रायगढ़ के पॉलिटेक्निक कॉलेज का पुराना नाम लौटा, फिर होगा ‘सेठ किरोड़ीमल छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’

रायगढ़ के पॉलिटेक्निक कॉलेज का पुराना नाम लौटा, फिर होगा ‘सेठ किरोड़ीमल छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’

रायगढ़।

छत्तीसगढ़ शासन ने रायगढ़ स्थित छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का नाम पुनः “सेठ किरोड़ीमल छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायगढ़” करने का आदेश जारी कर दिया है। लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद शासन के इस फैसले का अग्र समाज ने स्वागत करते हुए इसे जनभावनाओं के अनुरूप लिया गया निर्णय बताया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दानवीर सेठ किरोड़ीमल शिक्षा, समाजसेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए जाने जाते हैं। उनके सम्मान में रायगढ़ के इस तकनीकी संस्थान का नाम रखा गया था।

बाद में नाम परिवर्तन किए जाने के बाद अग्र समाज की ओर से इसे पूर्ववत करने की मांग लगातार उठाई जाती रही। इस संबंध में समाज के प्रतिनिधियों ने विभिन्न स्तरों पर शासन, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी थी। 28 जुलाई को जारी आदेश में राज्य शासन ने संस्थान का नाम पुनः “सेठ किरोड़ीमल छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायगढ़” करने की स्वीकृति प्रदान की है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि नाम परिवर्तन के लिए सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति प्राप्त हो चुकी है। आदेश जारी होने के साथ ही संस्थान का नाम आधिकारिक रूप से पुनर्स्थापित हो गया है। शासन के फैसले के बाद अग्र समाज के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठजनों ने प्रसन्नता व्यक्त की।

समाज का कहना है कि यह निर्णय उठाई जा रही मांग के पूरा होने के साथ-साथ शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में दानवीर सेठ किरोड़ीमल के योगदान को सम्मान देने वाला कदम है। उनका मानना है कि इससे नई पीढ़ी को भी उनके व्यक्तित्व और समाज के प्रति किए गए कार्यों की जानकारी मिलेगी। अग्र समाज ने इस निर्णय के लिए छत्तीसगढ़ शासन, संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तथा इस विषय को शासन स्तर तक पहुंचाने वाले सभी जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। समाज ने विशेष रूप से प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न स्तरों पर हुए सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप यह निर्णय संभव हो सका।

समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि सेठ किरोड़ीमल का योगदान केवल किसी एक समाज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, समाजसेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में उनके कार्य पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि संस्थान के नाम की पुनर्स्थापना से उनकी विरासत और योगदान आने वाली पीढ़ियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।

Sunil Agrawal

Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222

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