इंदौर। इंदौर शहर में मौजूद पुलिसकर्मियों के कोरोना संक्रमित होने की आशंका है। कोरोनाग्रस्त लोगों के संपर्क व ऐसे क्षेत्रों में भ्रमण के कारण वर्दी के जरिए कोरोना वायरस घर तक पहुंच सकता है। पुलिसकर्मी घर जाना छोड़ दें। ड्यूटी के तुरंत बाद वर्दी को गरम पानी में डुबो दें। यह निर्देश आईजी विवेक शर्मा ने दिए है। देखभाल के लिए एएसपी स्तर के अधिकारी को नियुक्त कर दिया है। थानों पर जाकर व्यवस्थाएं भी देख रहे हैं। शर्मा के अनुसार कोरोना वायरस (कोविड-19) से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ पुलिसकर्मी भी तैनात रहते है। कई बार मरीजों को भर्ती कराने, अस्तपताल जाने और ड्यूटी के दौरान जांच में भी कोरोनाग्रस्त व्यक्ति से संपर्क का खतरा रहता है। कर्फ्यू के कारण परिवार वैसे ही लॉकडाउन हैं। ऐसे में ड्यूटी के बाद घर न जाएं। थाना स्तर व पुलिस लाइन में निर्धारित स्थानों पर ही रुकें।
आईजी ने यह भी सुझाव दिया कि ड्यूटी के बाद तुरंत वर्दी उबलते हुए पानी में भिगो दें। उन्होंने पुलिसकर्मियों और स्वजन की देखभाल के लिए सेल बनाई है। इसकी एएसपी गुरुप्रसाद पारासर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आईजी ने सभी एसपी और डीआईजी को भी इसका पालन करने के निर्देश दिए और स्वयं ने भी परिवार से अलग रहना शुरू कर दिया।
थाना स्तर पर होस्टल-धर्मशाला और होटल को बनाएंगे बैरक : आरआई जयसिंह तोमर के अनुसार पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए और इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत करने के लिए दवाइयों का वितरण किया जा रहा है। नहाने और पीने के लिए गरम पानी भी मुहैया करवाया जाएगा। रुकने के लिए सभी थाना क्षेत्रों में होटल, होस्टल व धर्मशालाओं का अधिग्रहण कर पुलिसकर्मियों के लिए व्यवस्था की जाएगी।
अस्पताल में सिर्फ दो मरीज, डॉक्टर भी क्वारंटाइन
बुधवार रात आई रिपोर्ट में मालवा मिल क्षेत्र के अस्पताल में भर्ती एक मरीज भी कोरोना संक्रमित पाया गया है। इसके बाद से अस्पताल में सुरक्षा के प्रबंध बढ़ा दिए गए हैं। फिलहाल इस अस्पताल में सिर्फ दो मरीज ही भर्ती हैं। इसमें एक कोरोना से संक्रमित रोगी है, जबकि दूसरा सिर पर लगी चोट के कारण भर्ती है। संक्रमित रोगी का जो डॉक्टर इलाज कर रहा था, वह भी अस्पताल में ही क्वारंटाइन है। अस्पताल खाली होने के कारण 80 फीसदी स्टाफ को भी छुट्टी दी गई है। नए मरीज भी अस्पताल में नहीं लिए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमित मरीज की हालत भी ठीक है और पूरी एहतियात के साथ स्टाफ उसका इलाज कर रहा है।
