शिकायत के बाद दिल्ली से जांच के आदेश, मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों की रैगिंग , प्रबंधन ने 7 छात्रों को किया सस्पेंड…
जगदलपुर। संभाग के सबसे बड़े डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों की रैगिंग लेने का मामला प्रकाश में आया है. शिकायत मिलने पर मामले की जांच की गई. जांच में शिकायत सही पाए जाने पर कॉलेज प्रबंधन ने 7 सीनियर छात्रों को एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, बीते 8 अगस्त की देर रात डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के एक कमरे में कुछ सीनियर छात्र अपने जूनियर छात्रों की रैगिंग ले रहे थे. इस दौरान सीनियर छात्रों ने कुछ छात्रों की रैगिंग का नाम पर मारपीट भी कर दिया. रैगिंग से परेशान होकर एक जूनियर छात्र ने इसकी ऑनलाइन शिकायत एन्टी रैगिंग सेंट्रल कमिटी (दिल्ली) को कर दी. शिकायत मिलने के बाद डिमरापाल मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को दिल्ली से इस मामले की जांच करने का आदेश जारी हुआ।
आदेश के बाद मेकॉज प्रबंधन की एक टीम ने मामले की जांच शुरू की. जांच में दोषी पाए जाने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने 7 सीनियर छात्रों को एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया है. जिसकी पुष्टि डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ यूएस पैकरा ने की है।
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ यूएस पैकरा ने बताया कि इस मामले की ऑनलाइन शिकायत किसी छात्र ने एन्टी रैगिंग सेंट्रल कमेटी दिल्ली को की थी. एंटी रैगिंग सेंट्रल कमेटी के द्वारा आदेश जारी होने के बाद मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी की मीटिंग बुलाई गई, और मामले में जांच की गई. जांच में दोषी पाए जाने पर 7 सीनियर छात्रों को एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया है. उनका कहना था कि एंटी रैगिंग बीयूरो में अगर सीनियर द्वारा दी गई छोटी सी गाली की शिकायत पर भी तत्काल कार्यवाई करने का प्रावधान है।