रहें सतर्क! फर्जी बैंक लोन के लिए उपयोग हो सकता है आपका आधार पैन कार्ड…
रायपुर। राजधानी रायपुर के खमतराई थाना इलाके के एक युवक के साथ दिल्ली में धोखाधड़ी हुई है. अज्ञात आरोपी ने वैभव के नाम से फर्जी पैन कार्ड बनाकर दिल्ली स्थित बैंक से लाखों रुपए का लोन पास लिया. पीड़ित जब बैंक में लोन लेने पहुंचा, तब ठगे जाने का एहसास हुआ. शिकायत के बाद खमतराई पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट का मामला दर्ज किया है।
खमतराई पुलिस के मुताबिक शिवानंद निवासी वैभव श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई गई है कि अज्ञात आरोपी ने उसके नाम से फर्जी पैनकार्ड बनाकर दिल्ली स्थित बैंक से लाखों का लोन पास करा लिया. बैंक लोन लेने जाने पर पहले ही लोन ले लेने की जानकारी मिली. वैभव ने इसकी शिकायत पर थाना खमतराई में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 420, 511, आईपीसी 66, 66D, और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है. फिलहाल आरोपी की तलाश की जा रही है।
तेजी से बढ़ रहे साइबर क्राइम को देखते हुए आपको भी अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड का नंबर भी अपने एटीएम पिन की तरह सुरक्षित रखना जरूरी है. रिजर्व बैंक के अधिकारियों की मानें, तो देश में कई मामले सामने आये हैं, जिनमें आधार कार्ड और पैन कार्ड लेकर ऑनलाइन वेबसाइट (Online Website) की मदद से साइबर अपराधियों ने असली कार्डधारक का नाम और मोबाइल नंबर, पता भी बदल दिया और बैंक से लाखों रुपये का लोन ले लिया. इसीलिए आपको भी सतर्कता बरतने की जरूरत है।
कभी भी अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड का नंबर भी अपने एटीएम पिन की तरह किसी भी हाल में साझा नहीं करें. आये दिन हजारों लोगों के पास लोन स्वीकृत होने से संबंधित फोन विभिन्न बैंकों के नाम पर आते रहते है. अधिकारियों की मानें, तो बैंक के नाम पर जालसाज फोन कर लोगाें से लोन स्वीकृत होने की सूचना देते हैं और खाता, आधार व पैन नंबर मांगते हैं।
फोन पर ऑनलाइन ऑफर देने वाले कॉल पर किसी तरह की सूचना साझा नहीं करें. बैंकों के अलावा जालसाज भी इसी प्रक्रिया का पालन कर सारी जानकारी एकत्र कर लेते हैं और उसका उपयोग कर लेते हैं. मोबाइल पर आये मैसेज को नहीं खोलना चाहिए और न ही जबाव देना चाहिए. अगर बार-बार कॉल आता है, तो इसकी शिकायत स्थानीय थाना और साइबर सेल से करनी चाहिए।
आपकी जानकारी के बिना किसी के आइडी पर लाखों-लाख रुपये का लोन स्वीकृत करा कर अपने खाते में ट्रांसफर करवा कर रुपये निकाल लिये जाते हैं. जालसाजी करने वाले के कारण सिबिल रिकॉर्ड बिगड़ जाता है और कोई भी बैंक फिर लोन नहीं देता है।
फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार करने के लिए मोबाइल एप और फोटोशॉप जैसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए फाइनेंशियल कंपनियों और निजी बैंकों में ऋण देने के लिए जो आधार कार्ड व पैन कार्ड बता जमा कराया जाता है. उससे भी क्लोनिंग कर फर्जी आई कार्ड बनाये जा रहे हैं. इसीलिए बैंकों और अन्य वित्तीय कंपनियों द्वारा किसी भी तरह के लोन की स्वीकृति के पहले आधार कार्ड व पैन कार्ड की वैधता की तकनीकी जांच कर लेनी चाहिए।