“फरियाद लेकर आए… इंसाफ लेकर लौटे”: एसएसपी रजनेश सिंह के शिकायत निवारण शिविर में 43 में 41 शिकायतों का मौके पर ही समाधान

“फरियाद लेकर आए… इंसाफ लेकर लौटे”: एसएसपी रजनेश सिंह के शिकायत निवारण शिविर में 43 में 41 शिकायतों का मौके पर ही समाधान

बिलासपुर। पुलिस और जनता के बीच भरोसे की दूरी कम करने की दिशा में बिलासपुर पुलिस ने शुक्रवार को एक ऐसी पहल की, जिसने फरियादियों को सिर्फ सुनवाई का भरोसा ही नहीं, बल्कि मौके पर समाधान का विश्वास भी दिया। बिलासगुड़ी स्थित चेतना भवन में आयोजित वृहद शिकायत निवारण शिविर

 में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह स्वयं अधिकारियों के साथ फरियादियों के बीच बैठे, एक-एक शिकायत सुनी और कई मामलों में तत्काल निर्णय लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। परिणाम यह रहा कि शिविर में प्राप्त 43 शिकायतों में से 41 का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया।

शिविर में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। शिकायतें मुख्य रूप से जमीन विवाद, पारिवारिक कलह, साइबर ठगी, लेन-देन से जुड़े विवाद और महिला संबंधी मामलों की थीं। प्रत्येक शिकायत पर संबंधित थाना प्रभारी और अधिकारियों से मौके पर ही जानकारी लेकर समाधान कराया गया, जिससे फरियादियों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

 

सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि आठ मामलों में प्रथम दृष्टया संज्ञेय  अपराध पाए जाने पर एसएसपी रजनेश सिंह ने तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। संबंधित थाना प्रभारियों को स्पष्ट कहा गया कि ऐसे मामलों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और  कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

शिविर के दौरान पुलिस कप्तान ने कई फरियादियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं की पूरी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि यथासंभव उसका प्रभावी और समयबद्ध समाधान करना भी है। उन्होंने दोहराया कि आम नागरिक को न्याय पाने के लिए बार-बार थाने या कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए ऐसे शिकायत निवारण शिविर आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा, पुलिस का असली दायित्व केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि कानून के दायरे में रहते हुए पीड़ित व्यक्ति को समय पर न्याय का भरोसा दिलाना भी है। जब नागरिक बिना भय और बिना भटकाव के अपनी बात पुलिस तक पहुंचा सके, तभी पुलिसिंग का उद्देश्य सार्थक होता है।”

शिविर में महिला थाना से सबसे अधिक 8, कोतवाली से 7, सिरगिट्टी से 4, कोनी, रतनपुर और तोरवा से 3-3, जबकि सिविल लाइन, सरकंडा, तखतपुर, चकरभाठा, सीपत और मस्तूरी से 2-2 शिकायतें प्राप्त हुईं।

शिविर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईयूसीएडब्ल्यू रश्मित कौर चावला, सीएसपी, एसडीओपी तथा जिले के सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

 

Sunil Agrawal

Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222

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