हैं। टीमें विभिन्न एंगल पर काम कर रही हैं। जानकारी और साक्ष्य जुटाया जा रहा है। जांच के पहलुओं को जल्द ही साझा किया जाएगा।’ एसआईटी ने पहले दिन जांच की दिशा तय की। निर्देशित दिशा में साक्ष्य जुटाने के लिए एडीजी ने इंस्पेक्टरों की अगुवाई में 11 टीमें बनाई हैं। शनिवार को एडीजी सभी टीमों के साथ बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि सभी टीम को अलग-अलग टास्क सौंपी गई है। मोबाइल सीडीआर सहित अन्य जांच के लिए कई टीमों का गठन हुआ है।

जज उत्तम आनंद की ओर से धनबाद व अन्य जिलों के न्यायालयों में सुनाए गए अहम फैसलों से जुड़ी जानकारी एकत्रित करने की जिम्मेवारी भी टीमों को सौंपी गई है। पता लगाया जा रहा है कि जज ने किस-किस मामले में आरोपियों को सजा सुनाई थी। किन-किन मामलों में बेल रिजेक्ट किया था। टीम आरोपियों के बैकग्राउंड और ऑटो मालिक का विवरण भी जुटाएगी। अन्य पहलुओं पर भी जांच चल रही है। देवघर में भीड़ नियंत्रण के लिए प्रतिनियुक्त झरिया थाना के पूर्व इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार सिंह और इंस्पेक्टर संतोष गुप्ता को वापस धनबाद बुला लिया गया है। इन दोनों अधिकारियों को भी जांच टीम में जगह दी गई है।

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