जज के साथ विस्तारा एयरलाइंस ने धोखाधड़ी की, 1 लाख का जुर्माना…

जज के साथ विस्तारा एयरलाइंस ने धोखाधड़ी की, 1 लाख का जुर्माना…

छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने विस्तारा एयरलाइंस को सेवा में गंभीर कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार का दोषी ठहराते हुए उस पर 1.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसमें से 10 हजार रुपये मुकदमे में लगा खर्च है। यह राशि शिकायतकर्ता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) भूपेंद्र कुमार वासनीकर को मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। आयोग ने यह भी साफ किया कि अगर निर्धारित समय सीमा यानी 45 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो एयरलाइंस को इस राशि पर सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।पूरा मामला कांकेर में पदस्थ एडीजे भूपेंद्र कुमार वासनीकर से जुड़ा है।

जज अपने परिवार के साथ कश्मीर में छुट्टियां बिताने के बाद 28 मई 2023 को दिल्ली से रायपुर लौट रहे थे। उन्होंने नौ मई को ही 23,156 रुपये का भुगतान कर विस्तारा फ्लाइट के चार कन्फर्म टिकट बुक करा लिए थे। 28 मई को उड़ान के समय से चार घंटे पहले (दोपहर दो बजे) वे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गए थे। इसके बावजूद विस्तारा के कर्मचारियों ने उन्हें तीन घंटे तक बोर्डिंग पास जारी नहीं किया। अंत में उड़ान से एक घंटे पहले ओवरबुकिंग का हवाला देकर जज का कन्फर्म टिकट रद कर दिया गया और केवल उनकी पत्नी व बेटे-बेटी को रायपुर भेजा गया। एडीजे को मजबूरी में दिल्ली में ही रुकना पड़ा और अगले दिन उन्हें इंडिगो एयरलाइंस की 18,823 रुपये का टिकट खरीदकर रायपुर आना पड़ा।

आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू और सदस्य आनंद वर्गीस की पीठ ने सुनवाई के दौरान एयरलाइन कंपनी के रवैये पर बेहद तीखी टिप्पणी की। आयोग ने पाया कि जज ने जो टिकट नौ मई को 7,204 रुपये में खरीदा था, उसे एयरलाइन ने 28 मई को किसी अन्य यात्री को 40 हजार रुपये में बेच दिया। एयरलाइन का दावा था कि कोई वैकल्पिक फ्लाइट उपलब्ध नहीं थी, इसलिए उन्होंने किराए का चार गुना रिफंड कर दिया। आयोग ने इसे खारिज करते हुए कहा कि जज ने अगले ही दिन खुद इंडिगो की फ्लाइट से टिकट बुक कर यात्रा की, जिससे साफ है कि विकल्प मौजूद थे।

Sunil Agrawal

Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *