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  • अर्चना अग्रवाल ने मायुम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुनाव में लहराया जीत का परचम….

    अर्चना अग्रवाल ने मायुम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुनाव में लहराया जीत का परचम….

    खरसिया। विश्व विख्यात जगन्नाथ पुरी धाम में आयोजित अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान संपन्न राष्ट्रीय निर्वाचन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष क्षेत्र जोन क्रमांक- 4 की उम्मीदवार श्रीमति अर्चना अग्रवाल खरसिया छत्तीसगढ़ ने अपने प्रतिद्वंदी उड़ीसा के मनीष अग्रवाल को हराकर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर जीत दर्ज की है, तथा 19 मार्च को देर रात्रि आये चुनाव परिणामों के बाद जहां पूरे छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश एवं उड़ीसा के मंच साथियों में अर्चना अग्रवाल के निर्वाचन में जीत को लेकर प्रसन्नता व्याप्त है, तो वहीं श्रीमती अर्चना अग्रवाल ने जीत दर्ज करने पर अपने सभी मंच साथियों एवं उनके निर्वाचन में प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया है, साथ ही श्रीमती अर्चना अग्रवाल ने कहा कि मुझे मंच साथियों ने जिस विश्वास के साथ अपना समर्थन दिया है, मैं पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ मंच संगठन को मजबूत बनाने तथा जोन क्रमांक- 4 में संगठन एवं सदस्यता विस्तार की दृष्टि से सकारात्मक प्रयास करूंगी, उन्होंने मंच के त्रि स्तरीय संगठन में विभिन्न दायित्वों का सजगता पूर्वक निर्वहन किया है, तथा अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच के वर्ष 2021 में आयोजित राष्ट्रीय चुनाव में जहां लगभग सभी प्रमुख पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ, किंतु राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जोन क्रमांक- 4 के पद पर पूरे मंच निर्वाचन में एक ही महिला उम्मीदवार के होने के बावजूद यहां निर्वाचन की नौबत आ गई, किंतु इसके बावजूद श्रीमति अर्चना अग्रवाल ने सारी चुनौतियों को स्वीकार करते हुए छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश एवं उड़ीसा प्रांत की सभी शाखाओं से सहयोग प्राप्त कर लोगों को समर्थन करने का आग्रह किया, जिस पर लोगों ने एक नारी शक्ति के रूप में सशक्त उम्मीदवार अर्चना अग्रवाल को अपना सहयोग देकर उसे विजयी बनाया, वही अर्चना गर्ग की जीत पर छत्तीसगढ़ की विभिन्न शाखाओं ने आतिशबाजी कर एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। अर्चना अग्रवाल की जीत में सुनील अग्रवाल टोनी सुनील अग्रवाल बॉबी रोहणी सुल्तानिया मुकेश गर्ग अमर अग्रवाल अंशुल गोयल प्रशान्त ग़ांधी रिंकू अग्रवाल भवंत अग्रवाल रमेश अग्रवाल नरेश अग्रवाल ओडिशा मुकेश गर्ग जगदीश मित्तल प्रहलाद बंसल रीना बसना ज्योति रायपुर प्रार्थना खंडेलवाल प्रीति अग्रवाल रजनी अग्रवाल सहित ओडिशा छत्तीसगढ़ के सभी मंच साथियों का सहयोग सराहनीय रहा।

  • बिलासपुर संभाग में हुआ भारी मतदान, अमर पारवानी की जीत सुनिश्चित- अशोक अग्रवाल

    बिलासपुर संभाग में हुआ भारी मतदान, अमर पारवानी की जीत सुनिश्चित- अशोक अग्रवाल

    खरसिया। छत्तीसगढ़ चेम्बर चुनाव में रायगढ़ जिले के साथ-साथ खरसिया से भारी मतदान, खरसिया के 132 मतदाताओं मे से 125 वोटरो ने किया मताधिकार का प्रयोग। वहीं पूरे रायगढ़ जिले में 735 वोटों में से 675 वोट पड़े, कुल मिलाकर 93% मतदान हुआ।

    जय व्यापार पैनल के अशोक अग्रवाल (पत्रकार) खरसिया ने बताया कि लोगो ने परिवर्तन के लिए भारी मतदान किया है, रायगढ़ जिले के साथ-साथ चांपा-जांजगीर, कोरबा एवं बिलासपुर में स्वयं अमर पारवानी की उपस्थिति में उत्साह के साथ भारी मतदान हुआ। प्रदेश में हो रहा भारी मतदान अमर पारवानी की जीत सुनिश्चित करेगा। अग्रवाल ने यह भी बताया कि दोनों ही पैनल के रायगढ़ जिले से उपाध्यक्ष और मंत्री पद के प्रत्याशी प्रतिष्ठित घराने के होने के कारण उनके बीच जोरदार टक्कर देखी जा रही है। पोलिंग बूथों से आने वाले अग्रवाल मतदाताओं ने भी बड़ी संख्या में यह पुष्टि करी की अमर पारवानी ही विजयी होंगे। अशोक अग्रवाल ने जय व्यापार पैनल को दिए गए समर्थन के लिए सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया है।

