महिला कर्मी के साथ दुर्व्यवहार, अभद्रतापूर्ण बर्ताव अश्लील टिप्पणियां, अब जेल का रास्ता, कानून व महिला को कमजोर आंकने वाले वाहियात डिप्टी रेंजर सत्येंद्र कश्यप पर गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज…
महासमुंद। जिले के पिथौरा में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां एक महिला वन कर्मी ने तेंदूपत्ता प्रभारी और डिप्टी रेंजर सत्येंद्र कुमार कश्यप पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी डिप्टी रेंजर के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। घटनाक्रम के अनुसार महिला वन कर्मी ने आरोप लगाया है कि डिप्टी रेंजर सत्येंद्र कुमार कश्यप ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, महासमुंद के पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए। 24 मार्च को, महिला वन कर्मी की रिपोर्ट के आधार पर पिथौरा थाने में डिप्टी रेंजर सत्येंद्र कुमार कश्यप के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 और 75(2/3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं गैर-जमानती हैं, जिसका मतलब है कि आरोपी को अदालत से ही जमानत मिल सकती है।
आईपीसी की धारा 354 महिलाओं के खिलाफ छेड़छाड़ और आपराधिक बल के इस्तेमाल से संबंधित है। धारा 75(2/) विशेष रूप से महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार से संबंधित है। गैर-जमानतीय धाराओं में मामला दर्ज होने का मतलब है कि आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा और अदालत ही जमानत पर फैसला करेगी। वन विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और मामले की आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है। आरोपी डिप्टी रेंजर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। इस घटना से वन विभाग की कार्यप्रणाली और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना वन विभाग में महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल पर उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार के मामलों को उजागर करती है।
तेन्दूपत्ता प्रभारी पर अश्लील टिप्पणी का आरोप: 5 बड़ी बातें
1️⃣ महिला कर्मचारी का आरोप: तेन्दूपत्ता प्रभारी सत्येन्द्र कुमार कश्यप ने कार्यालय बुलाकर अश्लील और अभद्र बातचीत की, अनुचित संबंध बनाने का दबाव डाला।
2️⃣ अनुचित प्रस्ताव: महिला कर्मचारी के अनुसार, कश्यप ने कहा, “मुझे समय बिताने के लिए एक महिला सहयोगी चाहिए, क्या आप 8-15 दिनों में एक बार मेरे साथ संबंध बना सकती हैं?”मेरी पत्नी से अनबन है।
3️⃣ भविष्य में धमकी: आरोपी अधिकारी ने कहा कि वह जल्द ही ऊंचे पद पर पहुंचेगा और तब महिला को उसके अधीन कार्य करना पड़ेगा।
4️⃣ सुरक्षा की चिंता: शिकायतकर्ता ने कहा कि अगर इस शिकायत के बाद उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सत्येन्द्र कश्यप की होगी।
5️⃣ जांच की मांग: महिला ने वन परिक्षेत्र अधिकारी और जिला यूनियन महासमुंद से तत्काल कार्रवाई की अपील की, महिला संगठनों के हस्तक्षेप की संभावना।
रेंजर प्रत्युष पाण्डे
हमने DFO को मामला भेज दिया है आवश्यक कार्रवाई के लिए लिखा हूं DFO ने विशाखा कमेटी को दिया
हल्ला बोल यूनियन अभी तक मौन उपवास, थानेदार रवैया पूर्व में नकारात्मक क्यों रहा किसका दबाव था।
