प्रबंधकों को नहीं दिया कमीशन, धान खरीदी से इनकार…
धान खरीदी की शुरुआत 1 नवंबर से शुरू होगी। इसमें अब करीब 15 दिन बचे है, लेकिन खरीदी के पहले सोसाइटी प्रबंधक और उनसे जुड़े कर्मचारियों में आक्रोश है। दरअसल सोसाइटी प्रबंधकों को पिछले साल का ही प्रोत्साहन राशि के अलावा कमीशन की राशि किसी भी सोसाइटी प्रबंधकों के खाते में जमा नहीं हुई है। ऐसे में धान खरीदी सोसाइटी प्रबंधक तैयारी कैसे करें, यह उनकी समझ में नहीं आ रहा है।
इसे देखते हुए सोसाइटी प्रबंधकों ने अपने अपने प्राधिकृत अधिकारियों को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि वे इस साल धान की खरीदी नहीं करेंगे, कोई दूसरा विकल्प ढूंढ लें। दरअसल सोसाइटी प्रबंधकों को 31 रुपए 25 पैसा प्रति क्विंटल कमीशन मिलता है। सोसाइटी प्रबंधकों का कहना है कि इस रकम के अलावा प्रोत्साहन राशि जो 5 रुपए प्रति क्विंटल मिलती है, वह भी नहीं दिया जा सका है। जिले के सभी 143 सोसाइटियों में 0 फीसदी शार्टेज है, उन्हें ही यह रकम देनी है। सभी इसी दायरे में आ रहे हैं।
सूखत का भी पेंच: दरअसल संग्रहण केन्द्रों में धान खरीदी के बाद 2 फीसदी सूखत मान्य होती है। यानि खरीदे गए धान की मात्रा का दो प्रतिशत कम हो तो सूखत बताकर एडजस्ट किया जाता है। ऐसे में इसमें सोसाइटी प्रबंधकों को राहत देने की मांग की जा रही है। सूखत के नाम पर काफी अधिक रकम कटौती कर दी जाती है।
17 से करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल: सेवा सहकारी समिति के सचिव युगल पटेल ने बताया कि धान सोसाइटियों में सूखत का प्रावधान करे, कमीशन की राशि जल्द उपलब्ध कराने के अलावा रकम 32 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए करने जैसे मांगों को लेकर 17 तारीख को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उसके बाद फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की बात कही है। सोसाइटियों को चलाने के लिए पर्याप्त फंड नहीं होने से कर्मचारियों और समिति चलाने आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में कमीशन में ही देने होंगे 20 करोड़ रुपए
धान खरीदी की कमीशन राशि करीब 20 करोड़ रुपए है। अफसर कहते हैं इसे जल्द रिलीज किया जाएगा। प्रोत्साहन राशि भी 5 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 2 करोड़ 85 लाख रुपए करीब दिया जाना है। रकम अपेक्स बैंक के माध्यम से सोसाइटियों के खातों में जमा होगी। पहले कमीशन की रकम ही जमा होगी, डीएमओ प्रवीण पैकरा ने बताया कि यह रकम राज्य स्तर पर जमा होनी है, कुछ दिनों में यह जमा होगी।