  • हटाये गये छ़ाल के सबएरिया एम. के. चौधरीछ़ाल में करोड़ों के कोयला घोटाले का मामला

    हटाये गये छ़ाल के सबएरिया एम. के. चौधरीछ़ाल में करोड़ों के कोयला घोटाले का मामला


    खरसिया। स्टीम कोयले की अफरातफरी करने के आरोप से घिरे एसईसीएल छाल ओपन कास्ट माइन के सब एरिया मैनेजर मुकेश कुमार चौधरी का तबादला विश्रामपुर कर दिया गया है इनके साथ ही डिस्पैच नोड़ल अधिकारी व्यंकटेश दांड़ी का भी तबादला कर दिया गया है, लेकिन ट्रांसपोर्टर पर अभी तक कोई कार्यवाही नही की गयी है जिससे क्षेत्र में चर्चा है कि कोयले का यह खेल हाई लेवल से संचालित हो रहा है, और मामला सामने आने पर अधिकारी का तबादला कर मामले को निपटाने का प्रयास किया जा रहा है।
    गौरतलब है कि सब एरिया मैनेजर के संरक्षण में कुछ़ ट्रांसपोर्टर्स के द्वारा माईनस 100 की जगह स्टीम कोयला लोड़ कर खदान से निकाले जाने की खबर प्रकाषित होने के बाद आनन फानन में हरकत में आयी विजिलेंस की टीम ने छ़ाल में छ़ापेमार कार्यवाही की तो खबरो की सत्यता की पुष्टि हो गयी। बालाजी ट्रांसपोर्ट के लोड़र के द्वारा अपने ड़ियो जो कि माईनस 100 का था के स्थान पर अपनी गाड़ियों में स्टीम कोयला लोड़ करते पाया गया, विजिलेंस की टीम की इस छ़ापेमारी के बाद से ही सबएरिया मुकेश कुमार चौधरी पर कार्यवाही का शिकंजा कसने लगा था और वे अपने बचाव का रास्ता तैयार करने में जुटे थे लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुये सीएमड़ी बिलासपुर ने न केवल सबएरिया मुकेश कुमार चौधरी बल्कि डिस्पैच के नोड़ल अधिकारी व्यंकटेश दांड़ी का भी तबादला कर दिया है। यह कार्यवाही उस वक्त हुई जब छाल माइंस में रोजाना करोड़ों की हो रही कोयले की अफरा-तफरी की खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया, इसके बाद ही एसईसीएल प्रबंधन हरकत में आया और विजिलेंस टीम को मौके पर जांच के लिए भेजा जब विजिलेंस टीम ने खदान में छापामार कार्रवाई की तो खबरों की सत्यता प्रमाणित हुई और इस टीम को मौके पर 3 ट्रेलर और एक लोडर स्टीम कोयले की अफरातफरी करते हुए मिले जिन पर कार्यवाही की गई। वाहन चालकों से लिए गए बयान और तमाम सुसंगत तथ्यों के आधार पर यह साफ हो चुका था कि कहीं ना कहीं इस पूरे खेल में खदान प्रबंधन संलिप्त है लिहाजा एरिया मैनेजर की ओर से उच्चाधिकारियों से तालमेल बैठाने की लाख कोशिशों के बावजूद उन पर लगे दाग दाग धूल ना सके और उन्हें विश्रामपुर की टिकट पकड़ा दी गई।

    लंबे समय से चल रहा था एसईसीएल को चूना लगाने का खेल

    कोल माइंस में कोयले की ग्रेडिंग के नाम पर खेला जा रहा यह खेल विगत कई वर्षो से खेला जा रहा था और एसईसीएल को हर माह करोड़ो का चूना सबएरिया और ट्रांसपोर्टर की मिलीभगत से लगाया जा रहा था, लेकिन इस मामले में सिर्फ अधिकारी पर कार्यवाही कर अपने कर्तव्यो की इति श्री करने वाले अधिकारियों के द्वारा ड़ियो होल्ड़र और संबंधित ट्रांसपोर्टर के खिलाफ अभी तक कोई कार्यवाही नही की गयी जिससे साफ तौर पर प्रतीत होता है कि इस मामले में उच्च स्तर के अधिकारियों की भी संलिप्तता है और कोयले की रेवड़ी अंतिम छ़ोर तक बंट रही है।

