जशपुर । जशपुर एसपी ने जिले के तपकरा थानेदार किरनेश्वर प्रताप सिंह को लाईन अटैच कर दिया है, थाना प्रभारी किरनेश्वर प्रताप सिंह के ऊपर लॉक डाउन को सख्ती से पालन कराए जाने के दौरान तपकरा के एल मछली व्यापारी को सड़क पर जमकर पिटाई किये जाने के आरोप है। जानकारी के मुताबिक बिगत 26 मार्च को लॉक डाउन के दौरान मछली का गंदा पानी घर से बाहर फेंके जाने की मौखिक शिकायत की जांच के दौरान थाना प्रभारी द्वारा मछली व्यापारी बसंत चौधरी को जमकर पीट दिया था जिसकी शिकायत पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंच गई थी । कुनकुरी एसडीओपी मनीष कुंवर इस मामले की जांच कर रहे थे, इनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी जशपुर ने कार्यवाही करते हुए थाना प्रभारी को लाईन अटैच कर दिया है।
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केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में भेजी मेडिकल खेप, प्रदेश में बढ़ेगी कोरोना की टेस्टिंग कैपिसिटी, रोजाना 3 सौ मरीजों की हो सकेगी जांच
रायपुर । कोरोना की जंग मजबूती से लड़ रहे छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी अच्छी खबर है। कल से छत्तीसगढ़ की टेस्टिंग कैपिसिटी बढ़ जायेगी। केंद्र सरकार से मिली प्रर्याप्त टेस्टिंग किट के बाद प्रदेश में अब जांच की क्षमता 6 से 10 गुणा तक बढ़ जायेगी।
अभी की मौजूदा परिस्थिति में हर दिन करीब 50 से 60 कोरोना संदिग्धों की जांच हो रही है, लेकिन टेस्टिंग किट और अन्य सुविधा मिल जाने के बाद अब प्रदेश में हर दिन 300 से 500 संदिग्धों की जांच हो जायेगी।
दरअसल प्रदेश में सरकारी आंकड़ों को ही देखें तो अभी तक सिर्फ 580 सैंपल ही लिये जा सकते हैं, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना पर लगाम लगाने के लिए लाकडाउन के साथ टेस्टिंग कैपिसिटी को भी बढ़ाना जरूरी है, ऐसे में छत्तीसगढ़ में कल से बढ़ रही टेस्टिंग कैपिसिटी प्रदेशवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।
छत्तीसगढ़ में दो सरकारी लैब एम्स और जगदलपुर में टेस्टिंग प्रोसेस चल रहा है, वहीं दो प्राइवेट लैब को भी छत्तीसगढ़ में मान्यता मिली हुई है। जाहिर है जितने ज्यादा से ज्यादा लोगों की टेस्टिंग हो पायेगी, उपचार में उतनी ही ज्यादा मदद मिलेगी। अभी प्रदेश में संदेह और लक्षण के आधार पर ही जांच हो रही है, जबकि मौजूदा वक्त में जरूरत हर उस शख्स की जांच की है, जिनमें थोड़े से भी सिम्टम नजर आते हैं।
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BIG BREAKING : छत्तीसगढ़ के कोरबा में सामने आया 8 वां और कोरोना पॉजिटिव
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना पॉजिटिव केस का आकंड़ा आज और बढ़ गया। हाल ही में लंदन से लौटे एक युवक की आई रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव निकला है, एम्स के डॉक्टरों ने इसकी पुष्टि की है। युवक कोरबा का निवासी है, उसे होम कोरेंटाइन में रखा गया था. बताया जा रहा है कि युवक की दोनों रिपोर्ट पॉजीटिव आई है. जानकारी के मुताबिक युवक को कोरबा से रायपुर एम्स लाया जा रहा है और उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
इसी के साथ राज्य में कोरोना पॉजिटिव 8 मामलों में से 4 मामले लंदन रिटर्न वालों के हो गए है। रविवार को ही राज्य कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में हुई बैठक में स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारीक ने सभी जिलों के कलेक्टरों से कहा था कि बीते एक महीने में लंदन से लौटने वाले सभी लोगों को क्वारनटाइन किया जाए। आपको बता दें कि प्रदेश में लंदन से लौटे लोगों की संख्या 73 है, अब इस नए केस के बाद माना जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग जल्दी ही सभी को क्वारेंटाइन कर सकता है।
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क्या सरकार ने नया वित्तीय वर्ष जुलाई से कर दिया? जानिए सच्चाई
सोशल मीडिया ग्रुप्स में ये बात जंगल में आग की तरह फैल गई कि 1 अप्रैल 2020 से शुरू होने वाला नया वित्तीय वर्ष बदल गया है, इससे पहले कि आप आगे पढ़ें हम पहले ही बता दें कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं होने जा रहा
नई दिल्ली. सोशल मीडिया ग्रुप्स में ये बात जंगल में आग की तरह फैल गई कि 1 अप्रैल 2020 से शुरू होने वाला नया वित्तीय वर्ष बदल गया है. इससे पहले कि आप आगे पढ़ें हम पहले ही बता दें हैं कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं होने जा रहा. यानी वित्तीय वर्ष जो फिलहाल 1 अप्रैल से 31 मार्च तक है, वो ही जारी रहेगा. वित्त मंत्रालय ने भी इस बात को स्पष्ट किया है।

तो फिर कंफ्यूजन कहां से आया?
