डॉ. रामविजय शर्मा के उत्कृष्ट कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव आईएएस सोनमणी बोरा ने लिखा पत्र कहा जनजातीय क्षेत्र में आपके कार्य प्रशंसनीय, राज्य स्तरीय कथानक अनुमोदन समिति के सदस्य भी हैं डॉ. रामविजय शर्मा. शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय की स्थापना में भी डॉक्टर शर्मा के विशेष योगदान की बात का जिक्र किया सोनमणि बोरा जी ने…

डॉ. रामविजय शर्मा के उत्कृष्ट कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव आईएएस सोनमणी बोरा ने लिखा पत्र कहा जनजातीय क्षेत्र में आपके कार्य प्रशंसनीय, राज्य स्तरीय कथानक अनुमोदन समिति के सदस्य भी हैं डॉ. रामविजय शर्मा. शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय की स्थापना में भी डॉक्टर शर्मा के विशेष योगदान की बात का जिक्र किया सोनमणि बोरा जी ने…

डॉ. रामविजय शर्मा के उत्कृष्ट कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव आईएएस सोनमणी बोरा ने लिखा पत्र कहा जनजातीय क्षेत्र में आपके कार्य प्रसंसनीय. राज्य स्तरीय कथानक अनुमोदन समिति के सदस्य भी हैं डॉ. रामविजय शर्मा



छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव आईएएस सोनमणी बोरा ने शहीद वीर नारायण सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय नवा रायपुर अटल नगर छत्तीसगढ़ के राज्य स्तरीय कथानक अनुमोदन समिति के सदस्य एवं अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ता। साहित्यकार डॉ रामविजय शर्मा को एक पत्र प्रेषित किया है 21 मई 2036 को प्रेषित पत्र में श्री सोमवारी बोरा ने कहा है कि आदरयीय डॉ. शर्मा जी, देश के माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा समय-समय पर संबोधन में स्वाधीनता संग्राम में ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध जनजातीय समुदायों द्वारा किये गये संघर्षों से आने वाली पीढ़ी से परिचित कराये जाने हेतु स्थायी संग्रहालयों की परिकल्पना की गई। माननीय प्रधानमंत्री जी की परिकल्पना को साकार करते हुये छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति विकास विभाग द्वारा वर्ष 1774 से लेकर वर्ष 1939 तक राज्य के विभिन्न जनजातीय समुदायों एवं जननायकों द्वारा अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध समय-समय पर की गई क्रातियों पर आधारित “शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय” का निर्माण भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से किया गया है

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती के समारोह के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा 01 नवम्बर 2025 को नवा रायपुर अटल नगर में निर्मित भव्य, आधुनिक और वृहद संग्रहालय जिसमें डिजिटल अनुभवों की व्यवस्था की गयी है, का लोकार्पण कर संग्रहालय की कथावस्तु पर आधारित “आदि शौर्य छत्तीसगढ़ की जनजातीय गौरव गाथा का विमोचन किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति विकास विभाग द्वारा आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में राज्य की जनजातीय संस्कृति उनकी सांस्कृतिक विशिष्टताओं रीति-रिवाज, रहन-सहन, धार्मिक आस्था, मान्यताओं, विश्वासों उनके तीज-त्यौहारों, आर्थिक जीवन, आदिम पांरपरिक तकनीक आदि को समर्पित राज्य के प्रथम आदिवासी संग्रहालय की स्थापना की गयी है. जिसका शुभारंभ /उद्घाटन 14.05.2025 को माननीय मुख्यमंत्री जी छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा करते हुए छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय के कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया है। शहीद वीर नारायण सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय के स्थापना में आपका सराहनीय योगदान रहा है। जिसके लिए विभाग आपका सदैव कृतज्ञ है। आपके यह योगदान को स्थायी रुप में इस पुस्तक में और फलक (Plaque) में कृतज्ञता स्वरूप अंकित किया गया हैब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध राज्य की जनजातीय क्रांतियों और जनजातीय जननायकों के शौर्य, पराक्रम और बलिदान को समर्पित “आदि शौर्य” एवं राज्य की जनजातीय सांस्कृतिक विरासत पर आधारित “छत्तीसगढ़ जनजातीय संग्रहालय” कॉफीटेबल बुक की 01-01 प्रतियों आपके अवलोकनार्थ कृतज्ञता सहित प्रेषित है।

Sunil Agrawal

Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222

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