    कौन है आशीष पटेल, और कैसे खेला जाता है पूरा खेल

    नाम न छ़ापने की बात पर क्षेत्र के एक व्यक्ति ने बताया कि विगत कई माह से माईनस 100 कोयले का ऑक्सन ही किया जा रहा था जो कि चूरा कोयला होता है, लेकिन आशीष पटेल नाम के व्यक्ति के माध्यम से प्रति टन 100 रू. की वसूली करके सब एरिया द्वारा माईनस 100 की जगह पर स्टीम कोयला लोड़ करवाया जाता था। यहां यह बताना भी लाजिमी होगा कि अफरा तफरी करने वाले ट्रांसपोर्टर के द्वारा खुद के लोड़र से स्टीम कोयला लोड़ कराया जा रहा था, जबकि नियमोें की माने तो एसईसीएल को खुद के लोडर से कोयला लोड़ करके देना होता है लेकिन नियम कायदों को दरकिनार करते हुये ट्रांसपोर्टर को खुद का लोड़र लगाकर काले हीरे की अफरा तफरी करने की मौन सहमति सबएरिया के द्वारा दे दी गयी थी। सूत्रों की मानें तो एैसे ट्रांसपोर्टर्स के द्वारा दूसरे ड़ियो होल्ड़र के ड़ियों में स्टीम कोयला लोड़ करने के नाम पर 60 रू. प्रतिटन की अवैध वसूली भी लंबे समय से की जा रही है। वहीं ड़ियो एलाउ कराने के साथ ही कोयले का यह काला खेल शुरू हो जाता है जहां कोयले की रेवड़ी कहीं 1 रू. टन तो 10 रू. टन तो कहीं 100 रू. टन के हिसाब से बंटती है, बहरहाल इस पूरे मामले की क्षेत्र भर में चर्चा और इंतजार है कि प्रबंधन क्या ट्रांसपोर्टर को काली सूची में ड़ालेगा, उसका ड़ियो जब्त करेगा या फिर अन्य कार्यवाही करेगा।

    जीएम से नहीं हो सका संपर्क

    इस पूरे मामले की जानकारी लेने के लिये एसईसीएल के जीएम संजय मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया गया किंतु उनसे संपर्क नही हो सका।

  • छत्तीसगढ़ में चल रही परिवर्तन की आंधी, अमर पारवानी की जीत सुनिश्चित- अशोक अग्रवाल

    छत्तीसगढ़ में चल रही परिवर्तन की आंधी, अमर पारवानी की जीत सुनिश्चित- अशोक अग्रवाल

    खरसिया। छत्तीसगढ़ चेंबर चुनाव रायगढ़ जिले का मतदान 17 मार्च बुधवार को होगा, जिसके लिए दोनों ही पैनलों की आखिरी चुनावी बिसात बिछने लगी है। प्रारंभ में व्यापारी एकता पैनल के प्रदेश अध्यक्ष प्रत्याशी योगेश अग्रवाल एवं जय व्यापार पैनल के अमर पारवानी रायगढ़ जिले का दौरा कर चुके थे किंतु रायगढ़ जिले में ही योगेश अग्रवाल की स्थिति पूर्व संगठन की कार्यप्रणाली के कारण कमजोर बनी हुई है जिसके कारण दुबारा योगेश अग्रवाल का जिले में दौरा कार्यक्रम रखा गया, योगेश के कार्यक्रम पश्चात उसके पैनल के लोग कुछ भी दावे कर रहे हो किंतु योगेश के दौरे का व्यापारी एकता पैनल को किसी प्रकार का लाभ मिलता नहीं दिख रहा है, रायगढ़ जिला मुख्यालय एवं खरसिया में चेंबर संगठन की कार्यप्रणाली के कारण मतदाता परिवर्तन करने का मूड बना चुके हैं, वैसे देखा जाए तो पूरे छत्तीसगढ़ में ही परिवर्तन को लेकर अमर परवानी की आंधी चल रही है, अभी तक जहां भी चेंबर चुनाव के मतदान हुए है पिछले मतदान की तुलना में 25% मतदान अधिक हो रहा है और जहां भी देखा जाए जब भी मतदान अधिक होता है तो परिवर्तन के लिए ही होता है यह अधिक हो रहा मतदान परिवर्तन का सूचक है।

    जय व्यापार पैनल के अशोक अग्रवाल (पत्रकार) खरसिया ने बताया कि अमर पारवानी ने हमेशा व्यापारियों की हित की लड़ाई लड़ी है तथा रायगढ़ जिला सहित पूरे छत्तीसगढ़ में अमर पारवानी एवं उनके जय व्यापार पैनल का जोर चल रहा है व उनकी जीत सुनिश्चित है क्योंकि उन्हें व्यापारी मतदाताओं का अपार स्नेह मिल रहा है। अग्रवाल ने यह भी बताया की छत्तीसगढ़ के साथ-साथ विशेष तौर पर रायगढ़ जिले में चेंबर के सदस्य नाम मात्र के होने के कारण व्यापारी जगत में रोष है जिसके कारण चुनाव पश्चात छत्तीसगढ़ सहित विशेष रूप से रायगढ़ जिले में व्यापक स्तर पर चेंबर का सदस्यता अभियान चलाया जाएगा और उसके पश्चात ही प्रजातांत्रिक ढंग से निर्वाचन के माध्यम से जिले एवं नगर इकाइयों का गठन किया जाएगा। अंत में अशोक अग्रवाल ने चेंबर के सभी मतदाता भाइयों से अपील की है कि जय व्यापार पैनल के सभी प्रत्याशियों को दिया छाप में अपना वोट दे कर परिवर्तन की चल रही इस आंधी में अपना अहम योगदान देंवे।