दरअसल सरकार ने पिछले साल स्टांप ड्यूटी एक्ट में बदलाव किया है. इसके तहत स्टॉक मार्केट में क्लीयरिंग एजेंसीज और डिपॉजिटरीज के लिए सरकार पूरे देश में एक समान स्टांप ड्यूटी सिस्टम लाना चाहती थी। इस समय किसी भी शेयर या डिबेंचर की खरीद बिक्री होती है तो उस पर किसी एक राज्य में स्टांप ड्यूटी ज्यादा है तो किसी दूसरे राज्य में कम है. एक ही चीज़ कैलकुलेशन करने में अलग अलग राज्य के हिसाब से होने की वजह से बहुत असुविधा होती है, इसके अलावा इसमें स्टांप ड्यूटी चोरी का स्कोप भी है। सरकार इसे रोकना चाहती है और ऐसा यूनिफॉर्म सिस्टम लाना चाहती है जिसमें पूरे देश में शेयर डिबेंचर आदि स्टॉक मार्केट प्रोडक्ट पर एक-समान रूप से स्टांप ड्यूटी लगे. इसका हिसाब किताब ऐसा हो कि ये सेंटर के पास जमा हो और उसका हिस्सा राज्य को दिया जाए। सरकार ने इस बदलाव को लागू करने के लिए पहले 9 जनवरी 2020 की तारीख रखी थी, बाद में इसे बढ़ाकर 1 अप्रैल 2020 कर दी और अब कोरोना (Coronavirus) की वजह से इसे टालकर 1 जुलाई 2020 कर दिया।
सारी गफलत कुछ खास लोगों की वजह से हुई जो कई दिन से मांग कर रहे हैं कि वित्त वर्ष (Financial Year) कोरोना के नुकसान की वजह से बढ़ा दिया जाए, इसलिए वो हर नोटिफिकेशन में इसी तरह की कुछ बात ढूंढ रहे हैं। कुछ दिन पहले RBI के वित्त वर्ष के बारे में भी ऐसी ही गलत खबर चली और अब सोशल मीडिया पर ये लिखकर चलाया गया कि ये फाइनेंशियल ईयर में बदलाव है। जबकि सच तो ये है कि ये स्टांप ड्यूटी के नये नियम लागू करने की तारीख का टलना भर है, जंगल में आग की तरह सोशल मीडिया ग्रुप्स में ये बात फैल गई कि वित्तीय वर्ष बदल गया है, फिर तुरंत हरकत में आए वित्त मंत्रालय ने साफ किया कि ऐसा कुछ भी नहीं है, ये केवल स्टांप ड्यूटी के नये नियम लागू करने का मामला है।
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अच्छी खबर – सिर्फ 5 मिनट में कोरोना सैंपल जांच कर रिपोर्ट जारी करने वाली किट जल्द आ सकती है भारत
नई दिल्ली। कोरोना वारयस का कहर पूरी दुनिया में हाहाकार मचा दिया है। अब भी इसका प्रकोप बढ़ता ही नजर आ रहा है। इसी बीच कोरोना वायरस से बचने के लिए दवाइयों के साथ ही जांच करने वाली किट भी तैयार किए गए है, जिससे 2 दिनों के नहीं बल्कि 5 मिनट में रिपोर्ट जारी करेगी। संक्रमण की जांच से जुड़ी इस किट को अमेरिका में मंजूरी मिल गई है। कंपनी के लैब फिलहाल अमेरिका में उपलब्ध हैं, जबकि भारत में भी इस पोर्टेबल किट से जांच की सुविधा जल्द शुरू हो सकती है।

