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शौचालय इस्तेमाल पर डिप्टी कलेक्टर और वन विभाग के अधिकारी आमने-सामने, विवाद मुख्य सचिव तक पहुंचा, मंडल ने कहा- डिप्टी कलेक्टर पद राज्य के प्रशासनिक व्यवस्था में रीढ़ की हड्डी है

रायपुर। एसडीएम के कहने पर कानन पेंडारी के एसडीओ को थाने में तीन घंटे तक बैठाए रखने का मामला अब तूल पकड़ते जा रहा है.  गुरुवार को राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के सदस्यों और पदाधिकारीयो ने मुख्य सचिव आरपी मंडल से मुलाकात कर कानन पेंडारी के अधीक्षक विवेक चौरसिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

दरअसल पूरा मामला टायलेट के इस्तेमाल को लेकर उपजे विवाद से जुड़ा हुआ है. कवर्धा के एसडीएम विपुल गुप्ता का परिवार पिछले रविवार को कानन पेंडारी घूमने गया था. जिसमें उनकी गर्भवती पत्नी भी शामिल थीं. एसडीएम ने परिवार के पहुंचने की जानकारी कोटा एसडीएम आनंद स्वरुप तिवारी को दी थी।
बताया जा रहा है कि बिलासपुर पहुंचने के बाद एसडीएम की गर्भवती पत्नी ने कानन पेंडारी में स्थित अधीक्षक कार्यालय के वाशरुम का इस्तेमाल किया. जैसे ही वे वाशरुम से बाहर निकलीं वैसे ही अधीक्षक विवेक चौरसिया कार्यालय पहुंच गए और नाराज होते हुए कथित तौर पर उन्होंने एसडीएम की गर्भवती पत्नी के साथ ही चपरासी और वहां के एक कर्मचारी को काफी बुरा-भला कहा. जिसकी जानकारी उनकी पत्नी ने फोन कर उन्हें दी. पत्नी को अपमानित किये जाने की जानकारी मिलते ही उन्होंने कोटा एसडीएम आनंद स्वरुप तिवारी को फोन कर कथित रुप से किये गए दुर्व्यवहार से अवगत कराया. जिसके बाद कार्रवाई करते हुए कोटा एसडीएम ने पेंडारी अधीक्षक को थाना में बैठा दिया और उनकी गाड़ी को जब्त कर लिया।

घटना के दूसरे दिन जब वन विभाग के कर्मचारियों को इसकी जानकारी लगी तो उन्होंने एसडीएम के खिलाफ मोर्चो खोल दिया और रैली निकालकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
अब राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने मामले में चीफ सक्रेटरी आरपी मंडल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और कहा कि जिलों में पदस्थ राजस्व अधिकारी का ज्यादातर समय शासन प्रशासन के महत्वपूर्ण आगंतुकों के प्रोटोकॉल में बीतता है. ऐसे में मूलभूत सुविधाएं के लिए भी यदि इस प्रकार का विवाद उत्पन्न होगा तब जिलों में प्रोटोकॉल व्यवस्था चरमरा जाएगी. कानन पेंडारी बिलासपुर क्षेत्र के लिए एक मुख्य पर्यटन स्थल है और जब वहां का अधीक्षक ऐसे मूलभूत शौचालय प्रयोग मामले में असंवेदनशील होगा. तो वहां आम जनता और खास कर महिलाओं और बुजुर्गों के लिए खासा असुविधा होगी. ऐसे में उस पर कार्यवाही करते हुए उसको वहां से हटाया जाए.
अधिकारियों की बात सुनने के बाद मुख्य सचिव ने संघ को उचित कार्रवाई किये जाने का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि डिप्टी कलेक्टर पद राज्य के प्रशासनिक व्यवस्था में रीढ़ की हड्डी का काम करती है. वो अपने मेहनत और विजन के बल पर राज्य को विकास की ओर ले जाता है और समाज में व्यवस्था बनाये रखने का काम करता है. उन्होंने प्रशासन में सक्रिय योगदान के लिए संघ सदस्यों की तारीफ करने के साथ ही प्रोत्साहित भी किया और साथ ही में उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस मामले में उचित कार्रवाई करेंगे।

Sunil Agrawal
Sunil Agrawal
Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222
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