बिलासपुर। कलेक्टर ने जिलेभर के सरपंचों को पत्र लिखकर मवेशियों के लिए किसानों से पैरा दान कराने की अपील की है। गौठान में बेसहारा व बीमार पशुओं को न रखने की हिदायत भी दी है।
कलेक्टर की पाती में सरपंचों से कहा है कि खरीफ फसल पककर तैयार है। अब धान कटाई का कार्य शुरू होगा। इस दौरान पशुओं के चारा के लिए गांवों में मुनादी कराकर पैरा दान कराने किसानों से आग्रह करें। इसके साथ ही धान कटाई के बाद बचे हुए फसल अवशेष को जलाने से किसानों को रोका जाए।
कुछ जगहों पर असामाजिक तत्वों द्वारा बीमार और बेसहारा पशुओं को गौठानों में जानबूझकर रख दिया जाता है। जिस पर निगरानी रखना भी आपके दायित्व का एक हिस्सा है। हमको भरोसा है कि संवेदनशील जनप्रतिनिधि होने के नाते पूरी दक्षता और जिम्मेदारी के साथ जिला प्रशासन को सहयोग प्रदान करेंगे। गौठान समिति को चारा इकट्ठा करने के लिए पंचायत निधि से जरूरत के हिसाब से राशि प्रदान कर पशुओं की देखभाल के लिए मुस्तैद रखें और उन्हें सक्षम नेतृत्व प्रदान करें। इसके साथ-साथ धान कटाई के बाद के फसल अवशेष को जलाने की जगह उसे खाद बनाने के लिए कृषि विभाग द्वारा संचालित योजना से किसानों को अवगत कराएं और उसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें।
कानूनी पहलुओं का हवाला देते हुए कहा है कि पैरा को जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। ऐसा करने पर छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत स्वच्छता सफाई एवं न्यूसेंस का निराकरण तथा उपसमन नियम 1999 के तहत कार्यवाई की जा सकती है।
तस्वीर जशपुर जिले के लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह की है ।
बताया जा रहा हैं कि यह तस्वीर बहुत पुरानी नही किसी रसूखदार के द्वारा इस विश्राम गृह के वीआईपी रूम जिसे “मैनी” के नाम से जाना जाता है वहाँ काफी देर तक शराबबाजी होती रही थी, इसी बीच किसी ने इस नजारे की तस्वीरे अपने कैमरे में कैद कर लिया। धीरे धीरे इस दृश्य की एक एक तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल होने लगी।
सबसे खास बात ये है कि जिस कमरे से शराबखोरी के बाद की तस्वीरे कैमरे में कैद हुई उसी कमरे के बगल में पत्थलगाँव एसडीएम भी वर्तमान में निवासरत थे, याने कहा जाय तो प्रशासनिक अधिकारी के होने का भी कोई खौफ नही और बेखौफ तौर पर यहाँ ये सब चलता रहा।वैसे जब बात रसूख की हो तो रसूख से बड़ा कुछ नही रह जाता।वैसे इस दृश्य को देखकर ज्यादा कुछ लिखने या बोलने की जरूरत नही है और न ही इस मामले में कोई भी जिम्मेदार कुछ बोलना चाहेंगे।
पत्थल गाँव तहसील ऑफिस के रीडर रवानी ने एक स्थानीय वीआईपी के लिए एक नम्बर कमरा खुलवाने के लिए मौखिक तौर पर कहा था ।उनके कहने पर जब रेस्ट हाउस के कर्मचारियों ने एक नम्बर कमरा खोला तो कमरा देखकर वीआईपी भड़क गए, और कर्मचारियों के साथ गाली ग्लौज करने लगे। इसके बाद कर्मचारियों ने उनके लिए भयवश 4 नम्बर वीआईपी कमरा खोल दिया।यह वीआईपी कमरा है यह कमरा बगैर बड़े वीआईपी के आगमन के नही खुलता लेकिन रेस्ट हाउस प्रभारी छुट्टी में घर गए थे, और छोटे कर्मचारी समझ नही पाए ।
रेस्ट हाउस में बियर की बोतल
इस मामले में जब एसडीएम पत्थलगाँव से बात की गई तो उन्होंने इस मामले में अनभिज्ञता जाहिर की और कहा कि वो तुरन्त पूरे मामले की जानकारी लेंगे।
एन एस भगत डिप्टी कलेक्टर जशपुर के विरुद्ध धारा 20 (2)के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही करने हेतु कमिश्नर सरगुजा को किया निर्देशित, सूचना के अधिकार अधिनियम का पालन नहीं किया गया।