  • चार साल पुराने डाटा और एनजीटी की अवमानना के साथ हुई एसइसीएल की जन सुनवाई,नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुये एक और जनसुनवाई सम्पन्न…

    चार साल पुराने डाटा और एनजीटी की अवमानना के साथ हुई एसइसीएल की जन सुनवाई,नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुये एक और जनसुनवाई सम्पन्न…

    खरसिया। वैसे तो जिले में नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुये जन सुनवाईयो का पुराना इतिहास रहा है। लेकिन सरकारी कंपनी एसइसीएल की छाल कोयला खदान विस्तार के लिये जन सुनवाई में तो पर्यावरणीय मामलों की सर्वोच्च अदालत एनजीटी के आदेश की भी घोर अवमानना करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। दिनांक 12 मार्च को साउथईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड रायगढ़ एरिया के छाल ओपन कास्ट प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए पर्यावरणीय लोक सुनवाई का आयोजन किया गया इस दौरान वहां मौजूद सैकड़ों लोगों ने अपनी बात रखी इनमें से किसी ने कोयला खदान के विस्तार का समर्थन किया तो किसी ने तर्कसंगत ढंग से विरोध भी किया रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ तहसील के ग्राम नवापारा में यह सुनवाई हुई जिसमें छाल कोयला खदान की क्षमता 2.50 एमटीपीए से बढ़ाकर 7.50 एमटीपीए करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया खदान विस्तार के लिए 1342.86 हेक्टेयर जमीन ली जा रही है इसकी लोक सुनवाई में लोगों ने कहा कि नियम विरूद्व जनसुनवाई की जा रही है, और लोागें ने इस जनसुनवाई का पुरजोर तरीके से विरोध भी किया।

    ईआईए रिपोर्ट पर उठाया सवाल

    केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय का २०१७ का स्पष्ट आदेश है कि जन सुनवाई के समय या मंत्रालय में पर्यावरण स्वीकृति का आवेदन देते समय डाटा तीन साल से ज्यादा पुराने नहीं होने चाहिये अन्यथा आवेदन ही निरस्त कर पुनः शुरू से प्रक्रिया शुरू करनी होगी। नियमों की मानें तो पर्यावरणीय लोक सुनवाई में प्रस्तावित परियोजना के इलाके में पड़ने वाले प्रभाव पर ईआईए रिपोर्ट प्रस्तुत करना होता है परियोजना का विरोध करने वाले वालों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि एसईसीएल के वर्ष 2017 के डाटा के आधार पर ईआईए रिपोर्ट तैयार किया गया है जबकि पर्यावरण मंत्रालय के मुताबिक डाटा 3 साल से ज्यादा पुराना नहीं होना चाहिए। जनचेतना के रमेश अग्रवाल ने कहा कि शिवपाल भगत बनाम भारत सरकार मामले में 20 नवंबर 2020 को अपने आदेश द्वारा रायगढ़ जिले के तमनार व घरघोड़ा तहसील में नये उद्योग कोयला खदान या विस्तार या भूमिगत से ओपन कास्ट माइनिंग पर रोक लगा दी है। दो साल के बृहद पर्यावरणीय अध्ययन जरुरी कर दिया गया। यही कारण है कि अडानी की गारे पेलमा सेक्टर २ कोयला खदान को जन सुनवाई के डेढ़ साल बाद तक भी स्वीकृति नहीं मिल पाई है। हिंडाल्को को अपनी भूमिगत खदान को खुली खदान करने का प्लान छोड़ कर खदान ही सरेंडर करना पड़ा। यही नहीं इआईए में दिये गये पर्यावरणीय आंकड़े चार साल पुराने होने के बावजूद सुनवाई करवाने में कोई हर्ज नहीं समझा गया।

    पर्यावरणीय प्रभाव पर अध्ययन कराने की मांग

    कोयला खदान के विस्तार की कि ईआईए रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद इसका विरोध कर रहे संगठनों ने मांग की है कि इस परियोजना का केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की स्वतंत्र टीम के माध्यम से इस क्षेत्र की जमीनी स्तर पर अध्ययन के बाद रिपोर्ट तैयार की जाए इसके बाद जनसुनवाई फिर से करवाई जाए।