एक रिपोर्ट के अनुसार अपने नए टेस्ट किट से पांच मिनट में कोरोना जांच का रिजल्ट देने का दावा करने वाली अमेरिकी फार्मा कंपनी एबॉट ने कहा कि कंपनी भारत में भी कम समय में कोरोना जांच करने वाली यह सुविधा ला सकती है। उन्होंने कहा कि विश्वभर में ज्यादा से ज्यादा जगहों पर ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच वह अपने इस टेस्ट किट को पहुंचाना चाह रही है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा है कि कंपनी अपने लैब और अन्य टेस्टिंग प्लेटफॉर्मों पर कोरोना जांच की सुविधा लाने वाली है, ताकि दुनियाभर में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह सुविधा पहुंचे।
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खरसिया एसडीओपी की नगरवासियों से अपील…
खरसिया। पुलिस ने खरसिया नगरवासियों से अपील की है कि वे लॉक डाउन का पालन करें, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पीताम्बर पटेल ने नगरवासियों से अपील करते हुए कहा है कि फिलहाल रायगढ़ जिले में अभी तक कोरोना का कोई मामला नहीं मिला है. छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में एक जिले से दूसरे जिले में प्रवेश पर पाबंदी है, हमारे जिले में भी ये पाबंदी है और पूरी पुलिस की टीम इसके लिए रात भर और दिन भर मुस्तैदी से डटी हुई है खरसिया नगर को स्वस्थ और महामारी से मुक्त रखने के लिए हम ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि दूसरे जिले या बाहर से कोई संक्रमित व्यक्ति यहां आकर नगर में संक्रमण न फैलाएं….सभी जरुरतमंद व्यक्ति तक मदद पहुंच सके….
नगर वासियों के भी भरपूर सहयोग लॉक डाउन में मिल रहा है लेकिन अनेक जगहों पर देखा जा रहा है कि पेट्रोलिंग वाहनों के गुजरने के बाद लोग बाहर निकल रहे हैं, सुबह 5 से 9 ऐसे घूम रहे हैं जैसे कि वे 5 से 9 तक पूर्ण सुरक्षित हैं ऐसा करके आप अपने आप को और समाज को धोखा दे रहें हैं आप लोगों से अपील है कि अति आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें. सामान लेने भी परिवार से कोई एक व्यक्ति ही बाहर निकलें….
आप तभी सुरक्षित हैं जब तक आप अपने घरों में हैं घर से बाहर निकलते ही आप संक्रमण कि संभावना को बढ़ा देते हैं इसलिए आपसभी से अपील है कि आप पुलिस तथा प्रशासन को सहयोग करें, शहर के अंदर और शहर की सीमा पर पुलिस का लगातार पहरा है कि आप और शहर सुरक्षित रहे..
