आओ प्रकृति के साथ सामंजस्य बैठाये, एक नहीं अधिक से अधिक पेड़ लगाये – अमित साहू
खरसिया। गौरव दुनिया डॉट कॉम के प्रधान संपादक अमित साहू ने कहा कि कोरोना आपदा के अवसर पर हमें इस ओर भी गौर करने की आवश्यकता है की ये स्थिति क्यो आईं ओर कैसे आई …?
अमित साहू कहते है कि मानव अपनी विकास की ओर बढता जा रहा है पर वह प्रकृति की निरंतर अनदेखी कर रहा है ! हम प्रकृति से जितना दूर जाते रहेंगे, प्रकृति भी हमें उतना ही दूर करती रहेगी ! कही प्राकृतिक आपदा का सही कारण कही प्रकृति के साथ खिलवाड़ तो नही …???
सभी मनुष्यों का अपने आप को सर्वोपरि समझना , प्रकृति के बनाए नियमो का दिन प्रतिदिन उलंघन करना …अनेको पर्यावरण विभागों , मौसम विभागों , समाचार पत्रो, न्यूज़ एजेन्सिज द्वारा हमें सदैव निरंतर सतर्क किया जा रहा है की ….
धरातल में प्रकृति का सन्तुलन निरन्तर बिगड़ता जा रहा है, निरन्तर ग्लोबल वार्मिंग ,जल प्रदूषण , वायु प्रदूषण , थल प्रदूषण , निरन्तर छायादार वृक्षों का कटना , कल कारखानों से निकलने वाले धुएं, निरन्तर कभी ना नाश होने वाले प्लास्टिक पॉलीथिन को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना, खुले में शौच, मानवों में आपसी भाईचारे की भावना की समाप्ति, मानवों में मानवता नैतिकता एक मात्र दिखावा ही रह जाना चारो तरफ छल कपट का बोल बाला होना ….
बड़े बड़े वैज्ञानिक बता बता कर थक गये की प्रकृति के साथ खिलवाड मत करो। हम नही मान रहे तो कही ऐसा तो नही की प्रकृति ये बताने का प्रयास कर रही हो की हम अपने लिऐ नही तो कम से कम अपने आने वाले पीढ़ी के लिये प्रकृति को संरक्षित और सुरक्षित करके चले ….
प्रकृति के अधीन हम हैं प्रकृति हमारे अधीन नही…
आओ प्रकृति के साथ सामंजस्य बेठाये…और आने वाले कल को बेहतर बनाए, आपका एक एक प्रयास, आने वाले कल का सुंदर भविष्य है।
आओ एक नहीं अधिक से अधिक पेड़ लगाये…।