    प्रभावितों को अब तक नहीं मिला नौकरी व मुआवजा

    कोयला खदान विस्तार का विरोध कर रहे राजेश त्रिपाठी ने बताया की छाल कोयला खदान परियोजना सन 2006 में शुरू हुई तब से लेकर आज तक भी इस खदान के अनेक प्रभावितों को नौकरी और मुआवजा नहीं मिल सका है ऐसे में पुराने प्रकरणों को निपटाये बिना खदान के विस्तार की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए इसके अलावा पेशा कानून के तहत आदिवासी बहुल इलाकों में ग्राम सभा का कोई भी आयोजन नहीं किया गया है जो कि पेशा कानून का उल्लंघन है।

    नियमों का खुलकर हुआ उल्लंघन

    इस जनसुनवाई में पर्यावरण मंत्रालय और एनजीटी के नियमों का खुलकर उल्लंघन हुआ और प्रशासन जन सुनवाई पूर्ण करवाने में लगा रहा। नोटिफिकेशन में प्रावधान है कि जन सुनवाई के समय कोई भी प्रतिभागी उद्योग प्रतिनिधी से उद्योग से सम्बंधित सवाल पूछ सकता है। जन चेतना संगठन के सदस्य रमेश अग्रवाल ने जब पीठासीन अधिकारी से उद्योग प्रतिनिधी को बुलाने निवेदन किया तो पीठासीन अधिकारी ने उसे सिरे से नकार दिया। रमेश अग्रवाल जिस तरीके से इआईए रिपोर्ट की गंभीर खामियों को उजागर कर रहे थे उन हालात में उद्योग प्रतिनिधी के लिये जवाब देना आसान नहीं होता या वे इआईए की गलतियों को स्वीकार कर सकते थे। उन हालात में जन सुनवाई जारी रखना आसान नहीं होता। रमेश अग्रवाल ने कहा कि एसइसीएल के लिये इआईए रिपोर्ट सीएमपीडीआई ने बनाई है जबकि इनका रिपोर्ट बनाने का लाइसेंस ही या तो लंबित है या निरस्त हो चूका है। पर्यावरण रिपोर्ट बनाने के लिये कोरबा जिले के कटघोरा आई.एम.डी. स्टेशन के डाटा लिया जाना बताना गया है जबकि आई. एम. डी. स्टेशन परियोजना स्थल के निकतम होना चाहिये। वैसे भी कटघोरा तहसील में आई.एम.डी. स्टेशन होने पर ही संदेह है, यही नहीं छाल कोयला खदान के १० कि.मी. रेंज में सारसमाल गांव में अध्ययन किया जाना बताया गया है जबकि सारसमाल नाम का गांव छ़ाल क्षेत्र में है ही नहीं। पहले कहा गया है कि कोयला खुदाई के लिये ब्लास्टिंग नहीं की जायेगी और इसके फायदे भी गिनाये गये हैं लेकिन बाद में न केवल ब्लास्टिंग का क्षेत्र बताया गया है बल्कि कितनी भारी मात्रा में बारूद लगेगा, इसकी भी गणना की गई है। भूजल दोहन के लिये एसइसीएल के पास केंद्र सरकार के विभाग सी.जी.डब्लू.ए. से लाइसेंस भी प्राप्त नहीं है जबकि एनजीटी की सख्ती के बाद इसे गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा जाने लगा है। वैसे तो निजी कंपनियां जन सुनवाई में समर्थन जुटाने काफी मेहनत और पैसा खर्च करती हैं लेकिन एसइसीएल जैसी मिनी रत्न सरकारी कंपनी ने सबको पीछे छोड़ते हुये न केवल ग्रामीणों का समर्थन जुटाया बल्कि अपने यंहा कार्यरत कर्मचारियों को भी लाइन में लगाकर अपने खूब गुणगान करवाये। यह बात लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। बहरहाल जन सुनवाई तो पूरी हो गई, प्रशासन और पर्यावरण विभाग ने एक और औेपचारिकता पूरी कर ली लेकिन आगे स्वीकृति मिलना इतना आसान नहीं होगा ये बात जनचेतना के रमेश अग्रवाल दावे के साथ कह रहे हैं।

  • धूमधाम से मनाया गया महाशिवरात्रि का पर्वशिवालयों में उमड़ी श्रद्वालुओं की भीड

    धूमधाम से मनाया गया महाशिवरात्रि का पर्वशिवालयों में उमड़ी श्रद्वालुओं की भीड

    खरसिया। महाशिवरात्रि का पावन पर्व 11 मार्च कोे खरसिया क्षेत्र में अत्यंत ही धार्मिक वातावरण में धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई, देवो के देव कहे जाने वाले महादेव की उपासना का पर्व महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रो के शिवालयों में अल सुबह से शिवभक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। वहीं नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रो में शिव मंदिरों को लोगों द्वारा महाशिवरात्रि पर्व के पहले विशेष साज सज्जा की गई थी। जहां मंदिरों के गर्भगृह को फूलमालाओं से सजाया गया था वहीं दीवारों में रंगीन झालरों की सजावट की गई थी। महाशिवरात्रि के अवसर पर दिन भर मंदिरों में शिवभक्तों का तांता लगा रहा।


