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पुलिस परिवारों ने कहा: 8-10 साल से नक्सल क्षेत्र में ड्यूटी, फिर भी ट्रांसफर नहीं…

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पिछले 8 से 10 वर्षों से पदस्थ निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों के स्थानांतरण की मांग को लेकर मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के परिजन पुलिस महानिदेशक … (डीजीपी) से मुलाकात करने पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि चार दिन पहले ही मुलाकात के लिए आवेदन देने के बावजूद उन्हें डीजीपी से मिलने का अवसर नहीं दिया गया, जिससे उनमें भारी नाराजगी देखी गई।

जानकारी के अनुसार, लगभग 200 निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों के माता-पिता, पत्नी, बच्चे और अन्य परिजन अपने परिवार के सदस्यों के वर्षों से लंबित स्थानांतरण की मांग लेकर पुलिस मुख्यालय पहुंचे थे। उनका कहना था कि वे डीजीपी से यह जानना चाहते थे कि आखिर उनके परिजनों का स्थानांतरण कब होगा, लेकिन उन्हें मुलाकात का समय नहीं दिया गया। परिजनों का आरोप है कि डीजीपी ने अन्य लोगों से मुलाकात की, जबकि वे उनसे नही मिले ।
परिजनों का कहना है कि उनके परिवार के सदस्य पिछले 8 से 10 वर्षों से लगातार नक्सल प्रभावित और अनुसूचित क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कई बार विभाग को स्थानांतरण के लिए आवेदन भी दिया, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। उनका कहना है कि इस लंबे कार्यकाल का असर पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके परिवारों पर भी पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल और पारिवारिक जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।
परिजनों ने यह भी दावा किया कि स्थानांतरण को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट में विभाग की ओर से यह जानकारी दी गई थी कि अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों का सामान्यतः तीन वर्ष बाद मैदानी क्षेत्रों में स्थानांतरण किया जाता है। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यही नीति लागू है तो बड़ी संख्या में निरीक्षक और उपनिरीक्षक 8 से 10 वर्षों से नक्सल क्षेत्रों में ही क्यों पदस्थ है।

पुलिस परिवारों की बात सुनने के बजाय उन्हें मिलने से रोक दिया

संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान ने आरोप लगाया कि पुलिस परिवारों की बात सुनने के बजाय उन्हें मिलने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि स्थानांतरण प्रक्रिया किसी कारणवश प्रभावित है तो विभाग को इसकी स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और परिवार के सदस्यों को डीजीपी तक पहुंचने नहीं दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लंबे समय से लंबित स्थानांतरण की मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

Sunil Agrawal
Sunil Agrawal
Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222
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