Homeस्वास्थ्यकोरोना से कितना बचाएगी मास्क, क्या कहता है मास्क पर विज्ञान ?

कोरोना से कितना बचाएगी मास्क, क्या कहता है मास्क पर विज्ञान ?

जैसा कि आप जानते हैं कि सरकार ने सभी लोगों को राष्ट्रीय आपदा अधिनियम के तहत मास्क, गमछा या कुछ कपड़ा पहनने का आदेश दिया है। सवाल यह है कि यह कितना वैज्ञानिक है ? आइए जांच करते हैं, भारत या दुनिया में अनुसंधान का कोई वैज्ञानिक डेटा नहीं है जो यह साबित करता है कि किसी भी विधि में किसी भी चीज को पहनने से संक्रमण दर कम हो सकती है।

डॉक्टर बिप्लव बंधोपाध्याय से जानते हैं कितना कारगर है मास्क…

पहला- हम मानते हैं कि सभी मास्क समान हैं ?

नहीं. सरकार द्वारा सुझाया गया तीन स्तर का मास्क कुछ बैक्टीरिया को कुछ हद तक रोक सकती है. लेकिन वायरस को नहीं। यदि हम इसे ठीक से नहीं पहनते हैं तो हवा लीक हो सकती है और अधिकांश लोग इसे सही तरीके से नहीं पहन रहे हैं।

दूसरा- एक तीन स्तरित मास्क एक रूमाल या गमछा के बराबर है?

नहीं. क्योंकि तीन स्तरित मास्क में बैक्टीरिया और कुछ बूंदों के खिलाफ अधिक सुरक्षात्मक शक्ति होती है. आम जनता में इसे लेकर कोई समझ नहीं है न ही उन्हें प्रशिक्षित किया गया है कि कैसे इसका उपयोग करें।

तीसरा- लोग भ्रमित हो सकते हैं कि वे जिस तरह से भी कपड़ा बंधेंगे, उससे उनकी और दूसरों की रक्षा होगी, ये भ्रामक सोच इस संक्रमण में अधिक खतरनाक है.

चौथा- इस बात का खतरा ज़्यादा है कि लोग कपड़े बांधकर अन्य प्रभावी तरीकों के पालन में लापरवाही करे। क्योंकि वे सोच रहे होंगे कि कपड़ा बंधने के बाद अब कुछ कुछ नहीं होगा। इसलिए इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि वे केवल अपने चेहरे पर एक कपड़ा पहनकर, ठीक से हाथ न धोएं और एक मीटर की दूरी रखना बंद कर दें। कपड़े पहनकर सर्वथा सुरक्षित मानने की भावना सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धोने के तरीके के अनुपालन न करने को प्रेरित कर सकती है जो घातक है।

चूंकि यह सरकार का आदेश है इसलिए आपको राष्ट्रीय आपदा अधिनियम के तहत इस आदेश का पालन करना है। लेकिन आपको खुद से और अधिकारियों से ये सवाल पूछने चाहिए। ताकि हम अपने लोकतंत्र को प्रोत्साहित और समृद्ध कर सकें।

Sunil Agrawal
Sunil Agrawal
Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222
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