    विदित हो कि प्रतिवर्ष फागुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व धमधाम से मनाया जाता है। शिव भक्तों को इस दिन का विशेष रूप से इंतजार रहता है। इस बार यह पर्व 11 मार्च को मनाया गया। इस पावन पर्व पर शिव मंदिरों में अल सुबह से ही भक्तों की भीड उमडनी प्रारंभ हो गई थी जो दोपहर तक जारी रहा। नगर के मौहापाली रोड स्थित निकले हुए महादेव मंदिर, भगत तालाब स्थित शिव मंदिर, स्टेशन चौंक स्थित शिव मंदिर, सुखरू तालाब स्थित शिव मंदिर, गौशाला तालाब स्थित शिवालयों में श्रद्धालुओं द्वारा चंदन लगाकर शिवलिंग की पूजा अर्चना की गई। महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव को जलाभिषेक करने के लिए शहर व ग्रामीण क्षेत्र के शिवालय में भरी भीड़ देखने को मिली।

    पूरे क्षेत्र में महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया गया। शिव मंदिरों में गूंजे मंत्र और भजनों की ध्वनि भक्तों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। इस महा पुण्यदाई पर्व पर हर कोई अपनी अभिलाषाएं महादेव से पूर्ण करवाने की लालसा रखते हैं। कोई बिल्वपत्र तो कोई अक्षत-चावल लेकर, कोई कच्चा दूध लेकर तो कोई मनचाही मिठाई लेकर भोलेनाथ को समर्पित किये। वर्षों से अपनी अपूर्ण अभिलाषाओं की पूर्ति का वरदान पाकर लौटे। इस अवसर पर कुंवारी कन्याएं अपने भावी जीवन के लिए मनचाहा वरदान पाने हेतु 108 बिल्व पत्रों पर ओम नमः शिवाय लिखकर शिव को अर्पित किये तो कोई भक्त उपवास रखकर अपने इष्ट को रिझाने का प्रयत्न किये।

    शिव मंदिरों में कहीं अखंड रामायण का पाठ चल रहा था तो कहीं शिव संकीर्तन और शिव पुराण का पाठ चल रहा था। क्षेत्र के सभी मंदिर शिव भजनों से गुंजायमान रहे। पुराणों में कहा जाता है आज के दिन भोलेनाथ का विवाह माँ पार्वती से हुआ था। अतः आज वे अपने भक्तों को मनचाहा वरदान प्रसन्नता से देते हैं। श्रद्धा के साथ यथासंभव कुछ भी शिव को अर्पित करें या श्रद्वा पूर्वक उनके चरणों में शीश नवाएं तो वह असंभव को भी सुलभ कर देते हैं।

    भगत तालाब में हुयी विशेष पूजा
    देर रात तक चलता रहा भजनों का दौर
    अंचल ही नही वरन प्रदेश भर में मछली तालाब के नाम से प्रसिद्व भगत तालाब स्थित शिवमन्दिर में शिव मण्ड़ल के द्वारा महाशिवरात्रि का पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया गया, पुरषोत्तम अग्रवाल, विजय अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, पवन अग्रवाल, दिनदयाल अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, मुकेश अंगनूराम, श्याम सुन्दर अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, आकाश शर्मा, शकुन्तला देवी अग्रवाल, रेखा अग्रवाल, कविता अग्रवाल सहित शिव मण्डल के सदस्यों के द्वारा इस अवसर पर भगवान भोलेनाथ का श्रृंगार किया गया तथा उनका दुध से अभिषेक किया गया, इस दौरान देर रात तक शिव मन्दिर में भक्तों के द्वारा भजन तथा कीर्तन किया गया, रात्रि लगभग 9 बजे बाबा की आरती कर सैंकड़ों भक्तों को बाबा भालेनाथ का प्रसाद तथा चरणामृत का वितरण किया गया। इस वर्ष शिव मंडल के द्वारा विगत वर्षों के श्रृंगार की फोटो लगाकर गर्भगृह को सजाया गया था जो शिवभक्तों को खूब रिझा रहा था।

  • जानें हेल्थ मिनिस्ट्री का जवाब, कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद क्या आप पी सकते हैं शराब? और भी ऐसे कई सवालों के जवाब….

    जानें हेल्थ मिनिस्ट्री का जवाब, कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद क्या आप पी सकते हैं शराब? और भी ऐसे कई सवालों के जवाब….