मेरी आप सभी नगरवासियों से अपील है कि शासन के सभी निर्देशों का पालन करें, घर मे ही रहें तथा खुद को, अपने परिवार को तथा अपने नगर को सुरक्षित रखें। -

पूर्व राज्यपाल अंशुमान सिंह ने अमेरिका से आए बेटे को एयरपोर्ट से लौटाकर दी सावधानी की मिसाल…
प्रयागराज। कडाउन का उल्लंघन न हो और कोरोना के संक्रमण का खतरा न बढ़े, इसलिए पूर्व राज्यपाल जस्टिस अंशुमान सिंह ने अमेरिका से आए अपने बेटे को चेन्नई एयरपोर्ट से ही वापस अमेरिका लौटा दिया। राजस्थान के साथ ही गुजरात के भी राज्यपाल रहे राजस्थान के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अंशुमान सिंह के बेटे ने भारत लौटने के लिए करीब छह महीना पहले ही फ्लाइट का टिकट बुक करा लिया था।
मिशन रोड पर रहने वाले पूर्व राज्यपाल जस्टिस अंशुमन सिंह ने अपने बड़े बेटे अरुण प्रताप सिंह तथा उनके परिवार को घर आने से रोक दिया।
अमेरिका में इन दिनों कोरोनावायरस का भारी संक्रमण है। पूर्व राज्यपाल ने ऐसी स्थिति में अपने बड़े बेटे अरुण प्रताप सिंह तथा अन्य रिश्तेदारों को भी घर पर आने से रोक दिया है। पिता के वापस जाने का निर्देश मिलने के बाद वह बिना मां से मिले दिल्ली होते हुए अमेरिका लौट गए हैं।
अरुण अमेरिका में नार्थ कोईराला स्टेट के रोली शहर में रहते हैं। वहां पर मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी के साथ बिजनेस भी करते हैं। अरुण की पत्नी जया सिंह एक कॉलेज में जॉब करती हैं, जबकि बेटा सिद्धार्थ पढ़ाई कर रहा है। अरुण की बेटी अनु सिंह सेंट जियागो में पढ़ाई करती हैं। अरुण अपनी पत्नी के साथ चेन्नई एयरपोर्ट पहुंचे। दरअसल, पूर्व राज्यपाल की पत्नी चंद्रावती देवी बीमार हैं। अमेरिका में रहने वाले बेटे अरुण उन्हें देखने के लिए आए थे। -

छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए सोनमणि बोरा नोडल अधिकारी नियुक्त
केंद्र – राज्य सरकारों से आवश्यक समन्वय और फंसे श्रमिकों की समस्याओं, ठहरने, भोजन आदि व्यवस्था के राज्य सरकार ने बनाया नोडल अधिकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के नियंत्रण के लिए लॉकडाउन से प्रभावित संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए श्रम विभाग के सचिव सोनमणि बोरा को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया है.
सोनमणि बोरा को लाॅक डाउन के दौरान ’छत्तीसगढ़ व अन्य राज्यो में फंसे श्रमिकों की समस्याओं, ठहरने, भोजन आदि व्यवस्था, केंद्र-राज्य सरकारों से समन्वय के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है. इस संबंध में केन्द्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार सामान्य प्रशासन विभाग ने आज यंहा मंत्रालय महानदी भवन से इस आशय के आदेश जारी कर दिया है.
सोनमणि बोरा का मोबाइल नम्बर 7587821800 है. श्रम विभाग द्वारा संचालित हेल्पलाइन नंबर 0771-2443809, 9109849992, 7587822800 पर संपर्क किया जा सकता है.
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देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 1000 के पार, 25 लोगों की मौत व 88 हुए ठीक,मगर लोगो का पलायन बन रहा समस्या….
लाॅकडाउन का पालन न करने पर केंद्र सख्त
नई दिल्ली। पूरे देश में लाॅकडाउन के बाावजूद भारत में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1000 के पार चली गई है जबकि अब तक इस वायरस से 25 लोगों की जान गई है और 88 मरीज ठीक होकर अपनों घरों में लौट चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 979 मरीजों की पुष्टि की है जबकि रविवार सुबह गुजरात में 58 नए केस सामने आए हैं जिससे देश में संक्रमितों की संख्या अब 1037 हो गई है। गुजरात स्वास्थ्य ने खुद 58 संक्रमित केसों की जानकारी दी है। पिछले 24 घंटे में भारत इस तरह संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ना परेशानी का सबसे बड़ा सबब है। सरकार अपनी तरफ से कोरोना के खिलाफ हर तैयारी कर रही है लेकिन बावजूद इसके देश के कई ऐसे नागरिक भी हैं जो लाॅकडाउन का पूरी से पालन नहीं कर रहे हैं। लाॅकडाउन की घोषणा के साथ ही कई प्रवासी मजदूरों ने दिल्ली से पलायन शुरु कर दिया जिसके चलते दिल्ली आनंद विहार भारी भीड़ देखने को मिली। दिल्ली एनसीआर नहीं बल्कि देश के दूसरे छोटे बड़े शहरों से भी लोगों का पलायन यूं ही जारी है, चाहे वो कानपुर हो, सोनीपत हो या फिर सिरसा या आगर मालवा। शनिवार को गृहमंत्रालय ने ऐलान भी किया था कि मजदूर पलायन न करें, उनके रहने और खाने के इंतजाम किए जाएंगे। वहीं दुनियाभर में भी इस महामारी हाहाकार मची हुई है। अकेले इटली में मरने वालों की संख्या शनिवार को 10,000 के पार पहुंच गई। 