राज्य सूचना आयोग के समक्ष डी० के० सोनी अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा सूचना के अधिकार के तहत जिला अध्यक्ष कार्यालय अंबिकापुर के तत्कालीन जन सूचना अधिकारी श्री एन एस भगत के द्वारा जानकारी प्रदान नहीं करने के कारण तथा सूचना के अधिकार अधिनियम के नियमों का पालन नहीं करने के कारण राज्य सूचना आयोग के समक्ष शिकायत प्रस्तुत किया गया था जिस पर राज्य सूचना आयोग द्वारा शिकायत प्रकरण 482/ 2015 पंजीबद्ध किया गया था जिसमें माननीय राज्य सूचना आयोग द्वारा सभी पक्षों को सुनवाई करने के उपरांत दिनांक 19/07/2019 को अंतिम आदेश पारित किया गया है , जिसमें जन सूचना अधिकारी श्री एन एस भगत वर्तमान डिप्टी कलेक्टर जशपुर को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया तथा दोषी पाए जाने के उपरांत सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20 के तहत श्री एन एस भगत से स्पष्टीकरण प्राप्त कर अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा संभागायुक्त सरगुजा से की गई है तथा माननीय कमिश्नर महोदय सरगुजा संभाग को उक्त आदेश के तहत कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है। तथा जिस पर डी के सोनी द्वारा संभागायुक्त को दिनांक 2/09/ 2019 को पत्र लिखकर राज्य सूचना आयोग के आदेश का पालन कराए जाने का निवेदन किया गया है।
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राजधानी स्थित कार्यालय में मनाया जा रहा दिवाली मिलन समारोह में विवादों की भेंट चढ़ गया. कार्यक्रम के दौरान पूर्व पार्षद ने कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं होने की बात कहते हुए खुलेआम वरिष्ठ नेताओं को खरी-खोटी सुनाई. इस हंगामे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भवन के अंदर मौजूद थे।
भाजपा के राजधानी स्थित कार्यालय एकात्म परिषर में शनिवार को दिवाली मिलन समारोह का आयोजन किया गया था. इस बीच अंदर भवन से चीखते हुए बाहर परिसर में एक व्यक्ति निकल कर आए और हंगामा करने लगे. जानकारों ने उनकी पहचान पूर्व पार्षद धर्मेंद्र तिवारी के रूप में की है. बाहर तमाम कार्यकर्ताओँ और पदाधिकारियों के सामने उन्होंने चीख-चीखकर वरिष्ठ पदाधिकारियों पर कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई।
घटना के वायरल वीडियो में वह कह रहे हैं कि पार्टी में स्थानीय नेताओं को दुत्कारा जा रहा है. व्यापारी लोग पार्टी में बने हुए हैं. इस तरह के अन्य तमाम आरोप लगाते हुए वे कार्यालय से बाहर चले गए. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कार्यकर्ता और पदाधिकारी तमाशबीन बने रहें. जानकार इसे सत्ता से दूर होने के बाद भाजपा के भीतर के द्वंद के सामने आने की बात कह रहे हैं।
रायपुर। महिला से बलात्कार कर अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है. पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ थाने में शिकायत की है. राजेंद्र नगर थाना ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. महिला एक मॉल में काम करती हैं।
जानकारी के मुताबिक, पिछले साल आरोपी निखिल शर्मा से पीड़िता की मुलाकात हुई थी. आरोपी एक कपड़ा दुकान में काम करता है. काम के सिलसिले में महिला युवक के संपर्क में आई. युवक ने रेप कर अश्लील वीडियो बना लिया औऱ ब्लैकमेल करने लगा. परेशान होकर महिला ने थाने में अपराध दर्ज कराया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