    दिल्ली। देशभर में कोरोना वैक्सीनेशन के दूसरे चरण की शुरुआत 1 मार्च से हो चुकी है। देशभर के 10 हजार सरकारी केंद्रों में निशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। वहीं निजी अस्पतालों में 250 रुपए के शुल्क पर वैक्सीन लगाया जा रहा है। पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीका लगवाने के बाद से अब तक लाखों लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं। हालांकि, अभी सिर्फ वे ही लोग वैक्सीन लगवा सकेंगे, जिनकी उम्र 60 साल से अधिक है। वहीं, 45 साल से ज्यादा उम्र वाले ऐसे लोग, जिन्हें गंभीर बीमारियां हैं, वे भी टीका लगवा सकते हैं। 

    टीकाकरण की शुरुआत के साथ ही लोगों के जहन में कई सवाल भी आ रहे हैं। ऐसे सवालों का सरकार की ओर से जवाब दिया गया है।

    सवाल: क्या वैक्सीन लगवाने के बाद शराब नहीं पीनी चाहिए?
    जवाब: स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक्सपर्ट्स के हवाले से बताया है कि वैक्सीन की प्रभावशीलता पर शराब का कोई भी गलत असर होने का सबूत नहीं सामने आया है।

    सवाल: सोशल मीडिया पर दावे किए जा रहे हैं कि वैक्सीन महिला की प्रजनन क्षमता पर असर डाल सकती है? क्या यह सच है?
    जवाब: सोशल मीडिया पर महिला की प्रजनन क्षमता पर असर डालने वाले होने वाले दावे पूरी तरह से गलत और निराधार हैं। मंत्रालय ने कहा, ”उपलब्ध टीकों में से कोई भी प्रजनन क्षमता को प्रभावित नहीं करता है। सभी टीकों को पहले जानवरों पर और बाद में मनुष्यों में परीक्षण किया जाता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनका कोई दुष्प्रभाव है। उनकी सुरक्षा और प्रभावी होने का आश्वासन मिलने के बाद ही वैक्सीन को इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी जाती है।”

    सवाल: अगर मुझे कोरोना रहा हो और ठीक हो गया हो, तो क्या मुझे वैक्सीन लेनी चाहिए?
    जवाब: कोरोना होने के बाद इम्युनिटी का डेवलपमेंट होने की बात को स्थापित नहीं किया गया है। इस वजह से अगर किसी को कोरोना हो भी चुका हो, तो भी उसे वैक्सीन लेनी चाहिए। कोरोना से ठीक होने के 4-8 सप्ताह के बाद वैक्सीन लगवानी चाहिए।

    सवाल: अगर मैं हाइपरटेंशन, डायबिटिक मेलिटस, क्रोनिक किडनी की बीमारी, दिल संबंधी बीमारी से पीड़ित हूं तो क्या वैक्सीन लेनी चाहिए?
    जवाब: कुल मिलाकर दोनों वैक्सीन को-मॉर्बिडिटीज वाले लोगों पर भी सेफ और प्रभावी हैं। मंत्रालय ने कहा है कि अगर आपको किसी स्पेसिफिक वजह को लेकर चिंता है तो फिर अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

    सवाल: वैक्सीन लेने से पहले और बाद में कितनी देर तक कौन सी दवाइयों से बचना चाहिए?
    जवाब: स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस तरह के कोई निर्देश नहीं हैं। कोई भी व्यक्ति नियमित रूप से दवा ले सकता है। आप जिन दवाओं का सेवन करते हैं, उनके बारे में बस वैक्सीनटर को बता दें।

    सवाल: वैक्सीन लगवाने के बाद कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए?
    जवाब: स्वास्थ्य मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि दोनों टीके सुरक्षित हैं लेकिन किसी भी असुविधा या शिकायत के मामले में लोगों को नजदीक के स्वास्थ्य सुविधा केंद्र पर जाने या हेल्थ वर्कर को कॉल करने की सलाह दी जाती है। उनका यह नंबर कोविन एसएमएस के जरिए से वैक्सीनेशन के बाद भी दिया जाता है।

  • देश के प्रसिद्ध भजन गायक आ रहे 8 मार्च को खरसिया में,एक शाम हारे के सहारे के नाम…

    देश के प्रसिद्ध भजन गायक आ रहे 8 मार्च को खरसिया में,एक शाम हारे के सहारे के नाम…

    खरसिया। धर्म की नगरी खरसिया में इन दिनों भजन संकीर्तन महोत्सव की तैयारी जोरों से चल रही है जिसमे आकर्षक डोम का कार्य प्रगति पर है, एक शाम हारे के सहारे के नाम कार्यक्रम खरसिया नगर के मध्य में स्थित टाउनहाल मैदान में श्री श्याम मित्र मंडल के द्वारा आयोजित किया गया है। इस संस्था में छोटे बालक और नवयुवक लोग है जो काफी मेहनत कर जी जान से इस कार्यक्रम को भव्यता देने में लगे हुए है। ढोल ताशे के साथ घर-घर जाकर भजन संकीर्तन महोत्सव में सम्मिलित होने का निमंत्रण दे रहे है। एक शाम हारे के सहारे के नाम करते हुए श्री श्याम मित्र मंडल द्वारा सोमवार 8 मार्च रात्रि 7 बजे देश के ख्याति प्राप्त भजन गायकों द्वारा अपने मधुर भजनों से भक्तों को रिझाएंगे। श्याम भजनों से मंत्रमुग्ध करने के लिए भजन गायकों का खरसिया आगमन होगा जिसमें कोलकाता से संजय मित्तल समस्तीपुर बिहार से रेशमी शर्मा एवं पटना से गिन्नी कौर पधारेंगे, जो बाबा श्याम का संगीतमय गुणगान कर अपनी सुर मधुर प्रस्तुति देंगे।

