गर्म राख की पाइप फटने से मोनेट के इंजीनियर की मौत

पाइप की सफाई करने के दौरान हुआ हादसा

खरसिया। मोनेट के एक कर्मचारी की काम के दौरान हादसे की वजह से मौत हो गई है। हादसे का वक़्त दोपहर लगभग 12:30 बजे की बताया जा रहा है। हादसा उस समय हुआ जब पावर प्लांट के एक पाइप जाम होने की वजह से मरम्मत किया जा रहा था, बताया जा रहा है कि पावर प्लांट से निकलने वाला गर्म राख की पाइप जाम हो गई थी, जिसे ठीक करने सीनियर इंजीनियर राम चंद्र साहू पाइप को खोलकर कुछ कर रहे थे कि इसी दौरान गर्म राख तेजी से बाहर निकल गया। बताया जा रहा है कि इससे सीनियर इंजीनियर चपेट में आ गया और बुरी तरह से घायल हो गया, पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जिंदल फोर्टिस में इलाज के दौरान करीब 4:30 बजे रामचंद्र साहू की मौत हो गई। प्रबंध ने बताया कि मृतक के परिजनों को इस घटना की इत्तला दे दी गई है। मोनेट इस्पात अपना पावर प्लांट शुरू करने की तैयारी में है और इसी संबंध में मशीनों की साफ सफाई हो रही थी फ्लाई ऐश की पाइप में फ्लाई ऐश जमा हुआ था, वैक्यूम मिलने पर फ़ोर्स के साथ वह बाहर आ गया और उसके पेट के अंदरूनी भाग को क्षतिग्रस्त कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई।

पहले साधारण घटना बताया
इस घटना को मोनेट जेएसडब्ल्यू प्रबंधन की ओर से पहले तो साधारण कहा जाता रहा और फिर अब मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की बात भी कही जा रही है।

क्या है 50 लाख मुआवजे का सच
पूरे घटनाक्रम के संबंध में चर्चा करने पर प्रबंधन की ओर से यह जानकारी दी गई कि इस ग्रेड के अधिकारी का कंपनी की ओर से जो बीमा कराया जाता है, उसकी राशि लगभग 50 लाख होती है ऐसे में मृतक सीनियर इंजीनियर के परिजनों को भी बीमा की राशि मुआवजे के तौर पर दी जाएगी।