28 मार्च को इटली में 889 लोगों की मौत हुई तो वहीं पाकिस्तान में अब तक कोरोना वायरस के करीब 12 हजार संदिग्ध मामले सामने आए है। 202 देशों को अपना शिकार बना चुके कोरोना वायरस से दुनियाभर में अब तक 26 हजार से ज्यादा लोगं की मौत हो चुकी है और लाखों लोग इससे संक्रमित हैं।
कोरोना वायरस के प्रकोप की मार झेल रहे भारत के सामने इस समय पलायन एक गंभीर संकट बनकर खड़ा हो गया है। लाॅकडाउन के बावजूद सैंकड़ों की संख्या में मजदूर अपने गांवों की तरफ भाग रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्यों सरकारों को निर्देश जारी किए हैं। केंद्र सरकार ने कहा है । कि लाॅकडाउन का पालन करवाना डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट और एसपी की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार ने अपने आदेश में कहा कि सभी राज्यों और जिलों की सीमाएं सील कर दी जाएं और बाहर से आने वाले लोगों को सीमाओं पर ही कैंपों में रखा जाए। काम करने आने वाले मजदूरों के रहने का इंतजाम किया जाए और उनको समय से भुगतान किया जाए, ऐसे मेें आदेश न मानने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।केंद्र ने यह भी निर्देश दिए हैं कि पलायन पर आमादा मजदूरों के लिए उनके कार्यस्थल पर ही सारी सुविधाएं जुटा कर देनी होग। इसमें मजदूरों के वेतन-भत्ते भी शामिल हैं। बता दें कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने लाॅकडाउन का फैसला किया लेकिन शहरों से लोगों के पलायन के चलते यह लाॅकडाउन फेल होता दिखा। शनिवार से दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में भारी भीड़ देखी गई। वहीं कई लोग पैदल ही सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए निकल पड़े।
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प्रधानमंत्री ने कहा, कोरोना संदिग्धों के साथ भेद-भाव गलत….
दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के संदिग्धों या इसके कारण ‘होम क्वारंटीन’ में रखे गए कुछ लोगों के साथ भेदभाव करने की खबरों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि उनके साथ दुर्व्यवहार नहीं बल्कि सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार किये जाने की आवश्यकता है। मोदी ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम श्मन की बातश् में आज कहा कि इन लोगों ने समाज में इस रोग को फैलने से रोकने तथा अन्य लोगों को बचाने के लिए खुद को अलग-थलग किया है। कोरोना के संदिग्ध लोगों ने जिम्मेदारी का परिचय दिया है और उनके कारण कोई अन्य संक्रमित नहीं हो इसलिए वे खुद को अलग रखे है। ऐसी स्थिति में उनके साथ अच्छा बर्ताव नही हो, यह एकदम गलत है। उन्होंने कहा कि यह समय लोगों के बीच एक निश्चित सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंस) बना कर काम करने का है, ना कि भावनात्मक या मानवीय दूरी बनाने का है। हमें यह समझना होगा कि इन लोगों ने समाज केे दूसरे लोगों को बचाने के खुद को अलग किया है इसलिए उनके साथ बुरा बर्ताव नहीं किया जाना चाहिये। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए एक-दूसरे व्यक्ति से दूरी रखनी है ना कि एक दूसरे से सम्पर्क तोड़ना है। यह समय पुराने रिश्तों में नई ऊर्जा भरने का है और भावनात्मक दूरी को कम करने का है। उन्होंने कहा कि कई लोग उन्हें बता रहे है कि इन दिनों उन्हें अपने शौक पूरे करने और नया काम करने का अवसर मिल रहा है। पुराने मित्रों से बात करने और जिन किताबों को पढ़ने का अब तक मौका नहीं मिला, उन्हें पढ़ने का अवसर मिल रहा है।