    प्रातः 9 बजे गायत्री मंदिर से भव्य निशान यात्रा निकाल कर श्री श्याम मंदिर स्टेशन चैक जाएगी तथा श्याम बाबा का अलौकिक श्रृंगार कर छप्पनभोग लगाया जाएगा वही भव्य आकर्षक दरबार स्थापित कर अखंडज्योत जलाई जाएगी भक्तों के लिए श्याम रसोई का प्रसाद भी उपलब्ध रहेगा। भक्त दूर दूर से 8 मार्च को खरसिया आएंगे भजन का रसपान करने। माधव बंसल, नंदू गर्ग, मिंटू सोनी, आशीष गोयल, हर्ष अग्रवाल, कृष्णा गोयल, ईशान अग्रवाल, मोनू शर्मा, हिमांषु गोयल, चाहत अग्रवाल, देव बंसल, केशु बंसल, यश मंत्री, नकुल अग्रवाल, अंशुमन अग्रवाल, वंश गर्ग, लक्की अग्रवाल, नंदू शर्मा, आकाश, चीटू, कुश शर्मा, मुनमुन अग्रवाल, कान्हा गर्ग, पीयूष गर्ग, संस्कार अग्रवाल, कान्हा, श्याम कबुलपुरिया, रमेश अग्रवाल, सहित श्री श्याम मित्र मंडल के सभी सदस्य कार्यक्रम को सफल बनाने में जी जान से लगे हुए है।

  • 33 बड़े बकायादारों के कनेक्शन कटे, 39 बकायादारों ने ऑन द स्पॉट भुगतान किया…

    33 बड़े बकायादारों के कनेक्शन कटे, 39 बकायादारों ने ऑन द स्पॉट भुगतान किया…

    चंद्रपुर। आज दिनांक 04 मार्च 2021 को जांजगीर वृत्त के अधीक्षण अभियंता श्री मनीष तनेजा के दिशा निर्देश एवं कार्यपालन अभियंता सक्ती श्री यू के शुक्ल के मार्गदर्शन में सहायक अभियंता डभरा श्री एच एस राठौर के नेतृत्व में कनिष्ठ अभियंता चन्द्रेश कुमार पाटकर, गजाधर प्रसाद सिदार, खगेश नेताम, अमित नेताम, सुनील कुमार नाग एवं बिनय चंद लकड़ा अपने वितरण केंद्रों के दल सहित चन्द्रपुर वितरण केन्द्र के अंतर्गत सघन विद्युत विच्छेदन एवं बकाया बिजली बिल वसूली अभियान में कार्यवाही के दौरान 39 बकायादारों के 587360 रुपए ऑन द स्पॉट जमा करवाये गए।

    इसके अलावा 33 बकायादारों के जिनकी बिल राशि 773360 रुपए थी, द्वारा बिल भुगतान न करने के कारण विद्युत कनेक्शन काट दिया गया। वहीं दो बकायादारों के खिलाफ विद्युत चोरी का प्रकरण तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।

  • 15 दिन के भीतर नहीं किया गया फीस समिति का गठन, तो प्राइवेट स्कूलों पर गिरेगी गाज, DPI जितेंद्र शुक्ला ने जारी किया पत्र…

    15 दिन के भीतर नहीं किया गया फीस समिति का गठन, तो प्राइवेट स्कूलों पर गिरेगी गाज, DPI जितेंद्र शुक्ला ने जारी किया पत्र…

    रायगढ़। बार-बार की चेतावनी के बावजूद प्राइवेट स्कूल सरकार की बात सुनने को तैयार नहीं है। स्कूलों में फीस समिति गठित करने के निर्देश के महीनों गुजर जाने के बाद कई स्कूलों में अब तक फीस समिति का गठन नहीं किया गया है। अब DPI ने इस बार फाइनल अल्टीमेटम जारी किया है। डीपीआई जितेंद्र शुक्ला ने पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि 15 मार्च तक हर हाल में स्कूलों में फीस समिति का गठन करें।

    दरअसल 24 सितंबर 2020 को छत्तीसगढ़ में अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम लागू किया गया था। इस अधिनियम के तहत स्कूलों में फीस समिति का गठन 1 माह के भीतर यानि अक्टूबर माह तक कर लिया जाना था, लेकिन फरवरी खत्म होने तक भी राज्य सरकार के इस आदेश पर प्राइवेट स्कूलों ने अमल नहीं किया है।