रायगढ़ IPL सट्टा केस: 1 करोड़ की जब्ती वाले मामले में आरोपी करण चौधरी को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज…

रायगढ़ IPL सट्टा केस: 1 करोड़ की जब्ती वाले मामले में आरोपी करण चौधरी को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज…

रायगढ़। ऑनलाइन सट्टे के बड़े नेटवर्क का संचालन करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी करण चौधरी उर्फ करण अग्रवाल को बिलासपुर हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। माननीय न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की पीठ ने मामले की गंभीरता और पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों को देखते हुए आरोपी की पहली जमानत याचिका खारिज कर दी है।

इस पूरे मामले की शुरुआत 26 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब सिटी कोतवाली पुलिस ने गद्दी चौक स्थित A-1 कैफे के संचालक हर्षित देवांगन को “लाइन गुरु” (Line Guru) सट्टा ऐप के जरिए चेन्नई सुपर किंग्स, गुजरात टाइटंस जैसी टीमों के मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खिलाते पकड़ा था।

पुलिस पूछताछ में हर्षित ने खुलासा किया था कि वह जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार और करण चौधरी के इशारे पर सट्टेबाजी के इस नेटवर्क में शामिल हुआ था। इस बड़े खुलासे के बाद पुलिस ने 12 मई 2026 को करण चौधरी को गिरफ्तार किया था। मामले में पुलिस ने छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 4 और 7, भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और आईटी एक्ट (IT Act) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

पुलिस की केस डायरी और जांच के दौरान दर्ज किए गए 7 प्रमुख गवाहों के बयानों के अनुसार, आरोपी करण चौधरी सीधे अपने बैंक खाते से लेन-देन करने के बजाय दूसरों के खातों (जैसे दुर्गा फ्यूल्स और एम.डी. फ्यूल्स) का इस्तेमाल कर सट्टे का पैसा कलेक्ट करता था। पुलिस जांच में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब करण चौधरी के मेमोरेंडम (बयान) के आधार पर ही सह-आरोपी पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल के ठिकाने से पुलिस ने 1 करोड़ 2 लाख 60 हजार 300 रुपये (1,02,60,300 रुपये) की भारी-भरकम नकदी और नोट गिनने की मशीन जब्त की थी। इसके अलावा करण के पास से 21 हजार रुपये नकद और मोबाइल भी बरामद हुआ था, जिसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) में उसकी गुड्डा सरदार से लगातार बातचीत की पुष्टि हुई है।

आरोपी जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार

दलीले..

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि मोबाइल या नकदी की जब्ती मात्र से यह साबित नहीं होता कि आवेदक सट्टेबाजी में शामिल है। हालांकि, राज्य शासन के अधिवक्ता ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कोर्ट को बताया कि आरोपी करण चौधरी के खिलाफ पूर्व में भी जुआ एक्ट सहित कुल 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया आरोपी की संगठित ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क में सक्रिय भूमिका नजर आती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले में अभी पुलिस की जांच जारी है, मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन) खंगाले जा रहे हैं और चार्जशीट भी पेश नहीं की गई है, इसलिए आरोपी को फिलहाल जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।

Sunil Agrawal

Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222

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