जशपुर। जिले के कुनकुरी नायब तहसीलदार ने एक अधिवक्ता के खिलाफ गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए कुनकुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया है।
कुनकुरी थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार 30 अक्टूबर के दोपहर करीब 3 बजे नायब तहसीलदार अपने कार्यालय में शासकीय कार्य कर रहे थे. उसी समय अधिवक्ता नजारियुस टोप्पो ने शराब के नशे में अभद्र व्यवहार एवं गाली गलौज कर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाया है. अधिवक्ता के साथ आवेदक विरेन्द्र खेस्स अपने प्रकरण के मामले में आया था. प्रकरणों में वैधानिक तथ्यों को बताने के बजाय अभद्र व्यवहार करने लगे.नायब तहसीलदार का कहना है कि अधिवक्ता के इस कृत्य से न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुंचा है और वहां उपस्थित अन्य पक्षकारों पर भी गलत प्रभाव पड़ा है. अधिवक्ता नजारियुस टोप्पो ने शराब पीकर न्यायालय में अभद्र व्यवहार गाली गलौज एवं शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई है, जो न्यायालय की अवमानना एवं दण्डनीय अपराध है।
रायपुर। भाजपा अध्यक्ष हनीट्रैप के शिकार हुए हैं. एक महिला के साथ उनका अश्लील वीडियो सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है. जिसकी जांच वे निजी स्तर पर करा रहे हैं. गोपाल टंडेल ने इस मामले में किसी तरह की शिकायत से इनकार किया है. लेकिन वीडियो वायल होने के बाद भाजपा में हड़कंप जरूर मच गया है. 36 सेकंड के इस वीडियो में वो एक महिला के साथ आपत्तिजनक अवस्था में नजर आ रहे हैं।
दरअसल गुजरात के दमण के भाजपा अध्यक्ष गोपाल टंडेल का इन दिनों सोशल मीडिया में एक महिला के साथ अश्लील वीडियो वायरल किया जा रहा है. इस वीडियो में टंडेल, महिला के साथ आपत्तिजनक अवस्था में नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इस अश्लील वीडियो को वायरल करने के पीछे एक हनीट्रैप ग्रुप की कारस्तानी मानी जा रही है।
चर्चा है कि वीडियो के बदले रकम नहीं मिलने पर वीडियो को सार्वजनिक कर दिया. इसके वायरल होने के बाद गोपाल ने अपना मोबाइल बंद कर दिया लेकिन इससे पहले उन्होंने किसी तरह की शिकायत से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि वे अपने स्तर पर इसकी जांच करा रहे हैं।
गौरतलब है कि सूरत के कांग्रेस नेता दिनेश काछडिया का अश्लील वीडियो भी इसी तरह कुछ समय पहले वायरल किया गया था. काछडिया ने वीडियो के बदले किसी तरह की रकम देने से साफ इनकार कर दिया था. माना जा रहा है कि हनीट्रेप चलाने वाले गिरोह ने रकम नहीं मिलने के बाद यह वीडियो वायरल किया है।
व्हाट्सएप्प और अन्य सोशल मीडिया के जरिये सरकार द्वारा की गई कथित जासूसी के गिरफ्त में छत्तीसगढ़ और रायगढ़ के भी कई सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम सामने आने की खबर है।
बताया जाता है कि रायगढ़ निवासी व पीयूसीएल के अध्यक्ष डिग्री चौहान, सामाजिक कार्यकर्ता बेल भाटिया, सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाने वाली व पीयूसीएल के सचिव शालिनी गेरा का भी नाम सामने आ रहा है।
देश के करीब 15 लोगों के नाम अब तक सामने आए हैं जिनके साथ यह खेल खेला गया है। मानवाधिकार व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसके लिये सीधे सरकार को जिम्मेदार माना है, उनका कहना है कि जासूसी सॉफ्टवेयर जिसे इज़राइल ने ईजाद किया है के अनुसार यह जासूसी सॉफ्टवेयर सिर्फ सरकारों को दी जाती है। किसी संस्था को यह सॉफ्टवेयर नहीं दी जा सकती। हालांकि सरकार ने व्हाट्सएप्प द्वारा किसी की जासूसी किये जाने के आरोपों का खंडन किया है।यह बात तब सामने आई जब लोगों के पास व्हाट्सएप्प ने मैसेज भेजकर यह बताया कि आपके व्हाट्सएप्प को हैक किये जाने का प्रयास हो रहा है। इसके अलावा टोरेंटो से कॉल के द्वारा भी यूज़र्स को सचेत किया गया। यही नहीं व्हाट्सएप्प की ओर से अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया के एक अदालत में इस जासूसी के खिलाफ केस भी दायर किया गया है।
पीयूसीएल के अध्यक्ष डिग्री चौहान ने कहा कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है। हमें सरकार के गलत नीतियों के खिलाफ बोलने की आजादी है, यह आज़ादी हमें लोकतंत्र ने दी है ऐसे में सरकार की ओर से इस तरह की जासूसी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हम चूंकि आदिवासियों और दलितों के लिए काम करते हैं इसलिए हमें टारगेट किया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता बेला भाटिया और शालिनी गैरा के अलावा कुछ और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी कहा है कि उनके व्हाट्सएप्प पर ऐसे मैसेज आये हैं।
व्हाट्सएप्प जासूसी कांड के शिकार सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बातचीत के दौरान इसे सर्विलांस नहीं बल्कि षड्यंत्र का हिस्सा बताया है।
छत्तीसगढ़ के सामाजिक कार्यकर्ता आलोक शुक्ला, शालिनी गेरा और बेला भाटिया से बातचीत से मिली जानकारी के बाद और जानना चाहा कि यदि सरकार यह जासूसी करवा रही है तो आप उनके टारगेट में क्यों हैं ?
सामाजिक कार्यकर्ता आलोक शुक्ला ने कहा कि हम जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ते हैं, अडानी जैसे औद्योगिक घरानों के आतंक के खिलाफ हैम सरगुजा में खड़े हैं ऐसे में सरकार को यह लगता है कि इनकी जासूसी कर इन्हें अपने ग्रिप में लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम अपनी लड़ाई खुलेआम लड़ रहे हैं, लोगों के अधिकार के लिए लड़ रहे हैं लेकिन हमारी जासूसी करना हमारे निजता के अधिकार का उलंघन है जिसे हमें संविधान ने दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी इसे सरकारी इस्तेमाल के लिए होना बात रही है उससे साफ जाहिर है सरकार को हमारी आवाज जो जनहित में है रास नहीं आ रही है ।
पीयूसीएल के सचिव शालिनी गेर ने मुनादी को बताया कि ज्यादातर वे लोग इस सॉफ्टवेयर की चपेट में आये हैं जो भीमा कोरेगांव केस से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब पूरा मोबाइल पर उनका अदृश्य कब्जा है तो वे कुछ भी करके हमें फंसा सकते हैं। किसी को मेल कर सकते हैं, किसी को कुछ भी उल्टा पुल्टा संदेश भेज सकते हैं और फिर हमसे पूछा जाएगा कि आपने ऐसा कैसे किया ? जबकि हमें पता भी नहीं चलेगा कि यह कैसे हो गया। अब सरकार किसी को फंसाने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकती है। ऐसे में जबकि हम अपने मोबाइल से बैंकिंग भी करते हैं हो सकता है वह भी कभी टारगेट में आ जाय और हमारा पैसा गायब हो जाय। सरकार का यह तरीका हमारे अधिकारों का हनन और षड्यंत्रपूर्वक किया गया कृत्य लगता है।