रेंजर प्रत्युष पाण्डे का रवैया पीड़िता के प्रति सकारात्मक
दो बार पत्र लिखकर अवगत करवाया। DFO को लेटर की कापी है। इस प्रतिनिधि के पास है। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक आज शाम महिला हवलदार उत्तरा दीवान आनलाईन महिला मजिस्ट्रेट को बयां पीड़िता का लिया जा रहा था।
पीड़िता ने बताई कि चालान कटेगा तब धारा 74तब लगेगा ऐसा कहा गया। 20 व 21मार्च को भी थाना से बैरंग लौटे। 20 मार्च को टीआई उमेश वर्मा ने यह कहकर लौटाया कि अधिकारी से पुछुगा तब होगा दर्ज मामला। 21 को भी गोलमोल जवाब जांच करेंगे। 22 को हवलदार दीवान ने एक कागज में बयां लिया। लेकिन नहीं हुआ FIR। 23 मार्च को 4 बजे शाम फिर काल करके थाना बुलवाया गया पीड़िता बोली FIR होगी तब आऊंगी। फिर वो थाना गई। टीआई उमेश वर्मा ने कहा विशाखा कमेटी से जांच नहीं चाहती ऐसा लिखवा कर DFO से लाओ और SP से कहना कि TI FIR नही कर रहे पर उसने यह नहीं कि 23 को कुछ विशिष्ट जनप्रतिनिधियो, पत्रकारों मीडिया को बताई कि IG DGP से मिलूंगी नहीं जाऊंगी पिथौरा थाना तब यह खबर थाना तक पहुंची तो आज काल करके बुलवाया गया और FIR किया गया। अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ आदतन शराबी है सत्येन्द्र कश्यप पत्नी से भी झगड़ा की बात कहता है अन्य महिलाओं से। सुत्रो के मुताबिक अपने बंगले में आराम फरमाते हुए घर पर सरकारी काम निपटा रहा, सोशल मीडिया में हल्ला के बाद कार्यालय नहीं आ रहा। फारेस्ट गार्ड से डिप्टी रेंजर बना है बलौदाबाजार जिला का है। आज 10 से 12 बजे के बीच हुआ मामला दर्ज। उल्लेखनीय महासमुन्द व प्रान्त के युनियन कुछ बड़े पदाधिकारी बात-बात में नेतागिरी दिखाने वाले मुंह में गुपचुप डाल के मौन व्रत में हैजो कि शर्मनाक पहलू हैं। चौंकाने वाली बात है कि पीड़िता के साथ जो रवैया अपनाया गया क्या वो सुशासन का नक्शा है। पिथौरा थानेदार पर किसका दबाव था। इतनी लेट लतीफी क्यों? DFO ने विशाखा कमेटी को देकर पलड़ा झाड़ा, थानेदार ने वापस लेने क्यों कहां? बेटी बचाओ कानून महिला सशक्तिकरण की कानूनी बानगी ऐसी की मानसिक प्रताडना भी साथ मे चप्पल घिस जाए। कानून किसी की बपौती नहीं। यह प्रतिनिधि शाम 6 बजे थाना पहुंची पर थानाप्रभारी नहीं थे तो रू-ब-रू बयान नहीं हो पाया।
मामले में महासमुन्द डीएफओ पंकज राजपूत ने कहा, पिथौरा वन विभाग में बरसों से कार्यरत महिला कर्मचारी ने डिप्टी रेंजर पर अश्लील बातें करने सहित और भी गंभीर आरोप लगाया है। वन विभाग में पदस्थ डिप्टी रेंजर के खिलाफ हमारे विभाग को पीड़ित महिला कर्मचारी से शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महासमुंद प्रतिभा पाण्डेय ने कहा कि पीड़ित महिला की शिकायत पर मामला पंजीबद्ध किया गया है. अभी किसी प्रकार की कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले की जांच की जा रही है। ये डिप्टी रेंजर जहां जाता है वहां विवाद में रहता है अपने कारनामों से न महासमुंद जिला अछूता रहा है न ही बलौदाबाजार जिला अछूता रहा है हमेशा विवादों में घिरा रहा है। इसकी इस बत्तमीजी अश्लीलता की हदें पार कर देने वाली अश्लील TALKS पर अभी तक निलंबन ना होना, चर्चा के दायरे में हैं अनेक संदेह पैदा कर रहे अभी तक गिरफ्तार भी नहीं हुआ।
