
ये था मामला
व्यापारी के परिजनों ने लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत में बताया था कि अखबार में दुकान खोलने के संबंध में आई खबर के बाद हार्डवेयर व्यापारी अजय गट्टानी ने शनिवार को अपनी दुकान खोली. इसी दौरान एसडीएम मेनका प्रधान और तहसीलदार पीसी साहू शहर के भ्रमण में निकले हुए थे जो कि दुकान खुली देखकर वहां पहुंचे. तहसीलदार ने अजय गट्टानी को दुकान बंद करने के लिए कहा और 500 रुपये का जुर्माने की रसीद काट दी.

परिजनों के अनुसार व्यापारी उस जुर्माने को पटाने के लिए राजी भी हो गया लेकिन उसी दौरान एसडीएम मेनका प्रधान भी आ गई और उन्होंने कहा कि 500 रुपये नहीं बल्कि 2000 रुपये का चालान काटना है. जिस पर व्यापारी और 500 रुपये का चालान काट चुके तहसीलदार की बहस हो गई. तहसीलदार को व्यापारी का बहस करना नागवार गुजरा और उसने डंडे से व्यापारी की पिटाई कर दी. इस पिटाई में उनका सर फट गया. बताया जा रहा है कि इसी दौरान उनका बेटा बीच बचाव करने आया तो तहसीलदार ने उसकी भी पिटाई कर दी.
इधर इस पूरे वाक्ये का वीडियो व्यापारी का दूसरा बेटा बना रहा था. परिजनों का आरोप है कि जिसका मोबाइल तहसीलदार ने छीन लिया और उसे भी थाना लेकर चले गए. थाना में उसे धमकाकर दबावपूर्वक उसके मोबाइल के फिंगर प्रिंट लॉक को खुलवा लिया और उसमें से वीडियो डिलीट भी कर दिया.
उधर व्यापारी के सिर पर ज्यादा चोट लगने के बाद अस्पताल में टांका लगाना पड़ा.