आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई उन्नाव गैंगरेप पीड़िता, मौत से पहले बोली थी, ‘मेरी ये हालत करने वाला कोई जिंदा न बचे’
दिल्ली। गैंगरेप का शिकार हुई उन्नाव की पीड़िता ने दम तोड़ दिया है. शुक्रवार देर रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान रात 11 बजकर 40 मिनट पर मौत हो गई. पीड़िता को जेल से बेल पर रिहा हुए आरोपियों ने जलाकर मारने की कोशिश की थी. जिससे वो 90 प्रतिशत जल चुकी थी. जिसके बाद लखनऊ से एयर लिफ्ट कर उसे सफदरजंग अस्पताल में दाखिल कराया गया था. डॉक्टरों के मुताबिक उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।
उन्नाव पीड़िता 5 दिसंबर को इसी केस के सिलसिले में रायबरेली कोर्ट जाने के लिए निकली थी. उसी दौरान जेल से छूटे आरोपियों ने उसे जिंदा आग के हवाले कर दिया. जिससे वो 90 फीसदी जल गई थी.दरअसल उन्नाव की बेटी के साथ दिसंबर साल 2018 में रेप हुआ था. पुलिस के पास दर्ज पीड़िता के बयान के मुताबिक गांव के ही शिवम त्रिवेदी नाम के शख्स ने शादी का झांसा देकर उसके साथ रेप किया।
रेप के दौरान उसका वीडियो बनाया और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ बार-बार रेप किया. इस दौरान शिवम के साथ उसके दोस्त शुभम समेत पांच लोगों ने इस घिनौनी हरकत में उसका साथ दिया.पीड़िता की मौत के बाद अब परिवार आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहा है. सभी पांच आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं. एसआईटी जांच भी हो रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल्द से जल्द इंसाफ दिलाने का भरोसा भी दिलाया है.वहीं अब पीड़िता के परिजनों व रिश्तेदारों का कहना है कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. ऐसे देखना यह होगा कि अब पीड़िता को सरकार किस तरह से न्याय दिलाती है।

पीड़िता के पास में खड़े अस्पताल के बर्न यूनिट के हेड डॉ. शलभ और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि उसके मुंह से निकली हुई बातें इतनी ही समझ में आ रहीं थी कि वह जानना चाह रही थी कि वह बच जाएगी न. डॉक्टरों ने बताया कि उसने इशारों में और हल्की आवाज में कहा कि वह मरना नहीं चाहती है. उसने यह भी कहा कि उसके साथ ऐसा करने वाला कोई बचे न।
गैंगरेप पीड़िता जिंदगी की जंग हार गई, लेकिन मरने से पहले उसने भावुक होकर कहा था कि वह मरना नहीं चाहती है और उसके साथ ऐसा करने वाला कोई जिंदा नहीं बचना चाहिए. अब क्या सरकार उसके गुनाहगारों को फांसी की सजा देगी ? क्योंकि उसके परिजन भी यही मांग कर रहे हैं कि आरोपियों को फांसी हो या फिर हैदराबाद की तरह एनकाउंटर कर दिया जाए.