अंबिकापुर। राज्य सूचना आयोग द्वारा सरगुजा विश्वविद्यालय अंबिकापुर जिला सरगुजा को 2 प्रकरण में 500-500 रुपए का क्षतिपूर्ति देने का आदेश तथा जानकारी देने में जितनी राशि लागत लगी उसकी वसूली जोन तिग्गा एवं शोभना सिंह से करने का आदेश दिया है।
जनसूचना अधिकारी सरगुजा विश्वविद्यालय अंबिकापुर जिला सरगुजा से श्री डी.के.सोनी अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा सूचना के अधिकार के तहत जानकारी प्रदान करने का आवेदन दिनांक 24.10.2017 प्रस्तुत कर सरगुजा विश्वविद्यालय के अधीन श्री डी.पी.एस. तिवारी के पदस्थापना के संबंध में जानकारी की मांग किया गया था।
जिसमें समयावधि में वांछित जानकारी प्राप्त न होने पर डी.के. सोनी द्वारा प्रथम अपील दिनाक 29.11.2017 को प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया था जिसमें प्रथम अपीलीय अधिकारी ने कोई आदेश पारित नहीं किया गया जिसके कारण धारा 18 के तहत राज्य सूचना आयोग में शिकायत प्रकरण क्रमांक सी/734/2018 प्रस्तुत किया गया था।
उक्त शिकायत प्रकरण को माननीय राज्य सूचना आयोग ने पंजीबद्ध करते हुए जनसूचना अधिकारी को नोटिस जारी किया गया तथा विधिवत सुनवाई करते हुए दिनांक 27.08.2019 को जनसूचना अधिकारी शोभना सिंह सहायक कुलसचिव को दोषी मानते हुए ₹500 क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया गया ₹10 जो शासन को क्षति हुई उसे शासकीय कोष में संबंधित जनसूचना अधिकारी से वसूली कर जमा करने का आदेश दिया गया था।
इसी प्रकार से राज्य सूचना आयोग के शिकायत प्रकरण क्रमांक 929/2018 में भी दिनांक 29.08.2019 को आदेश पारित करते हुए माननीय राज्य सूचना आयोग ने सरगुजा विश्वविद्यालय के जनसूचना अधिकारी वित्त विभाग जोन तिग्गा को भी जानकारी काफी विलंब से देने के कारण ₹500 की क्षतिपूर्ति धारा 19(8)(ख) के तहत शिकायतकर्ता को देने का आदेश दिया गया इसके अलावा जानकारी देने में जितनी राशि लागत लगी उसकी ₹534 को भी जोन तिग्गा के वेतन से काटकर शासकीय कोष में जमा करने हेतु आदेश दिया गया।
जिस पर दोनों जनसूचना अधिकारी ने माननीय राज्य सूचना आयोग के आदेश का पालन करते हुए 500-500 रुपए शिकायतकर्ता को बैंक ड्राफ्ट एवं बैंकर्स चेक के माध्यम से भुगतान कर अपनी गलती को स्वीकार किया।