बस्तर में मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली बेल भाटिया ने कहा कि हमारा कोई भी काम छुपा हुआ नहीं होता, हम खुलकर मानवाधिकारों के लिए काम करते हैं और मानवाधिकार के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी न सिर्फ निजता के अधिकारों का हनन है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर कुठाराघात भी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि केंद्र सरकार यह साफ कर की की क्या उसने इस्रायल से #pegasus सॉफ्टवेयर खरीद है या नहीं। यह ज्यादा खतरनाक है क्योंकि सभी जानते हैं कि इस्रायल ने किस तरह पिलिस्तीनिओं के खिलाफ मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई है।
बहरहाल सरकार के तमाम खंडन के बाद भी यह मामला उनका पीछा छोड़ते नहीं दिख रहा है। इस मामले पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी तंज कसा है और इस बीच सरकार ने भी व्हाट्सएप्प से सफाई मांगी है लेकिन सरकार फिर भी इस विवाद के केंद्र में आ गयी है।
दिल्ली। टेलीकाम सेक्टर में चल रही प्रतिस्पर्धा के चलते पहले सस्ती कॉल रेट आई. इसके बाद फ्री में कॉल करने की सुविधा आई. अब कॉल करने पर पैसा मिलने की सुविधा भी आ गई है, हालांकि यह सुविधा रिलायंस जियो ने नहीं सरकारी कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड ने दी है. कंपनी के इस प्लान से अन्य मोबाइल कंपनियों को कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है. इस नए प्लान के अनुसार बीएसएनएल अब उन लोगों को 6 पैसे प्रति काल देगा जो 5 मिनट से ज्यादा की कॉल करेंगे।
रिलायंस जियो को मिलेगी टक्कर हाल ही में रिलायंस जियो ने अपने ग्राहकों से दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने पर प्रति कॉल 6 पैसे लेने का फैसला किया है. लेकिन दूसरी तरफ बीएसएनएल ने यह नया प्लान जारी कर दिया है. कंपनी के इस प्लान से जियो सहित अन्य मोबाइल कंपनियों को कड़ी टक्कर मिलने की आशंका है. अब बीएनएनएल के जो भी कस्टमर 5 मिनट से ज्यादा समय की कोई भी कॉल करेंगे तो उन्हें कंपनी ऐसी प्रति काल के बदले 6 पैसे प्रति कॉल के हिसाब से भुगतान करेगी. किसको मिलेगा इस तरह की कॉल का फायदा बीएनएनएल अपने सभी ग्राहकों को यह ऑफर दे रहा है. इसका फायदा बीएसएनएल वायर लाइन, ब्रॉडबैंड और एफटीटीएच ग्राहकों को मिलेगा. उम्मीद है कि आर्थिक दिक्कत में चल ही बीएसएनएल को इस नए प्लान से ज्यादा ग्राहक और रेवेन्यू मिल सके.
इस टोल फ्री नंबर पर ले सकते हैं जानकारी
BSNL ने अपने यूजर्स के लिए नए ऑनलाइन पोर्टल की भी घोषणा की है. यही नहीं, यूजर्स की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 18003451500 की भी घोषणा की है, ताकि यूजर्स कनेक्शन लेने से पहले सारी प्रक्रिया को जान सके. बीएसएनएल का एक और अच्छा प्लान बीएसएनएल का एक और अच्छा प्लान बीएसएनएल लगातार नए नए प्लान के जरिए उपभोक्ताओं को लुभाने में लगा है. बीएसएनएल ने 108 रुपये का फर्स्ट रिचार्ज प्लान पेश किया है. इस प्लान में उपभोक्ताओं को 180 दिनों की वैधता और 28 दिनों के लिए फ्री कॉलिंग, डेटा और एसएमएस की सुविधा दी जा रही है।
आर्थिक दिक्कतों से जूझ रही है BSNL
बीएसएनएल इन दिनों आर्थिक दिक्कतों से जूझ रही है. सरकार ने बीएसएनएल और एमटीएनएल के लिए 69,000 करोड़ रुपये का एक विशेष पैकेज भी मंजूरी किया है. इसमें दोनों कंपनियों का मर्जर, संपत्तियों की बिक्री या लीज पर देना, कर्मचारियों के लिये वीआरएस की पेशकश जैसी बातें शामिल हैं।