प्रदेश के सभी अस्पतालों के कर्मचारियों का होगा पुलिस वेरिफिकेशन, बीजेपी विधायक की मांग पर स्वास्थ्य मंत्री ने की घोषणा…
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू हो चुकी है। आज सदन की कार्यवाही का तीसरा दिन है। विधानसभा के तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल मेकाहारा में लापरवाही का मामला गूंजा। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री सत्ता पक्ष के ही विधायकों के सवालों से घिरते नजर आएं। बीजेपी विधायक धरम लाल कौशिक ने अस्पताल मेकाहारा में बड़ी लापरवाही का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि यहां कार्यरत कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन का प्रावधान ही नहीं है।
विधायक कौशिक का कहना है कि बिना सत्यापन कर्मचारियों की भर्ती से मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। अस्पताल में चोरी की घटनाएं हो रही है। गार्डों द्वारा पत्रकारों से मारपीट किया जाता है। क्योंकि बिना वेरिफिकेशन के लोगों को रख लिया गया है, विधायक ने आरोप लगते हुए कहा कि जानबूझ कर एजेंसी को लाभ पहुंचाने के लिए नियम तोड़ा गया है।
मंत्री जायसवाल ने की बड़ी घोषणा
वहीं सदन में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जवाब देते हुए कहा कि मेकाहारा और डीकेएस के कर्मचारियों का वेरिफिकेशन करा लिया गया है। मंत्री जायसवाल ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब से सारे अस्पतालों के प्लेसमेंट कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन किया जाएगा। जिस हॉस्पिटल में पहले से ही टेंडर हो चुका वहां भी वेरिफिकेशन की जाएगी।